पाकिस्तान ने LoC की तरफ भेजे 2000 सैनिक, भारतीय सेना की पैनी नजर

Sandeep Bol | News18Hindi
Updated: September 6, 2019, 12:26 PM IST
पाकिस्तान ने LoC की तरफ भेजे 2000 सैनिक, भारतीय सेना की पैनी नजर
भारतीय सेना के सूत्रों ने कहा कि फिलहाल ये सैनिक एलओसी से करीब 30 किलोमीटर दूर तैनात हैं.

भारतीय सेना (Indian Army) के सूत्रों ने कहा, 'शांत जगहों से सीमा की तरफ भेजे गए ये पाकिस्तानी सैनिक (Pakistan army) फिलहाल एलओसी (LoC) से करीब 30 किलोमीटर दूर तैनात हैं.

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कश्मीर मुद्दे (Kashmir) को लेकर जारी तनाव के बीच खबर है कि पाकिस्तान सेना (Pakistan Army) ने अपनी एक ब्रिगेड को पीओके (PoK) में नियंत्रण रेखा (LoC) के करीब बाग़ और कोटली सेक्टर भेजा है. भारतीय सेना (Indian Army) से जुड़े सूत्रों का कहना है- 'शांत जगहों से सीमा की तरफ भेजे गए ये सैनिक फिलहाल एलओसी से करीब 30 किलोमीटर दूर तैनात हैं. सूत्रों ने बताया, 'फिलहाल उन्हें आक्रामक मुद्रा में तैनात नहीं किया गया है. हालांकि भारतीय सेना उनकी हरकतों को करीब से देख रही है.'

सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी सेना द्वारा नियंत्रण रेखा की तरफ भेजे गए सैनिक की संख्या करीब 2000 बताई जा रही है, जो कि एक ब्रिगेड के बराबर हैं. जवानों की यह आवाजाही ऐसे समय में हुई है, जब पाकिस्तान पहले ही अपने आतंकवादी समूहों को सक्रिय कर चुका है और आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LET) और जैश-ए-मोहम्मद (JEM) ने स्थानीय लोगों और अफगानों की भर्ती शुरू कर दी है.

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370  (Article 370) के निरस्त होने के बाद से पाकिस्तान एलओसी पर 100 से अधिक एसएसजी कमांडो तैनात कर चुका है. पाकिस्तान ने इससे अलावा गुजरात से सटी सीमा सर क्रीक लाइन के पास भी अपने विशेष बलों को तैनात किया है. इसके साथ ही कश्मीर में हिंसा फैलाने के मकसद से आतंकियों की घुसपैठ कराने की भी कोशिश कर रहा है.

अफगान आतंकियों से भी संपर्क में सेना

सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान की एजेंसियां ​​भी भारतीय सुरक्षा बलों पर हमले के लिए अफगान आतंकवादियों की भर्ती की प्रक्रिया में हैं. सूत्रों ने जानकारी दी कि कश्मीरी आतंकवादियों की जगह अफगानों की भर्ती की जा रही है.

भारतीय सेना इन कमांडो की गतिविधियों की बारीकी से निगरानी कर रही है, जिन्हें जैश-ए-मोहम्मद और अन्य आतंकवादी समूहों के साथ मिलकर काम करते हुए देखा जा रहा है. सेना के सूत्रों ने कहा कि लश्कर और जैश दोनों से जुड़े आतंकवादियों की भर्ती और प्रशिक्षण शुरू हो गया है, जिसे FATF के डर के चलते आंशिक रूप से रोक दिया गया था.

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First published: September 5, 2019, 1:59 PM IST
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