मुशर्रफ की लाश टांगने वाले बयान पर भड़के कानून मंत्री, कहा- जज 'मानसिक रूप से बीमार'

परवेज मुशर्रफ को मौत की सजा सुनाई गई है.
परवेज मुशर्रफ को मौत की सजा सुनाई गई है.

पेशावर उच्च न्यायालय (Peshawar High Court) के मुख्य न्यायाधीश वकार अहमद सेठ की अध्यक्षता में विशेष अदालत की तीन सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को 76 वर्षीय मुशर्रफ को लंबे समय से चल रहे देशद्रोह के मामले में मौत की सजा सुनाई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 20, 2019, 1:13 PM IST
  • Share this:
इस्लामाबाद. पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ पर विशेष अदालत के फैसले से नाराज पाकिस्तान सरकार ने जज को हटाने के लिए उच्चतम न्यायिक परिषद का रुख करने का फैसला किया है. पाकिस्तान के कानून मंत्री फरोग नसीम ने कहा कि फैसला दिखाता है कि न्यायमूर्ति वकार अहमद सेठ 'मानसिक रूप से अस्वस्थ' हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी सजा पाकिस्तान के किसी भी कानून के खिलाफ है.

तीन सदस्यीय पीठ का नेतृत्व करने वाले पेशावर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश वकार अहमद सेठ द्वारा लिखे गए 167 पन्ने के फैसले में कहा गया है कि यदि फांसी दिए जाने से पहले मुशर्रफ की मौत हो जाती है तो उनके शव को इस्लामाबाद के सेंट्रल स्क्वायर पर खींचकर लाया जाए और तीन दिन तक लटकाया जाए.

फैसले के अनुसार, हम कानून प्रवर्तन एजेंसियों को निर्देश देते हैं कि भगोड़े/दोषी को गिरफ्तार करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी जाए और सुनिश्चित करें कि कानून के हिसाब से सजा दी जाए. अगर वह मृत मिलते हैं तो उनकी लाश को इस्लामाबाद के डी चौक तक खींचकर लाया जाए तथा तीन दिन तक लटकाया जाए. विस्तृत फैसले के तुरंत बाद प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपनी कानूनी टीम से परामर्श किया और उनके शीर्ष सहायकों की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैठक के फैसले की घोषणा की गई.




इसे भी पढ़ें :- मौत की सज़ा मिलने के बाद परवेज मुशर्रफ ने शेयर किया Video मैसेज, हॉस्पिटल में कराहते दिखे

उच्चतम न्यायिक परिषद जाएगी इमरान सरकार
कानून मंत्री फरोग नसीम ने कहा, 'संघीय सरकार ने उच्चतम न्यायिक परिषद में जाने का फैसला किया है क्योंकि सरकार का मानना है कि ऐसे व्यक्ति किसी उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश नहीं हो सकते. अगर न्यायाधीश ऐसा फैसला देते हैं तो वो मानसिक रूप से अस्वस्थ और अक्षम हैं.' पाकिस्तान में उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश को पद से हटाने के लिए उच्चतम न्यायिक परिषद ही एकमात्र संस्था है.

इसे भी पढ़ें :- कोर्ट का आदेश- फांसी से पहले मर जाएं मुशर्रफ तो 3 दिन तक चौराहे पर लटका देना लाश
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज