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PAK: उमर सईद व 3 साथियों की नहीं होगी रिहाई, सिंध प्रांत सरकार ने पलटा फैसला

PAK: उमर सईद व 3 साथियों की नहीं होगी रिहाई, सिंध प्रांत सरकार ने पलटा फैसला

सिंध प्रांत सरकार ने उमर शेख सईद और उसके तीन साथियों को नहीं रिहा करने का फैसला लिया है. फोटो:. AP

सिंध प्रांत सरकार ने उमर शेख सईद और उसके तीन साथियों को नहीं रिहा करने का फैसला लिया है. फोटो:. AP

Omar Saeed Sheikh Detention Continued: पाकिस्तान की सिंध प्रांत सरकार (Sindh Province Government) ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर अमेरिकी पत्रकार डैनियल पर्ल (Murder of Journalist Daniel Pearl) के अपहरण और हत्या के आरोपी अल-कायदा (Al-Qaeda) नेता अहमद उमर सईद शेख (Omar Saeed Sheikh) और उसके तीन साथियों को रिहा नहीं करने का फैसला किया है.

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    इस्लामाबाद. पाकिस्तान की सिंध प्रांत सरकार (Sindh Province Government) ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर अमेरिकी पत्रकार डैनियल पर्ल (Murder of Journalist Daniel Pearl) के अपहरण और हत्या के आरोपी अल-कायदा (Al-Qaeda) नेता अहमद उमर सईद शेख (Omar Saeed Sheikh) और उसके तीन साथियों को रिहा नहीं करने का फैसला किया है. बीते 24 दिसंबर को पाकिस्तान के सिंध हाईकोर्ट ने उनके कातिल आतंकवादी अहमद उमर शेख और उसके तीन साथियों को रिहा करने का आदेश दिया था जिसके चलते भारत सहित अमेरिका और कई देश नाखुश थे. द वॉल स्ट्रीट जर्नल के दक्षिण एशिया ब्यूरो प्रमुख डेनियल पर्ल 2002 में पाकिस्तान में देश की शक्तिशाली जासूसी एजेंसी आईएसआई और अल-कायदा के बीच संबंधों की जांच कर रहे थे. उसी दौरान 2002 में पाकिस्तान में पर्ल को अगवा कर लिया गया था और फिर उनका सिर कलम कर दिया गया.

    150 विमान यात्रियों को बनाया था बंधक

    वर्ष 1999 में अहमद उमर शेख को जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर और मुश्ताक अहमद ज़रगर के साथ तत्कालीन भारत सरकार द्वारा रिहा कर दिया गया था. अपहृत इंडियन एयरलाइंस फ्लाइट 814 के लगभग 150 यात्रियों के बदले में इन्हें छोड़ा गया था. इसके 3 साल बाद शेख ने पर्ल की हत्या की थी.

    शेख उमर सईद को छोड़ने का सुनाया था फैसला

    सिंध उच्च न्यायालय के दो जजों की बेंच ने गुरूवार को सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया कि शेख और अन्य आरोपियों को "किसी भी प्रकार की हिरासत में न रखा जाये और उनके हिरासत से जुड़ी सिंध सरकार की सभी अधिसूचनाओं को अमान्य किया जाए. अदालत के अनुसार चारों लोगों को कैद रखना अवैध है लेकिन अदालत ने यह भी माना है कि अगर उनकी नजरबंदी के संबंध में सुप्रीम कोर्ट का कोई रिस्ट्रैनिंग आर्डर है तो इन चारों आरोपियों को रिहा नहीं किया जाना चाहिए. एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार ने अपने सूत्रों का हवाला देते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के 28 सितंबर के आदेश को ध्यान में रखते हुए प्रांतीय सरकार चारों लोगों को रिहा नहीं करेगी। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाली सिंध सरकार का मानना ​​है की इस मामले में एपेक्स कोर्ट के 28 सितंबर का आदेश अभी भी जारी है.

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    सिंध सरकार और अप्रैल में सिंध उच्च न्यायालय द्वारा शेख को बरी करने के खिलाफ मारे गए पत्रकार के परिवार की अपील पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति मुशीर आलम की अध्यक्षता में एपेक्स कोर्ट की तीन-न्यायाधीशों की एक बेंच ने 28 सितंबर को नोट किया कि सुनवाई की अगली तारीख तक आरोपियों को रिहा नहीं किया जाएगा. सूत्रों ने कहा कि सिंध सरकार सोमवार को एपेक्स कोर्ट में सिंध उच्च न्यायालय के 24 दिसंबर के आदेश को भी चुनौती देगी.

    Tags: Al-Qaeda, Jail, Pakistan

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