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पुल से लटका मिला पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग का पुतला, दुनियाभर में मचा बवाल

News18Hindi
Updated: October 7, 2019, 9:19 PM IST
पुल से लटका मिला पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग का पुतला, दुनियाभर में मचा बवाल
पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग का पुतला रोम के एक पुल से लटका मिला (फोटो क्रेडिट- वर्जीनिया रग्गी)

सोशल मीडिया (Social Media) में पोस्ट की गई इस तस्वीर में लंबे बालों वाले एक पुतले को रोम (Rome) के एक पुल के नीचे लटका देखा जा सकता है. पुतले (Effigy) पर एक निशान भी बना हुआ है, जिस पर लिखा है, 'ग्रेटा तुम्हारा भगवान है.'

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  • Last Updated: October 7, 2019, 9:19 PM IST
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रोम. टीनएज पर्यावरण कार्यकर्ता (Teenage Climate Activist) ग्रेटा थनबर्ग (Greta Thunberg) का पुतला (Effigy) रोम (Rome) एक पुल के नीचे सोमवार को लटका मिला. जिसके बाद इटली (Italy) प्रशासन ने उनके खिलाफ बढ़ती धमकियों को ध्यान में रखते हुए जांच जारी कर दी है.

सोशल मीडिया (Social Media) पर पोस्ट की गई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि दो चोटियों वाला एक पुतला पुल के नीचे लटका हुआ है जिस पर एक निशान बना हुआ है. उसपर अंग्रेजी में लिखा हुआ है, "ग्रेटा आपका भगवान है" (Greta is your God).

नेताओं ने कहा, 'थनबर्ग परिवार के साथ है पूरा शहर'
यहां नेताओं ने इस घटना की आलोचना की है और रोम की मेयर वर्जीनिया रग्गी (Virginia Raggi) ने एक ट्विटर मैसेज में कहा है कि पूरा शहर थनबर्ग परिवार के साथ है.

वामपंथी पीडी पार्टी की नेता (Leftist PD party leader) निकोला जिंगेरेट्टी ने इस घटना की निंदा की है और इस घटना को 'जघन्य हिंसा' बताया है. उन्होंने यह भी कहा है कि उनकी पार्टी इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विचारों को तरह नहीं है.

फ्राइडेस फॉर फ्यूचर कैंपेन की शुरुआत कर हुईं थीं पॉपुलर
16 साल की स्वीडिश एक्टिविस्ट ने पिछले साल 'फ्राइडेस फॉर फ्यूचर' (Fridays For Future) नाम का कैंपेन लॉन्च करने के बाद अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आ गई थीं. इस कैंपेन के तहत उन्होंने दुनिया भर के स्टूडेंट्स को अपनी संसद (Parliament) के बाहर प्रदर्शन करने को कहा था.
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सैकड़ों-हजारों की संख्या में स्कूल छात्र और बड़े थनबर्ग के इस आह्वान को मानते हुए पिछले महीने ग्लोबल स्ट्राइक में यूएन क्लाइमेट समिट (UN Climate Summit) के बाहर प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हुए थे.

यह भी कहा जा रहा है कि ग्रेटा को पर्यावरण को बचाने के लिए उनके प्रयासों के चलते इस साल का नोबेल पीस प्राइज यानि शांति का नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) दिया जा सकता है.

यह भी पढ़ें: जानें कौन हैं वो ​तीन दिग्गज, जिन्हें मिला चिकित्सा में इस साल का नोबेल प्राइज

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First published: October 7, 2019, 8:23 PM IST
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