PAK : सरकार और उलेमा में मस्जिद में नमाज पढ़ने पर सहमति, सरकार को फैसला बदलने का अधिकार

PAK : सरकार और उलेमा में मस्जिद में नमाज पढ़ने पर सहमति, सरकार को फैसला बदलने का अधिकार
पाकिस्‍तान में रमजान के दौरान नमाज अदा करने पर सरकार और उलेमाओं के बीच 20 बिंदुओं पर सहमति बन गई है.

पाकिस्‍तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्‍वी ने वीडियो लिंक के जरिये देश भर के उलेमाओं से बैठक की. बैठक में इस्लामाबाद समेत सभी चार प्रांतों के उलेमाओं और अन्‍य धर्मगुरुओं ने भाग लिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 19, 2020, 9:06 AM IST
  • Share this:
इस्‍लामाबाद. पाकिस्‍तान (Pakistan) में रमजान में 20 एहतियाती बिंदुओं पर सरकार और उलेमाओं के बीच सहमति बन गई है. इसके तहत कहा गया है कि मदरसों में कालीनें और दरियां नहीं बिछाई जाएंगी. क्लोरीन से साफ किए गए फर्श पर नमाज पढ़ी जाएगी. 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग, बच्चों और जिन लोगों को सर्दी, खांसी होगी उनके मस्जिदों में प्रवेश करने पर पाबंदी रहेगी.

पाकिस्‍तान (Pakistan)  के राष्ट्रपति आरिफ अल्‍वी (Arif Alvi) ने वीडियो लिंक के जरिये देश भर के उलेमाओं से बैठक की. इस बैठक में राजधानी इस्लामाबाद समेत सभी चार प्रांतों के उलेमाओं और अन्‍य धर्मगुरुओं ने भाग लिया. वहीं इसमें धार्मिक मामलों के केंद्रीय मंत्री पीर नूर-उल-हक कादरी, इस्लामिक वैचारिक परिषद के अध्यक्ष किबला अयाज, प्रधान मंत्री के सहायक विशेष स्वास्थ्य मंत्री डॉ. जफर मिर्जा और प्रांतीय गवर्नर भी इस बैठक में शामिल हुए.

बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अलवी ने कहा कि सरकार नियमित रूप से कोरोना वायरस के मामलों पर बारीकी से नजर रख रही है, उम्मीद है कि मस्जिदों में एहतियाती कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि इस्लामिक समाज में मस्जिदों में अनुशासन बनाए रखा जाना चाहिए. राष्ट्र सरकार और इमामों के एक साथ आगे बढ़ने की प्रतीक्षा कर रहा है.



रमजान के दौरान नमाज अदा करने पर 20 बिंदुओं पर सहमति
राष्ट्रपति आरिफ अलावी ने कहा कि देश भर के विद्वानों की सलाह लेना जरूरी था. बैठक में रमजान के संबंध में 20 बिंदुओं पर सहमति हुई है. अब केवल इमाम या सरकार की नहीं बल्कि सभी की जिम्मेदारी है. इन सावधानियों का पालन करें.

उन्होंने कहा कि मस्जिदों के परिसर के अंदर तरावीह की व्यवस्था की जानी चाहिए. सड़कों पर और फुटपाथों पर तरावीह की नमाज पढ़ने से बचें. नमाज से पहले और बाद में एकत्र होने से बचें.

उन्होंने कहा कि लोगों को मस्जिदों और इमामों में मास्क पहनना चाहिए, हाथ नहीं हिलाना चाहिए और गले मिलना चाहिए, मस्जिद के अंदर अपने चेहरे को नहीं छूना चाहिए, मौजूदा स्थिति में घरों में तरावीह पढ़ना बेहतर है. मस्जिद में नमाज के लिए खड़े होने के लिए निशान लगाए जाएं. लोग घर से वुज़ू करके निकलें.

सरकार के पास पॉलिसी बदलने का अधिकार रहेगा
राष्ट्रपति ने कहा कि रमजान के दौरान, अगर सरकार को लगता है कि इन उपायों को लागू नहीं किया जा रहा है या पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है, तो सरकार मस्जिदों और अन्य क्षेत्रों की तरह इमामों के बारे में फैसले की समीक्षा करेगी. उन्होंने कहा कि सरकार को गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों में अपने आदेश और नीतियों को बदलने का भी अधिकार है.

ये भी पढ़ें - आलोचनाओं पर इमरान सरकार का पलटवार, 'पहले तथ्यों को जानें फिर बोलें'

                 आटा और चीनी के बाद खजूरों का स्‍कैंडल, इमरान सरकार पर लगे संगीन आरोप

 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज