भड़काऊ भाषण देकर हिंसा भड़काने के जुर्म में जेल जा सकते हैं ट्रंप, 20 जनवरी का इंतज़ार

20 जनवरी के बाद जेल जा सकते हैं ट्रंप.  (फ़ाइल फोटो)

20 जनवरी के बाद जेल जा सकते हैं ट्रंप. (फ़ाइल फोटो)

Capitol Hill Violence: एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के 200 से ज्यादा सांसद ट्रंप (Donald Trump) को महाभियोग के जरिए सत्ता से हटाने के पक्ष में हैं. अगर ऐसा नहीं भी होता है तो 20 जनवरी को पद छोड़ने के बाद उन्हें राजधानी में हिंसा भड़काने के जुर्म में गिरफ्तार किया जा सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 8, 2021, 9:14 PM IST
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वाशिंगटन. अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन के कैपिटल में ट्रंप समर्थकों की हिंसा (Capitol Hill Violence) के लिए निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को जेल जाना पड़ सकता है. एक रिपोर्ट के मुताबिक 200 से ज्यादा अमेरिकी सांसद ऐसे हैं जो चाहते हैं कि ट्रंप पर न सिर्फ महाभियोग चले बल्कि 20 जनवरी से पहले ही उन्हें राष्ट्रपति पद से हटा दिया जाए. इसके अलावा 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा देते ही ट्रंप को राजधानी में भड़काऊ बयान के जरिए हिंसा भड़काने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया जाए.

THE HILL की एक रिपोर्ट के मुताबिक कई सांसद संविधान के 25वें संशोधन का इस्तेमाल करने के पक्ष में हैं. ट्रंप की मुश्किलें इसलिए बढ़ सकती हैं क्योंकि उनकी कैबिनेट और पार्टी में भी अब उनके खिलाफ विरोध मुखर होने लगा है. CNN की रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल ट्रंप पर महाभियोग चलाने का कोई तुक नहीं बनता. उन्हें हटाना इसलिए मुश्किल है क्योंकि भले ही हिंसा के बाद माइक पेंस ने कड़ा रुख अपनाया था लेकिन वे अभी भी अनुच्छेद 25 का इस्तेमाल करने के पक्ष में नहीं हैं. पेंस भले ही ट्रंप के बारे में नहीं सोच रहे लेकिन उन्हें पार्टी की साख पर बट्टा लगने का डर सता रहा है. ऐसा भी हो सकता है कि चार साल बाद पेंस ही रिपब्लिकन्स की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनें.

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ट्रंप के जेल जाने की भी चर्चा
USA TODAY की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी जांच एजेंसियों के पास इस बात के पुख्ता और तमाम सबूत हैं कि गुरुवार की हिंसा ट्रंप के भड़काऊ भाषण के बाद ही शुरू हुई. कॉर्नेल लॉ इंस्टीट्यूट के प्रोफेसर डेविड ओह्लिन ने कहा- बिल्कुल, हिंसा के लिए ट्रंप जिम्मेदार हैं, उन्होंने अपराध किया है और उन पर केस चलना चाहिए. जॉर्ज वॉशिंगटन लॉ यूनिवर्सिटी के डीन फ्रेडरिक लॉरेंस भी यही कहते हैं. कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल माइकल शेरविन ने कहा- जो जिम्मेदार हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. हालांकि ट्रंप चाहें तो इन 12 दिनों में ओनी हर गलती के लिए खुद को प्रेसिडेंशियल माफ़ी दे सकते हैं. हिंसा के केस में ट्रंप के उकसावे के लिए कोई सबूत मिलना भी मुश्किल है.

देशद्रोह के इस कृत्य के जिम्मेदार ट्रंप

द वाशिंगटन पोस्ट ने अपने संपादकीय का शीर्षक ‘ट्रंप की वजह से कैपिटल परिसर में हमला और उन्हें जरूर हटाया जाना चाहिए’ रखा और लिखा कि ट्रंप का चुनावी हार को स्वीकार नहीं करना और समर्थकों को उकसाने की वजह से कैपिटल बिल्डिंग में यह हमला हुआ. पोस्ट ने संपादकीय में कहा कि देशद्रोह के इस कृत्य की जिम्मेदारी राष्ट्रपति पर है क्योंकि उन्होंने दिखाया है कि कार्यालय में उनका बने रहना, अमेरिकी लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है. ट्रंप अगले 14 दिन तक कार्यालय में बने रहने के योग्य नहीं हैं.



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संपादकीय में कहा गया, तंत्र में विश्वास की वजह से अमेरिकी जनता सीट बेल्ट बांधती है, यातायात नियमों का पालन करती है और आयकर चुकाती हैं. तंत्र में इसी विश्वास से काम होता है. अमेरिका में सबसे ऊंचे पद पर बैठे व्यक्ति ने लोगों को उस विश्वास को तोड़ने के भड़काया, न सिर्फ ट्वीट के जरिए बल्कि कदम उठाकर. ट्रंप खतरा हैं और जब तक वे व्हाइट हाउस में रहेंगे तो देश को खतरा बना रहेगा. द न्यूयॉर्क टाइम्स ने संपादकीय में छह जनवरी, 2021 को ‘काला दिन’ करार दिया है.
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