तालिबान से अमेरिका की बातचीत रद्द होने से PAK परेशान, भारत खुश, जाने वजह

News18Hindi
Updated: September 9, 2019, 1:43 PM IST
तालिबान से अमेरिका की बातचीत रद्द होने से PAK परेशान, भारत खुश, जाने वजह
काबुल धमाकोंं के बाद अमेरिका ने बातचीत रद्द की.

काबुल (Kabul) में हुए बम धमाकों के बाद ट्रंप (Donald Trump) ने इस बातचीत को रद्द कर दिया. भारत पहले से ही इस बातचीत को लेकर सहज नहीं था. लेकिन पाकिस्‍तान (Pakistan) और चीन अब बहुत परेशान हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 9, 2019, 1:43 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. अमेरिका, अफगानिस्‍तान और तालिबान (Taliban) के बीच होने वाली बातचीत (Taliban Talks) को अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप (Donald Trump) ने रद्द कर दिया है. ये बातचीत कई दौर की सीक्रेट मीटिंग के बाद अमेरिका के कैंप डेविड में होने वाली थी. लेकिन काबुल में हुए बम धमाकों के बाद ट्रंप ने इस बातचीत को रद्द कर दिया. भारत पहले से ही इस बातचीत को लेकर सहज नहीं था. लेकिन पाकिस्‍तान और चीन अब बहुत परेशान हैं. वह लगातार इस आतंकी संगठन से बातचीत करने का पक्षधर था. लेकिन अब अमेरिका ने खुद ही इस बातचीत को रद्द कर दिया है.

राष्‍ट्रपति ट्रंप (Donald Trump) इस बात पर सहमत थे कि अमेरिकी सैनिक जल्‍द ही अफगानिस्‍तान छोड़ देंगे. भारत की परेशानी इसी बात को लेकर थी. अब भारत को लगता है कि इस बातचीत के टूटने के बाद क्षेत्र में शांति और स्थायित्व की उम्‍मीदें बढ़ेंगी. लेकिन बातचीत टूटने से पाकिस्तान के मंसूबे पर तुषारापात हुआ है.

भारत इसलिए नहीं चाहता तालिबान के साथ बातचीत
भारत इसलिए भी तालिबान के साथ इस बातचीत का पक्षधर नहीं है, क्‍योंकि इस बातचीत में अमेरिका इस बात पर सहमत था कि वह अपने सैनिक अफगानिस्‍तान से हटा लेगा. अगर ऐसा होता तो तालिबान फिर से अफगानिस्‍तान में मजबूत होता. इस समय भारत ने अफगानिस्‍तान में बहुत बड़ा निवेश किया हुआ है. अमेरिका के हटने से संभव है भारत को अपने कदम अफगानिस्‍तान में पीछे खींचने पड़ते. इसके अलावा तालिबान के मजबूत होने से पाकिस्‍तान के आतंकी संगठन भी मजबूत होते और ये सब जम्‍मू-कश्‍मीर में अशांति फैलाने की पूरी कोशिश करते.

भारत के साथ अफगानिस्‍तान भी बातचीत के विरोध में
तालिबान के साथ बातचीत न करने के पक्ष में भारत के साथ-साथ अफगानिस्‍तान भी रहा है. हालांकि अमेरिका के कारण अब तक की बातचीत में वह शामिल था. बातचीत रद्द होने के बाद अफगानिस्‍तान के राष्‍ट्रपति अशरफ गनी का कहना है, इस क्षेत्र में सही मायनों में तभी शांति आएगी, जब तालिबान इस तरह हमलों को अंजाम देना बंद करेगा और अफगानिस्‍तान की सरकार से सीधे बातचीत करेगा. हालांकि खुद तालिबान अपने ही देश की सरकार को मान्‍यता नहीं देता. वह सरकार को कठपुतली सरकार कहता है.

अमेरिकी सेना के हटने के पक्ष में कोई नहीं
Loading...

अमेरिकी चुनाव में डोनाल्‍ड ट्रंप ने अफगानिस्‍तान में अमेरिकी अभियान को खत्‍म करने पर जोर दिया था. राष्‍ट्रपति बनने के बाद वह लगातार अफगानिस्‍तान में अमेरिकी सैनिकों की संख्‍या कम करने पर जोर देते रहे. लेकिन अफगानिस्‍तान के साथृसाथ कई अमेरिकी विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर अमेरिका अफगानिस्‍तान से बाहर निकला तो ये देश एक गहरे संकट में फंस जाएगा. इस समय तालिबान का अफगानिस्‍तान के कई हिस्‍सों पर कब्‍जा है.

भारत की किसी भी सरकार ने नहीं की तालिबान से बात
तालिबान को लेकर भारत की नीति हमेशा से स्‍पष्‍ट रही है. 2001 से लेकर अब तक भारत की किसी भी सरकार ने तालिबान से बातचीत की पहल नहीं की. भारत हमेशा से तालिबान जैसे पक्षों को दक्षिण एशियाई क्षेत्र की शांति के लिए खतरा मानता रहा है. अमेरिका के इस फैसले से पाकिस्तान और चीन को तगड़ा झटका लगा है.

पाकिस्तान लगातार कर रहा तालिबान का समर्थन
अमेरिका की अफगानिस्‍तान के साथ बातचीत से सबसे ज्‍यादा खुश पाकिस्‍तान ही था. इस बातचीत से उसके यहां मौजूद आतंकी नेटवर्क और ज्‍यादा मजबूत होने वाला था. इस्लामाबाद ने तालिबान के को-फाउंडर मुल्ला बारादर को जेल से रिहा कर दिया था. पाकिस्तान ही था जो अमेरिका से कह रहा था कि काबुल की राजनीति में तालिबान जरूरी है.

मंसूबे पर पर फिरा पानी
ट्रंप की बातचीत रद्द करने की घोषणा के बाद पाकिस्तान ने केवल अपने जिहादी मोर्चे पर भी मात खायी है बल्कि वॉशिंगटन से उसे मिल रही तरजीह भी खत्म हो गई है.

यह भी पढ़ें-

ट्रंप के बातचीत रद्द करने के बाद बोला तालिबान- अब ज्यादा लोग मरेंगे
भारत में बड़े हमले की तैयारी! पाकिस्तान ने मसूद अजहर को किया रिहा- रिपोर्ट
पाकिस्तान ने सारी हदें की पार, विदेशी निवेशकों के आगे करवाया बेली डांस

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पाकिस्तान से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 9, 2019, 12:19 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...