आर्थिक संकट में फंसे पाकिस्तान में बैन हो सकता है लक्जरी कारों और स्मार्टफोन्स का इम्पोर्ट

फिलहाल पाकिस्तान सरकार इस विषय पर सलाह मशविरा कर रही है कि किस तरह से आईएमएमफ से बेल आउट पैकेज ना लेना पड़े.

News18Hindi
Updated: September 10, 2018, 9:57 AM IST
आर्थिक संकट में फंसे पाकिस्तान में बैन हो सकता है लक्जरी कारों और स्मार्टफोन्स का इम्पोर्ट
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की फाइल फोटो- AP
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Updated: September 10, 2018, 9:57 AM IST
आर्थिक संकट का सामना कर रहे पाकिस्तान में अब विदेशी गाड़ियों, स्मार्टफोन और चीज़ का इम्पोर्ट पर बैन लगाया जा सकता है. पाकिस्तान के आर्थिक सलाहकारों ने इस पर चर्चा की है. बता दें कि फिलहाल पाकिस्तान सरकार इस विषय पर सलाह मशविरा कर रही है कि किस तरह से आईएमएमफ से बेल आउट पैकेज ना लेना पड़े.

हालांकि फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया लेकिन हाल ही में गठित आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी) द्वारा पाकिस्तान को चालू खाता घाटे से उबारने के लिए उपायों की तैयारी ने इस बात की ओर संकेत किए हैं कि पाकिस्तान आईएमएफ से बेल आउट पैकेज न लेने के लिए दृढ़ है.

पिछले हफ्ते ईएसी ने पहली बैठक की. बैठक की अध्यक्षता वित्त मंत्री असद उमर ने की जिन्होंने पिछले महीने कार्यभार संभाला था. पाकिस्तानी निर्यात में कमी और आयात में उतार चढ़ाव के चलते अर्थव्यवस्था में डॉलर की कमी, स्थानीय मुद्रा पर दबाव और विदेशी मुद्रा भंडार की कमी का शिकार हो रहा है.

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इससे ज्यादातर वित्तीय विश्लेषकों ने भविष्यवाणी की है कि पाकिस्तान 1980 के दशक के आरंभ से 15 वें बेलआउट पैकेज के लिए आईएमएफ की ओर रुख करेगा. हालांकि नए प्रधानमंत्री इमरान खान ने किसी पर निर्भर रहने के तौर तरीकों की आलोचना की है.

EAC के सदस्यों में से एक प्रोफेसर अशफाक हसन खान ने कहा कि गुरुवार को हुई बैठक के दौरान इस बात पर जोर था इम्पोर्ट कैसे कम किया जाए. उन्होंने कहा, 'मुझे कोई सदस्य नहीं मिला (जिसने) सुझाव दिया कि पाकिस्तान को आईएमएफ जाना चाहिए क्योंकि कोई अन्य विकल्प नहीं है. हमें कुछ कदम उठाने की जरूरत है.'

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खान ने कहा, "आप देख रहे हैं कि इस देश में विदेश से कितनी चीज आ रही है.' "बाजार इम्पोर्टेड चीज से भरा है. इस देश में डॉलर नहीं है, क्या यह इसके लायक है जो  यह चीज़ आयात कर रहा है?"

पिछले साल, पिछली सरकार ने चीज़ और लक्जरी कारों सहित 240 इम्पोर्टेड वस्तुओं पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ाया, और दर्जनों नए आयात पर ड्यूटी लगाई लेकिन कोई भी प्रत्यक्ष आयात प्रतिबंध जारी नहीं किया गया था.

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