होम /न्यूज /दुनिया /

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जो बाइडन का PM मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू को पत्र, द्विपक्षीय संबंध कायम रखने लिए अमेरिका प्रतिबद्ध

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जो बाइडन का PM मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू को पत्र, द्विपक्षीय संबंध कायम रखने लिए अमेरिका प्रतिबद्ध

राष्ट्रपति जो बाइडन ने भारत के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अलग-अलग पत्र लिखे हैं.  (फोटो News18)

राष्ट्रपति जो बाइडन ने भारत के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अलग-अलग पत्र लिखे हैं. (फोटो News18)

India-US relationship: राष्ट्रपति जो बाइडन ने भारत के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अलग-अलग पत्र लिखे हैं. अमेरिकी सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी. यहां ‘इंडिया हाउस’ में सोमवार को भारतीय स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उप विदेश मंत्री (प्रबंधन और संसाधन) ब्रायन पी मककियोन ने अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू को यह पत्र सौंपे.

अधिक पढ़ें ...

हाइलाइट्स

राष्ट्रपति बाइडन ने भारत के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर PM मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू को अलग-अलग पत्र लिखे हैं.
अमेरिकी उप विदेश मंत्री ने भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू को यह पत्र सौंपे.
अमेरिकी उप विदेश मंत्री ने कहा अमेरिका, भारत के साथ द्विपक्षीय संबंध कायम रखने लिए 1947 से प्रतिबद्ध है.

वाशिंगटन. राष्ट्रपति जो बाइडन ने भारत के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अलग-अलग पत्र लिखे हैं. अमेरिकी सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी. यहां ‘इंडिया हाउस’ में सोमवार को भारतीय स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उप विदेश मंत्री (प्रबंधन और संसाधन) ब्रायन पी मककियोन ने अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू को यह पत्र सौंपे.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मककियोन ने कहा मैंने राजदूत को राष्ट्रपति की ओर से दो पत्र दिए हैं. एक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए और दूसरा राष्ट्रपति मुर्मू के लिए. मैं यहां जो कुछ भी कहूंगा उससे ज्यादा बातें इन पत्रों में कही गई हैं. उन्होंने अपने संबोधन में आगे कहा कि कुछ ही ऐसे गठजोड़ हैं जो अमेरिका और भारत के बीच साझेदारी से अधिक महत्वपूर्ण हैं.

मककियोन ने आगे कहा कि डेलावेयर से सीनेटर के तौर पर शुरुआत करते हुए, राष्ट्रपति बाइडन ने इस साझेदारी को आगे ले जाने का काम किया है. उन्होंने आगे कहा कि मैंने उनके लिए 20 वर्षों तक सीनेट में काम किया. वर्ष 2006 में जब सीनेट में भारत और अमेरिका के बीच नागरिक परमाणु संधि पर मतदान हो रहा था, तब उन्होंने कहा था कि 21वीं शताब्दी में सुरक्षा के स्तम्भों की बात की जाए तो उनमें से दो भारत और अमेरिका होंगे.

उन्होंने इस दौरान कहा कि अमेरिका, भारत के हिंद-प्रशांत आर्थिक ढांचे में शामिल होने के निर्णय का स्वागत करता है. मककियोन ने कहा कि भारत क्वाड का भी एक अहम सदस्य है.

उप विदेश मंत्री ने आगे कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर पर गत 75 वर्षों की उपलब्धियों को देखते हुए हमें याद रखना चाहिए कि लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को स्वतंत्रता की रक्षा करना कितना अहम है जिसके लिए दोनों देशों के लोगों ने संघर्ष किया है. दोनों देशों में लोकतंत्र की रक्षा करना हर पीढ़ी का दायित्व है. मककियोन ने कहा कि अमेरिका, भारत के साथ द्विपक्षीय संबंध कायम रखने लिए 1947 से प्रतिबद्ध है.

Tags: India US, US President Joe Biden

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर