लाइव टीवी

टेरर फंडिंग रिपोर्ट में फिर बेनकाब हुआ पाकिस्तान, चेतावनी के बाद भी नहीं लिया आतंकियों पर कोई एक्शन

News18Hindi
Updated: October 7, 2019, 8:19 AM IST
टेरर फंडिंग रिपोर्ट में फिर बेनकाब हुआ पाकिस्तान, चेतावनी के बाद भी नहीं लिया आतंकियों पर कोई एक्शन
एपीजी की यह ताज़ा रिपोर्ट पाकिस्तान के लिए नई मुसीबत पैदा कर सकती है.

FATF ने वर्ष 2018 में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाल दिया था. ऐसे में एपीजी की यह ताज़ा रिपोर्ट पाकिस्तान के लिए नई मुसीबत पैदा कर सकती है और उस पर ब्लैक लिस्ट होने का खतरा मंडराने लगा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 7, 2019, 8:19 AM IST
  • Share this:
पेरिस में होने वाली फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) के सालाना अधिवेशन से ठीक पहले पाकिस्तान को करारा झटका लगा है. दुनियाभर में टेरर फंडिंग पर नजर रखने वाली संस्था FATF की एशिया प्रशांत शाखा ने (APG) ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट में मनी लॉन्ड्रिंग तथा टेरर फंडिंग के खिलाफ कार्रवाई के 10 मानदंडों में पाकिस्तान 9 में फिसड्डी साबित हुआ है जबकि एक में उसे 'मध्यम' स्थान प्राप्त हुआ है.

एपीजी की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1267 को लागू करने के लिए सही कदम नहीं उठाए. उसने हाफिज सईद, मसूद अजहर और लश्कर ए तैयबा (LeT), जमात उद दावा (JuD) और फलह-ए-इंसानियत फाउंडेशन (FIF) जैसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादियों और आतंकी संगठनों को लेकर नरमी बरती और ठोस एक्शन नहीं लिया.

ये भी पढ़ें- ...तो क्या अब बेस्ट फ्रेंड चीन ही पाकिस्तान को करेगा बर्बाद! जानिए पूरा मामला


इस रिपोर्ट में कहा गया है कि UNSCR 1267 कमेटी की रिपोर्ट में वर्ष 2008 में ही जेयूडी और वर्ष 2012 में एफआईएफ को प्रतिबंधित सूची में डाले के बावजूद पाकिस्तान में ये दोनों संगठन खुलेआम जनसभाएं करते हैं और फंड जुटाते हैं. मीडिया में ऐसी कई खबरें सामने आई हैं, जिनमें मानवीय राहत और सहायता के नाम पर एफआईएफ को चंदा वसूलते देखा गया है. इन संगठनों की ओर से एंबुलेंस सेवाएं जारी रखने पर भी सवाल उठाए गए कि इनकी फंडिंग के खिलाफ कारगर कार्रवाई की गई है या नहीं.

बता दें कि FATF ने वर्ष 2018 में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाल दिया था. तब उसे 15 महीनों में अपने बताए 27 बिंदुओं पर काम करना था. 15 महीने की यह अवधि इस साल सितंबर में पूरी हो चुकी है और अब इस पर एफएटीएफ का आखिरी फैसला आना है. ऐसे में एपीजी की यह ताज़ा रिपोर्ट पाकिस्तान के लिए नई मुसीबत पैदा कर सकती है.

ये भी पढ़ें- आखिर क्या है पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की सबसे बड़ी समस्या!
Loading...

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए दुनिया से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 7, 2019, 7:54 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...