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चीन को बलूच आर्मी का खौफ, जंगी जहाजों के लिए खोज रहा सुरक्षित जगह, पाकिस्तान ऐसे करेगा मदद

चीन अपने जंगी जहाजों की पार्किंग के लिए पाकिस्तान में एक नया पोर्ट तलाश कर रहा है.(File Photo)

चीन अपने जंगी जहाजों की पार्किंग के लिए पाकिस्तान में एक नया पोर्ट तलाश कर रहा है.(File Photo)

अपने जंगी जहाजों की पार्किंग के लिए चीन पाकिस्तान से ग्वादर के पास एक दूसरा पोर्ट चाहता है और पाकिस्तान पोर्ट देने की भ ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

पाकिस्तान चीन को ग्वादर के पास एक और पोर्ट देने की सोच रहा है
चीन अपनी नौसेना के जंगी जहाजों के पार्किंग के लिए सुरक्षित जगह की कर रहा तलाश
बलूच लिब्रेशन आर्मी के खौफ में है चीन

दिल्ली. CPEC का काम पाकिस्तान में जैसे-तैसे चल रहा है. उसी के तहत पाकिस्तान ने ग्वादर में चीन को बंदरगाह 40 साल के लिए लीज पर दे दिय. अब बलूचिस्तान के लोगों में इस बात से नाराज हैं. दरअसल,   दुनिया को ये बताया गया था कि चीन इस बंदरगाह को एक व्यवसायिक तौर पर इस्तेमाल करने के नाम ले रहा था, लेकिन हक़ीक़त तो ये है कि वो पहले दिन से अरब सागर और हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी सैन्य ताक़त को बढ़ाने की कोशिश में था और उसके लिए ही पाकिस्तान को चुना, जो की उसकी जरूरत के हिसाब से परफेक्ट था. लेकिन अब चीन ग्वादर पोर्ट का इस्तेमाल अपने सामरिक हितों के लिए कर रहा है. चीन के जंगी जहाजों का एयरपोर्ट पर आना अब एक आम सी बात हो गई है.

अब जब जंगी जहाज आ रहे हैं तो उनकी सुरक्षा भी जरूरी है. लेहाजा अब चीन पाकिस्तान से ग्वादर के पास एक दूसरा पोर्ट चाहता है और पाकिस्तान पोर्ट देने की भी सोच रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक़ चीन उस दूसरे पोर्ट को अपने जंगी जहाज़ों के सुरक्षित पार्किंग के लिए इस्तेमाल करना चाहता है. सुरक्षा किससे चाहता है तो ये सुनकर हैरानी जरूर होगी कि चीन बलूच विद्रोहियों से ख़ौफ़ में है या फिर बलूच विद्रोहियों का खौफ दिखाकर पाकिस्तान से एक और पोर्ट हथियाना चाहता है.

चीन को बलूच आर्मी का डर

चीन को लगता है कि बलूच लिब्रेशन आर्मी से पाकिस्तान की फौज तक लडृ नहीं पाती तो चीनी क्या लडृ पाएगा. इससे पहले भी चीन ने पाकिस्तान को सैन्य सहायता के नाम पर अपने लिए माउंटेन बंकर तैयार करने शुरू कर दिए. उसके लिए भी पाकिस्तान ने बलूच लिब्रेशन आर्मी का डर दिखाया था. ख़ुफ़िया रिपोर्ट के हवाले से ख़बर है कि चीनी पीएलए बलूचिस्तान में पाकिस्तान के नाम पर अपने लिए लिए मिसाइल बंकर तैयार कर रहा. सिंध के नवाबशाह (Nawabshah )और बलूचिस्तान के खुजदर (Khuzdar ) के क़रीब ये निर्माण की खबर है. खास बात तो ये है कि ये बंकर पहाड़ियों में गुफा बनाकर तैयार किए जा रहे है.

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जानकारों की मानें तो पहाड़ों के भीतर इस तरह के बंकर बानाने से कई आसानी होती है एक तो नेचुरल डिफ़ेंस मिल जाता है यानी उपर से ये पहचान मुश्किल होता है. दूसरे अगर कोई हवाई हमला होता है तो माउंटेन केव में रखे गए मिसाइल और गोलाबारूद को नुक़सान कम पहुंचता है. साथ ही दूसरे देशों के सैटेलाइटों से भी काफ़ी हद तक बचाव हो जाता है. इस तरह माउंटेन केव बंकर की एक और ख़ासियत होती है कि ये बड़ी आसानी से बनाए भी जाते हैं और निर्माण कार्य के दौरान किसी को हवा तक नहीं लगती. ग्वादर में बलूचियों के ग़दर के चलते चीनी अपने प्रोजेक्ट को समय से पूरा नहीं कर पा रहे. लेहाजा इस प्रोजेक्ट के सा- साथ अब वो चीन की सामरिक ताक़त में इज़ाफ़ा करने में जुटा है जिनमें हथियारों के अलावा उनके सुरक्षित रखने का भी पूरा इंतेजाम कर रहा है. बहरहाल ये कहना गलत नहीं होगा कि चीन अपने को भले ही कितना ताक़तवर क्यों न बताता हो लेकिन डर तो उसे भी लगता है.

Tags: China, India pakistan, Pakistan latest news

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