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Pakistan Burning Train: चश्‍मदीदों ने बताई आपबीती, धधकती आग के कारण ट्रेन को रुकने में लगे 20 मिनट

News18Hindi
Updated: November 1, 2019, 12:30 PM IST
Pakistan Burning Train: चश्‍मदीदों ने बताई आपबीती, धधकती आग के कारण ट्रेन को रुकने में लगे 20 मिनट
हादसे में बाल-बाल बचे यात्रियों का कहना है कि वे बार-बार अपनी बोगी में लगी चेन को खींच रहे थे, लेकिन ट्रेन पटरियों पर दौड़ती जा रही थी.

पाकिस्तान (Pakistan) की कराची-रावलपिंडी तेजगाम एक्सप्रेस (Karachi-Rawalpindi Tezgam express) के कंडक्‍टर एसए खान ने बताया कि ट्रेन का इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्‍टम पूरी तरह से सही था. ट्रेन को आगे लगने की जानकारी मिलने के 3 मिनट के भीतर रोक दिया गया था. ट्रेन गुरुवार सुबह रहीम यार खान (Rahim Yar Khan) रेलवे स्टेशन के करीब लियाकतपुर (Liaqatpur) के पास पहुंची ही थी कि एक बोगी में आग लग गई. घटना में 74 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 40 से ज्यादा यात्री गंभीर रूप से झुलस गए.

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  • Last Updated: November 1, 2019, 12:30 PM IST
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मुल्‍तान. पाकिस्तान (Pakistan) में गुरुवार को कराची-रावलपिंडी तेजगाम एक्सप्रेस (Karachi-Rawalpindi Tezgam express) में तेज धमाके से आग लग गई. हादसे में अब तक 74 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 40 से ज्यादा यात्री गंभीर रूप से झुलस गए हैं. आग के कारण ट्रेन की 3 बोगियां खाक हो गई हैं. घटना में बाल-बाल बचे चश्‍मदीदों के मुताबिक, आग लगने के बाद ट्रेन को रुकने में 20 मिनट लग गए. घबराहट में दर्जनों यात्री चलती ट्रेन से ही कूद पड़े. यात्रियों का यह बयान ट्रेन के इमरजेंसी ब्रेक्‍स (Emergency Breaks) को लेकर रेलवे की ओर से जारी बयान के उलट है. अधिका‍रियों के मुताबिक, कुकिंग गैस स्‍टोव (Cooking Gas Stove) में आग लगने के कारण यह हादसा हुआ.

ट्रेन स्‍टाफ के बयानों को झुठला रहे हैं बाल-बाल बचे यात्री
कंडक्‍टर एसए खान ने इसके उलट बताया कि ट्रेन का इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्‍टम (Emergency Breaking System) पूरी तरह से सही था. ट्रेन को आगे लगने की जानकारी मिलने के 3 मिनट के भीतर रोक दिया गया था. उन्‍होंने कहा कि बतौर ट्रेन ड्राइवर यह मेरे जीवन की सबसे बुरी और भीषण घटना है. मामले की जांच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि वे आग लगने के समय ट्रेन के इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्‍टम की हालत की पड़ताल करेंगे. हादसे में बाल-बाल बचे यात्रियों का कहना है कि वे बार-बार अपनी बोगी में लगी चेन को खींच रहे थे, लेकिन ट्रेन पटरियों पर दौड़ती जा रही थी.

चलती ट्रेन से कूदने वाले कई यात्रियों की हो गई मौत

सिंध प्रांत (Sindh Province) के नजदीकी नवाबशाह कस्‍बे से अपनी पत्‍नी और दो बच्‍चों के साथ चढ़े गुलाम अब्‍बास का भी कहना है कि ट्रेन को रुकने में 20 मिनट के करीब लगे. वह याद करते हैं कि कैसे घबराए हुए यात्रियों ने चलती ट्रेन से ही कूदना शुरू कर दिया. बाद में उन्‍हें पता चला कि उनमें से ज्‍यादातर की मौत हो गई. उनकी पत्‍नी सुलई खान बीबी ने कहा कि मैं अपने बच्‍चों को लेकर काफी डर गई थी. हम मौत के बहुत करीब से गुजरे हैं. ट्रेन में हादसे के वक्‍त 857 यात्री सफर कर रहे थे. मृतकों में ज्‍यादातर तब्‍लीकी-ए-जमात के सदस्‍य हैं. उन्‍हीं की बोगी से आग लगना शुरू हुई थी. जमात के जिला प्रमुख मुफ्ती वहाब ने कहा कि संगठन के 52 सदस्‍यों की हादसे में मौत हो गई.

