कुलभूषण मामले में झूठ बोल रहा पाकिस्तान, भारत ने किया दावे को खारिज

कुलभूषण मामले में झूठ बोल रहा पाकिस्तान, भारत ने किया दावे को खारिज
कुलभूषण जाधव (फाइल फोटो)

नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) मामले में हमें पाकिस्तान (Pakistan) की ओर से कोई सूचना नहीं मिली है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 7, 2020, 7:58 PM IST
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि उसने मौत की सजा पाए कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) के लिए वकील नियुक्त करने के वास्ते राजनयिक माध्यम से भारत से कहा है. वहीं नई दिल्ली ने कहा कि इस्लामाबाद (Islamabad) ने अभी तक इस मामले में उसे कोई सूचना नहीं दी है. पाकिस्तान विदेश कार्यालय की प्रवक्ता आयशा फारूकी ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा कि इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने सरकार को निर्देश दिया है कि भारत और जाधव को वकील नियुक्त करने के लिए एक और मौका दिया जाए. उन्होंने कहा, 'इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के तीन अगस्त के निर्देशों के बाद हमने राजनयिक माध्यम से भारतीय पक्ष से संपर्क किया और उन्हें इसकी सूचना दी.' उन्होंने कहा, 'हम भारत के जवाब का इंतजार कर रहे हैं.' लेकिन नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, 'हमें इस संबंध में पाकिस्तान की ओर से कोई सूचना नहीं मिली है.' श्रीवास्तव ने कहा कि इस मामले में पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के आदेश को लागू करना चाहिए और भारत को संबंधित दस्तावेज मुहैया कराना चाहिए साथ ही जाधव को 'बेरोकटोक, बाधारहित और बिना शर्त' राजनयिक पहुंच मुहैया करानी चाहिए.

इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने मौत की सजा का सामना कर रहे भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी कुलभूषण जाधव के लिए वकील नियुक्त करने का भारत को 'एक और मौका' देने का सोमवार को पाकिस्तान सरकार को आदेश दिया था. पाकिस्तान सरकार ने अपनी याचिका में उच्च न्यायालय से जाधव के लिए एक कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त करने का अनुरोध किया था, ताकि वह आईसीजे के फैसले के क्रियान्वयन को देखने की जिम्मेदारी पूरी कर सके. उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अतहर मिनल्ला ने कहा था कि भारत सरकार या जाधव समीक्षा याचिका से संबंधित अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सकते हैं. उन्होंने कहा, 'भारत और कुलभूषण जाधव को एक कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त करने का एक बार फिर प्रस्ताव देना चाहिए.'

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कुलभूषण को सुनाई मौत की सजा
उल्लेखनीय है कि भारतीय नौसेना के सेवानिवृत अधिकारी 50 वर्षीय कुलभूषण जाधव को जासूसी के आरोप में पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में मौत की सजा सुनाई थी. इसके कुछ ही समय बाद भारत ने जाधव को राजनयिक पहुंच से पाकिस्तान द्वारा मना करने और मौत की सजा को चुनौती देने के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था. हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने पिछले साल (2019) जुलाई में कहा था कि पाकिस्तान को जाधव को दोषी ठहराए जाने और सजा की प्रभावी समीक्षा और पुनर्विचार करना चाहिए और उसे बिना देरी किए भारत को राजनयिक पहुंच प्रदान करनी चाहिए. पाकिस्तान द्वारा पहली राजनयिक पहुंच गत वर्ष दो सितम्बर में प्रदान की गई थी. पाकिस्तान का दावा है कि जाधव को उसके सुरक्षा बलों ने तीन मार्च, 2016 को बलूचिस्तान प्रांत से गिरफ्तार किया था जहां उन्होंने ईरान से कथित तौर पर प्रवेश किया था. वहीं भारत का कहना है कि जाधव को ईरान से अगवा किया गया था जहां नौसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उनके व्यापारिक हित थे.
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