सऊदी के उधार बंद करने की घोषणा से डरा PAK, मनाने जाएंगे आर्मी चीफ बाजवा

सऊदी को मनाने रियाद जाएंगे पाकिस्तानी आर्मी चीफ

Saudi Arabia- Pakistan Rift: सऊदी अरब ने पाकिस्तान को उधर तेल आपूर्ति पर रोक लगा दी है जिसके बाद पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा को इस पूरे मामले को संभालने और माफ़ी मांगने के लिए रियाद भेजा जा सकता है.

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    इस्लामाबाद. सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने बुधवार को सख्ती बरतते हुए पाकिस्तान (Pakistan) को उधार देना (Loan) और तेल की आपूर्ति (Oil Supply) दोनों पर ही अनिश्चितकालीन रोक लगा दी. इसके कुछ ही घंटों में पाकिस्तान घुटनों पर आ गया. सऊदी अरब को मनाने के लिए जल्द ही पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा (General Qamar javed bajwa) रियाद का दौरा करने वाले हैं. बता दें कि पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (shah mahmood qureshi) के बयानों से दोनों देशों के बीच काफी तनाव आ गया है. दोनों देशों में तल्खी इस कदर बढ़ गई है कि सऊदी सरकार ने पाकिस्तान के साथ 6.2 बिलियन डॉलर की फाइनेंशियल डील को रद्द कर दिया है और उधार तेल-गैस देने पर भी रोक लगा दी है.

    मिडिल ईस्ट मॉनिटर के मुताबिक क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पिछले साल फरवरी में पाकिस्तान से दोस्ती निभाने के लिए उधर तेल देना और 6.2 बिलियन डॉलर की फाइनेंशियल डील जैसे समझौते किये थे. लेकिन, हाल ही में जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कश्मीर मुद्दे पर भारत के खिलाफ कड़ा रुख नहीं अपनाने के लिए सऊदी अरब के नेतृत्व वाले आर्गेनाईजेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) को सख्त चेतावनी दी थी.

    कुरैशी ने कहा था कि सऊदी OIC को जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भारत के खिलाफ खड़ा नहीं होने दे रहा है. कुरैशी ने कहा था कि ओआईसी कश्‍मीर पर अपने विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक बुलाने में आनाकानी करना बंद करे.

    सऊदी अरब एंबेसी के चक्कर लगा रहे बाजवा
    मिली जानकारी के मुताबिक सऊदी अरब को मनाने की जिम्मेदारी पाकिस्तानी सेना को मिली है. पाक आर्मी चीफ ने सोमवार को इस्लामाबाद में सऊदी अरब के राजदूत एडमिरल नवाफ बिन सईद अल-मलिकी से मुलाकात की थी. जिसके बाद पाकिस्तानी सेना ने एक बयान जारी कर बताया कि इस मुलाकात के दौरान पारस्परिक हित, क्षेत्रीय सुरक्षा और द्विपक्षीय रक्षा संबंधों के मामलों पर चर्चा की गई. इस बैठक को लेकर यह नहीं बताया गया कि क्या कुरैशी के बयान को लेकर बाजवा और सऊदी राजदूत में कोई बात हुई कि नहीं.

    सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान के एक्सपर्ट्स का मानना है कि पाकिस्तान अब उच्च-स्तरीय डेलिगेशन को रियाद भेजेगा. अगर सऊदी ने पाकिस्तानी कामगारों को देश वापस भेजने का फैसला कर लिया तो पाकिस्तान को बड़ा नुकसान हो सकता है. पाकिस्तान तुर्की, ईरान, कतर और मलेशिया के साथ मिलकर सऊदी की जगह दूसरा इस्लामिक हब बनाना चाहता था जो रियाद ने होने नहीं दिया. वहीं, मलेशिया में मताहिर मोहम्मद के सरकार से बाहर होने के बाद पूरा प्लान ठंडा पड़ गया. यहां तक कि उसने ग्वादर पोर्ट पर निर्माण का प्लान भी छोड़ दिया.
    सऊदी की सख्ती से इमरान बेहाल
    पहले से ही कर्ज में दबे पाकिस्तान के लिए सऊदी के इस फैसले के बाद स्थिति और भी ख़राब हो गयी है. ऐसी ख़बरें सामने आयीं है कि सऊदी का कर्ज लौटाने के लिए पाकिस्तान ने चीन से 1 अरब डॉलर की मदद ली है. पेट्रोलियम डिविजन के प्रवक्ता साजिद काजी के हवाले से द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने लिखा है कि पाकिस्तान ने सऊदी अरब के दिए गए लोन में से एक अरब डॉलर का लोन चार महीने में वापिस लौटा दिया है. हालांकि अब वह बाकी कर्ज चुकाने के लिए भी चीन का मुंह ताक रहा है.

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