ट्रेन में हादसे के वक्‍त 857 यात्री सफर कर रहे थे. मृतकों में ज्‍यादातर तब्‍लीकी-ए-जमात के सदस्‍य हैं.


तब्‍लीकी-ए-जमात के एक सदस्‍य के स्‍टोव में हुआ धमाका
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डिप्‍टी रेलवे कमिश्‍नर जमील अहमद के मुताबिक, जमात के एक सदस्‍य के स्‍टोव में धमाके के साथ आग लगी. इसके बाद जमात के अन्‍य सदस्‍यों के पास मौजूद गैस सिलेंडरों में आग लग गई. फिर एक के बाद एक तीन बोगियां धधकती आग की चपेट में आ गईं. इस समय ट्रेन पंजाब प्रांत (Punjab Province) के लियाकतपुर की तरफ बढ़ रही थी. एक यात्री चौधरी सुजात ने बताया कि लोग डर से चिल्‍ला रहे थे. वे मदद के लिए पुकार लगा रहे थे. चौधरी सुजात अपनी पत्‍नी और दो बच्‍चों के साथ ट्रेन में चढ़े थे. उन्‍हें लगा कि आज उनका पूरा परिवार खत्‍म हो जाएगा. कोई कुछ नहीं कर पा रहा था. सब अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे.

'नियमों के खिलाफ स्‍टोव लेकर सफर करते हैं यात्री'
जिला आपात सेवा के अधिकारी कलीम उल्‍लाह ने बताया कि हादसे में झुलसे 43 लोगों में से 11 की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है. चलती ट्रेन से कूदने वाले कई लोगों की मौत हो चुकी है. रेल मंत्री (Railway Minister) शेख राशिद अहमद ने कहा कि पाकिस्‍तान में ज्‍यादातर गरीब यात्री अपने छोट-छोटे गैस स्‍टोव लेकर सफर करते हैं. यात्रा के दौरान वे इस पर अपने लिए खाना या नाश्‍ता बनाते हैं. ये नियमों के खिलाफ है्. अमूमन यात्रियों से ठसी हुई ट्रेनों में नियमों की अनदेखी कर दी जाती है. ये बड़ी लापरवाही है. रेलवे अधिकारी शाबिर अहमद ने बताया कि यात्रियों के शव हादसे की जगह से 2 किमी दूर तक फैले हुए हैं.

यात्रियों के शव हादसे की जगह से 2 किमी दूर तक फैले हुए हैं.


मृतकों की पहचान की कोशिश कर रहे हैं अधिकारी
शाबिर अहमद ने बताया कि हादसे के दौरान नजदीकी गांवों के लोग बाल्टियां लेकर ट्रेन की ओर दौड़ पड़े. उन्‍होंने पानी डालकर आगे बुझाने की कोशिश की. हालांकि, आग तब तक विकराल रूप अख्तियार कर चुकी थी. उसे बाल्टियों से बुझाना नामुमकिन था. सुबह से ही बचाव दल लोगों की मदद में जुट गए. अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों की पहचान करने की हरसंभव कोशिश की जा रही है. हादसे में घायलों की सूची भी अभी पूरी तरह तैयार नहीं की गई है. पंजाब के प्रांतीय मंत्री यास्‍मीन राशिद ने कहा कि लियाकतपुर के एक अस्‍पताल में घायलों का इलाज किया जा रहा है. वहीं, गंभीर घायलों को मुल्‍तान ले जाया गया है.

इमरान खान ने तत्‍काल जांच शुरू करने का दिया आदेश
पाकिस्‍तानी सेना के जवान भी बचाव अभियान में शामिल हो गए हैं. राष्‍ट्रपति आरिफ अल्‍वी (Arif Alvi) और प्रधानमंत्री इमरान खान (PM Imran Khan) ने हादसे पर दुख जताया है. इमरान ने हादसे की तत्‍काल जांच शुरू करने का आदेश दे दिया है. संयुक्‍त राष्‍ट्र (United Nations) के प्रवक्‍ता स्‍टीफन दुजारिक ने बताया कि यूएन महासचिव ने घटना पर दुख जताया है.

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First published: November 1, 2019, 12:20 PM IST
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