दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल रह चुका कारोबारी हुआ दिवालिया, संपत्ति होगी नीलाम

साने एक समय दुनिया के 100 सबसे अमीर लोगों में शामिल थे. साल 2007 में फॉर्ब्‍स की दुनिया के 100 सबसे अमीरों की सूची में उन्‍हें जगह मिली थी.

रॉयटर्स
Updated: September 16, 2018, 11:22 PM IST
दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल रह चुका कारोबारी हुआ दिवालिया, संपत्ति होगी नीलाम
मार्च में एतकान ने पहले फेज के तहत साद ग्रुप के लगभग 900 वाहन नीलाम किए थे. (Photo: Reuters)
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Updated: September 16, 2018, 11:22 PM IST
सऊदी अरब जल्‍द ही अरबपति कारोबारी मान अल साने की संपत्ति को नीलाम करेगा. साने दिवालिए हो चुके हैं और उन्‍हें दिए गए कर्ज को वसूलने के लिए सऊदी सरकार ने यह फैसला किया है. इसके तहत अगले महीने सं‍पत्ति की नीलामी होगी और कर्ज चुकाया जाएगा. इस मामले से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी. साने एक समय दुनिया के 100 सबसे अमीर लोगों में शामिल थे. साल 2007 में फोर्ब्‍स की दुनिया के 100 सबसे अमीरों की सूची में उन्‍हें जगह मिली थी लेकिन 2009 में उनकी कंपनी साद ग्रुप के दिवालिया होने के चलते पिछले साल उन्‍हें हिरासत में ले लिया गया था.

पिछले नौ साल से लेनदार साद ग्रुप से कर्ज अदायगी का केस लड़ रहे थे. यह सऊदी अरब के इतिहास का सबसे बड़ा कर्ज विवाद है. तीन जजों के ट्रिब्‍यूनल ने पिछले साल एतकान अलायंस को कर्ज विवाद निपटारे के लिए प्रोपर्टी की नीलामी की जिम्‍मेदारी दी थी. एतकान पांच महीनों में रियाद और जेद्दा में नीलामी कराएगा. पहली नीलामी अक्‍टूबर के आखिरी महीने में होगी. इसमें पूर्वी राज्‍य के खोबर और दम्‍मम में मौजूद आवासीय इमारतों, बिना निर्माण वाले वाणिज्यिक प्‍लॉट और फार्म पर बोली लगाई जाएगी.

एक सूत्र ने अनुमान लगाते हुए बताया कि यह नीलामी एक से दो बिलियन रियाल यानी लगभग 19.20 से 38 अरब रुपये तक पहुंच सकती है. लेनदार से जुड़े ए सूत्र ने बताया कि प्रोपर्टी मार्केट में मंदी के चलते नीलामी की प्रक्रिया में देरी हुई. मार्च में एतकान ने पहले फेज के तहत साद ग्रुप के लगभग 900 वाहन नीलाम किए थे. इनमें ट्रक,बस, गोल्‍फ कार्ट और जेसीबी जैसे वाहन शामिल थे.

इस नीलामी से तकरीबन 125 मिलियन रियाल यानी 2.40 अरब रुपये जुटाए गए थे. यह पैसे लेनदारों को चुकाने के साथ ही साद ग्रुप के कुछ कर्मचारियों को भी दिए गए थे. सूत्रों ने बताया कि आगामी नीलामी से आने वाला पैसा 34 लेनदारों को दिया जाएगा. हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि नीलामी के बाद क्‍या साने को रिहा कर दिया जाएगा.

साद ग्रुप बैंकिंग से लेकर हेल्‍थकेयर तक में काम करता था लेकिन 2009 में यह दिवालिया हो गए. इस पर बैंकों का 22 बिलियन डॉलर बकाया था. इनमें स्‍थानीय बैंक जैसे मशरीक और विदेशी जैसे बीएनपी पेरिबास व सिटी बैंक शामिल हैं.
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