लाइव टीवी

ईसाई लड़की को शुरू हो चुका था पीरियड तो जज ने जायज करार दी अगवा करने वाले से शादी

भाषा
Updated: February 8, 2020, 2:51 PM IST
ईसाई लड़की को शुरू हो चुका था पीरियड तो जज ने जायज करार दी अगवा करने वाले से शादी
ईसाई परिवार के वकील तबस्सुम यूसुफ ने बताया कि वे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे.

14 साल की ईसाई किशोरी को अगवा करने के बाद कथित रूप से जबरन इस्लाम धर्म कबूल कराया गया था और अपहरणकर्ता ने उसे उससे शादी करने को मजबूर किया था.

  • Share this:
कराची. पाकिस्तान (Pakistan) की एक अदालत ने 14 साल की ईसाई किशोरी और उसका अपहरण करने वाले व्यक्ति के बीच शादी को वैध करार दिया है. कोर्ट ने कहा कि शरिया कानून के अनुसार अगर लड़की को मासिक धर्म (menstrual cycle) शुरू हो चुका है, तो कम उम्र की लड़की से विवाह मान्य है.

किशोरी को अगवा करने के बाद कथित रूप से जबरन इस्लाम धर्म कबूल कराया गया था और अपहरणकर्ता ने उसे उससे शादी करने को मजबूर किया था.

इससे बाद पीड़िता के माता-पिता ने कहा कि वे निचली अदालत के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे. निचली अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि शरिया कानून के तहत कम उम्र की लड़की से शादी वैध है, क्योंकि वह रजस्वला हो चुकी है.

पीड़िता के पिता यूनिस और मां नगीना मसीह के अनुसार पिछले साल अक्टूबर में हुमा को जब अगवा किया गया था, तब वह 14 साल की थी और उसे अगवा करने वाले अब्दुल जब्बार ने उसे इस्लाम धर्म कबूल करवाकर शादी करने के लिए मजबूर किया.

हालांकि सिंध हाईकोर्ट ने हुमा की कम उम्र को जानते हुए भी उसके कथित अगवाकर्ता जब्बार और उसके बीच शादी को यह कहकर वैध ठहराया था कि हुमा रजस्वला हो चुकी है. वहीं उनके वकील तबस्सुम यूसुफ ने शुक्रवार को बताया कि वे उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे.

ये भी पढ़ें- प्यार हुआ तो भूल गए शादी की उम्र! सोशल मीडिया पर वायरल हुई पाकिस्तान की ये तस्वीरें

पाकिस्तान में बच्चों का यौन शोषण करने वालों सरेआम फांसी देने की मांग, प्रस्ताव पास

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पाकिस्तान से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 8, 2020, 2:50 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर