जापान में मिलीं सैकड़ों साल पुरानी 1,500 मानव हड्डियां, हाथ-पैरों पर थे निशान

जापान में मिलीं सैकड़ों साल पुरानी 1,500 मानव हड्डियां, हाथ-पैरों पर थे निशान
फाइल फोटो.

ओसाका सिटी कल्चरल प्रॉपर्टीज एसोसिएशन (Osaka City Cultural Properties Association) ने कहा कि साइट पर दफनाए गए लोग ओसाका कैसल शहर के आसपास के स्थानीय निवासी थे. कुछ लोगों ने देखा कि उनके हाथ और पैरों पर बीमारी (Disease) के निशान थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 27, 2020, 4:49 PM IST
  • Share this:
टोक्यो. पश्चिमी जापानी शहर ओसाका में एक खुदाई के दौरान लगभग 160 साल पुरानी 1,500 से अधिक मानव हड्डियों (Human Bones) का पता चला है. शहर के अधिकारियों ने कहा है कि इस इलाके को एक वक्त दफनाने वाली साइट माना जाता था. इस साइट को उम्दा मकबरा (Umeda Tomb) कहा जाता है. यह साइट 1850 के दशक के अंत में ईदो और शुरुआती मीजी काल के सात ऐतिहासिक कब्र स्थलों में से एक मानी जाती है. अधिकारियों का मानना है कि हड्डियां ऐसे लोगों की हैं, जिनकी मृत्यु ईदो काल (1603-1867) और प्रारंभिक मीजी एरा (1868-1912) के बीच हुई थी.

शोधकर्ताओं को साइट पर 350 कब्रें मिली. साथ ही जानवरों के अवशेषों सहित चार पिगलेट, घोड़े और बिल्लियां भी इसमें शामिल थी. शहर के अधिकारियों ने इस महीने की शुरुआत में यहां चल रहे निर्माण कार्य के दौरान यह बड़ी घोषणा की है. ओसाका सिटी कल्चरल प्रॉपर्टीज़ एसोसिएशन ने कहा कि साइट पर दफनाए गए लोग ओसाका कैसल शहर के आसपास के स्थानीय निवासी थे. कुछ लोगों ने देखा कि उनके हाथ और पैरों पर बीमारी के निशान थे. जानकारों का कहना है कि ये लोग किसी महामारी या प्राकृतिक आपदा का शिकार हुए थे.

महामारी के कारण एक साथ दफनाए शव
विशेषज्ञों का मानना है कि महामारी की बीमारी से संबंधित मौतों के कारण उन्हें एक साथ दफनाया गया था. अवशेषों का अध्ययन करने वाले ओसाका सिटी कल्चरल प्रॉपर्टीज़ एसोसिएशन के अधिकारियों ने कहा कि उनका मानना है कि वे ऐसे युवा थे जो 1800 के दशक के अंत में मारे गए थे. कई अवशेष छोटे गोल छेद में थे. पुरातत्वविदों को कई अवशेषों वाले ताबूत मिले, यह एक संकेत है कि एक महामारी के कई पीड़ितों को एक साथ दफन किया गया था. विशेषज्ञों ने साइट पर लगभग 350 कलश मिले, जो इस बात के संकेत हैं कि शवों का अंतिम संस्कार किया गया था. खुदाई में वहां सिक्के, बौद्ध प्रार्थना मोतियों, कंघी, कप और मिट्टी की गुड़िया जैसे सामान भी मिले., जिनके बारे में माना जाता था कि उन्हें मृतकों के साथ दफनाया जाता था.
ये भी पढ़ें: ये है दुनिया की सबसे मंहगी सब्जी, कीमत सुनकर उड़ जाएंगे होश



ओसाका में सात कब्रिस्तान
दफनाने वाली जगह ओसाका कैसल के पास शहरी समुदाय के बाहर एक कृषि क्षेत्र हुआ करता था और शहर के सात प्रमुख कब्रिस्तानों में से एक था. बौद्ध परंपरा के तहत मध्य गर्मियों के बॉन सीजन के दौरान लोग अपने पूर्वजों के लिए प्रार्थना करने के लिए कब्रिस्तानों के आसपास आते थे. व्यापारियों के शहर ओसाका का निर्माण करने वाले सामान्य लोगों के जीवन के बारे में अधिक जानने के लिए हड्डियों पर एक वैज्ञानिक विश्लेषण करने की योजना बनाई है. ओसाका में सात कब्रिस्तान हुआ करते थे, प्रत्येक शहरी केंद्र से दूर स्थित था. 1900 के दशक में कई कब्रिस्तान बंद हो गए या शहरी क्षेत्र के विस्तार के साथ यह ख़त्म हो गए.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज