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क्या मुस्लिम नहीं हैं आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा? पाकिस्तान में छिड़ी बहस

News18Hindi
Updated: November 27, 2019, 3:56 PM IST
क्या मुस्लिम नहीं हैं आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा? पाकिस्तान में छिड़ी बहस
जनरल कमर जावेद बाजवा को 29 नवंबर 2016 को पाकिस्तानी सेना के 16वें सेनाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था.

जनरल कमर जावेद बाजवा (Qamar Javed Bajwa) को 29 नवंबर 2016 को पाकिस्तानी सेना के 16वें सेनाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था. उन्होंने जनरल राहिल शरीफ की जगह ली थी. अब उनकी धार्मिक पहचान को लेकर विवाद छिड़ गया है.

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  • Last Updated: November 27, 2019, 3:56 PM IST
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान (Pakistan) के सुप्रीम कोर्ट ने आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा (Qamar Javed Bajwa) के सेवा विस्तार पर फिलहाल रोक लगा दी है. कोर्ट ने जनरल बाजवा समेत सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है. अदालत के इस फैसले के बाद प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई और कानून मंत्री से इस्तीफा मांग लिया. खबरों के अनुसार, पाकिस्तान के पीएम ने बावजा के कार्यकाल को बढ़ाने के लिए डिफेंस एक्ट में कुछ बदलाव करवाए और उसमें 'विस्तार' शब्द को जोड़ा गया. इस बीच पाकिस्तानी मीडिया में जरनल कमर जावेद बाजवा की धार्मिक पहचान को लेकर बहस छिड़ गई है. बाजवा के मुसलमान होने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं.

दरअसल, कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान की पेशावर हाईकोर्ट में पाक आर्मी के पूर्व मेजर खालिद शाह ने एक याचिका दायर की, जिसमें बाजवा की नियुक्ति को इस आधार पर चुनौती दी गई कि वह कांदियानी समुदाय से आते हैं और मुसलमान नहीं हैं.

कांदियानी समुदाय को पाकिस्तान में अहमदिया मुस्लिम के रूप में पहचाना जाता है. अहमदिया मुसलमानों को पाकिस्तान के मुख्य धारा के मुसलमान गैर-मुस्लिम मानते हैं. पाकिस्तान में कानून के तहत कोई भी गैर मुस्लिम शख्स आर्मी चीफ नहीं बन सकता है.

काफिरों से होती है तुलना

एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में अहमदिया मुस्लिम को काफिर कहकर बुलाया जाता है. बताया जाता है कि अहमदिया संप्रदाय के चौथे खलीफा को पाकिस्तान सरकार के प्रतिबंधों के कारण देश छोड़ना पड़ा था.

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जनरल कमर जावेद बाजवा के साथ इमरान खान.


याचिका में पूर्व डीजी आईएसआई का दिया हवालापेशावर हाईकोर्ट में जनरल बाजवा की धार्मिक पहचान को लेकर जो याचिका दायर की गई है, उसमें पूर्व डीजी आईएसआई रिजवान अख्तर का भी हवाला दिया गया है. रिजवान अख्तर के मुस्लिम होने पर भी विवाद था. इसके साथ ही याचिका में कहा गया है कि इन दोनों ने अपनी गैरमुस्लिम होने की सच्चाई छिपाई है.

कौन हैं जनरल कमर जावेद बाजवा?
जनरल कमर जावेद बाजवा को 29 नवंबर 2016 को पाकिस्तानी सेना के 16वें सेनाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था. उन्होंने जनरल राहिल शरीफ की जगह ली थी. कमर जावेद बाजवा को कश्मीर मुद्दों का जानकार माना जाता है. उनके पास भारत के साथ लगी नियंत्रण रेखा का भी अच्छा खासा अनुभव है. उन्होंने कश्मीर और उत्तरी इलाकों में लंबे समय तक बतौर सेनाधिकारी सेवा दी है. वह गिलगित-बाल्टिस्तान में फोर्स कमांडर की पोस्ट पर भी रह चुके हैं. कांगो में शांति मिशन के दौरान भी ब्रिगेडियर रहते हुए बाजवा ने अपनी सेवाएं दी थीं.

बाजवा को कब मिला सेवा विस्तार?
प्रधानमंत्री इमरान खान ने 19 अगस्त 2019 को जनरल बाजवा के सेवा विस्तार को मंजूरी दी थी और इसकी अधिसूचना राष्ट्रपति डॉक्टर आरिफ अल्वी के पास भेजी गई थी. राष्ट्रपति ने भी इस पर हस्ताक्षर कर दिए थे. कोर्ट ने सवाल उठाया कि कार्यकाल के किसी भी विस्तार पर कोई भी अधिसूचना COAS (Chief of the Army Staff) के वर्तमान कार्यकाल के पूरा होने के बाद ही जारी की जा सकती है, जो 28 नवंबर 2019 को समाप्त हो रहा है.

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First published: November 27, 2019, 3:17 PM IST
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