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FATF में ब्लैकलिस्ट होने से डरा पाकिस्तान, टेरर फंडिंग केस में हाफिज सईद को 11 साल की सजा

News18Hindi
Updated: February 13, 2020, 7:23 AM IST
FATF में ब्लैकलिस्ट होने से डरा पाकिस्तान, टेरर फंडिंग केस में हाफिज सईद को 11 साल की सजा
अदालत ने हाफिज सईद को 11 साल की सजा सुनाई है

अदालत ने फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (Financial Action Task Force) द्वारा पाकिस्तान (Pakistan) को ब्लैक या ग्रे लिस्ट में डाले जाने के दो दिन पहले ही हाफिज़ सईद (Hafiz Saeed) को ये सजा सुनाई है.

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  • Last Updated: February 13, 2020, 7:23 AM IST
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान (Pakistan) की अदालत ने आतंकी संगठन जमात-उद-दावा (Jamat-ud-Dawa) के प्रमुख हाफिज़ सईद (Hafiz Saeed) को टेरर फंडिंग के मामलों में दोषी पाया है. अदालत ने आतंकी सरगना और मुंबई के 26/11 हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को 11 साल की सज़ा सुनाई है.

अदालत के एक अधिकारी ने पीटीआई को इसकी पुष्टि की है कि पंजाब प्रांत में आतंकवाद को वित्त पोषण करने के दो मामलों में सईद को सजा दी गयी है. आतंकवाद निरोधक अदालत ने आतंकवाद को वित्त पोषण करने के मामलों की रोजाना सुनवाई करते हुए 11 दिसंबर को सईद एवं उसके एक सहयोगी को दोषी करार दिया था. अदालत ने दोनों मामलों में सईद को साढ़े पांच साल - साढ़े पांच साल के कैद की सजा सुनायी जबकि दोनों मामलों में 15-15 हजार का जुर्माना भी लगाया. दोनों मामलों की सजा साथ साथ चलेंगी. पंजाब पुलिस के आतंकवाद विरोधी विभाग के आवेदन पर सईद के खिलाफ लाहौर एवं गुजरांवाला शहर में मामला दर्ज किया गया था.

लाहौर की आतंकवाद रोधी अदालत के न्यायाधीश अरशद हुसैन भुट्टा ने जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ आतंकी गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराने के दो मामलों में गुरुवार को फैसला सुरक्षित रख लिया था. अदालत ने ये सजा फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (Financial Action Task Force) द्वारा पाकिस्तान को ब्लैक या ग्रे लिस्ट किए जाने के दो दिन पहले ही सुनाई है.

20 गवाहों को किया गया था पेश

अधिकारी के मुताबिक अभियोजन पक्ष ने अदालत में सईद और उसके सहयोगियों के आतंकी गतिविधि के लिए धन मुहैया कराने के आरोप को साबित करने के लिए 20 गवाहों को पेश किया था. सईद को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में लाया गया. उन्होंने बताया कि बचाव पक्ष ने 30 जनवरी को ही अपनी बहस पूरी कर ली थी और अभियोजन पक्ष ने गुरुवार को अदालत में और तर्क और सबूत पेश किए.

2012 में दर्ज हुए थे ये मामले
गौरतलब है कि सईद के खिलाफ पंजाब के आतंकवाद रोधी विभाग ने लाहौर (Lahore) और गुजरांवाला में ये मामले दर्ज किए थे. वर्ष 2012 में अमेरिका (America) ने सईद को वैश्विक आतंकवादी घोषित करते हुए उसके सिर पर एक करोड़ डॉलर की इनामी राशि घोषित की थी. वह 26 नवंबर 2008 को मुंबई पर हुए आतंकवादी हमले का मास्टर माइंड है.पिछले महीने अदालत ने सईद दो टेरर फाइनेंसिंग केस में सईद को दोषी नहीं पाया था.पाकिस्तान की आतंक रोधी अदालत ने टेरर फंडिंग केस में सईद और उसके साथियों के खिलाफ 23 एफआईआर दर्ज की थीं और 17 जुलाई को उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. सईद को लाहौर की कोट लखपत जेल में रखा गया है.

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First published: February 12, 2020, 3:54 PM IST
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