गरीबी से बेहाल पाकिस्तान को मिला तुर्की का साथ, माफ करवाया 18 हजार करोड़ का जुर्माना

गरीबी से बेहाल पाकिस्तान को मिला तुर्की का साथ, माफ करवाया 18 हजार करोड़ का जुर्माना
तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने बातचीत से मसले को सुलझा लिया

पाकिस्तान-तुर्की की दोस्ती इस साल संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान गहरी हो गई. दरअसल यहां तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोग़ान ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के खिलाफ बयान दिया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 5, 2019, 12:41 PM IST
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान (Pakistan) और तुर्की (Turkey) के बीच दोस्ती गहरी होती जा रही है. अब तुर्की ने पाकिस्तान को एक और बड़े कर्ज में डूबने से बचा लिया है. पाकिस्तान को तुर्की की एक कंपनी 'कारकी' को करीब 18 हज़ार करोड़ का जुर्माना देना था, लेकिन तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोग़ान (Recep Tayyip Erdogan) ने बातचीत से मसले को सुलझा लिया. प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्विटर पर इसका ऐलान किया.

इमरान खान ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'बातचीत करने वाली टीम को मैं बधाई देना चाहता हूं. आप सबने शानदार काम किया है. हमारी सरकार ने तुर्की के राष्ट्रपति के साथ मिलकर कारकी विवाद को खत्म कर लिया है.'


क्या था कारकी विवाद?
साल 2008-09 में पाकिस्तान पिपुल्स पार्टी ने किराए पर बिजली लेने के लिए 12 कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया था. तुर्की की कारकी कंपनी को भी ये ठेका मिला था. करार के तहत कंपनी ने करांची के पोर्ट पर एक जहाज खड़ा किया. इस कंपनी को पाकिस्तान ने एंडवास के तौर पर 9 मिलियन डॉलर दिए थे, लेकिन कंपनी 231 मेगावॉट बिजली पैदा नहीं कर सकी. इसके बाद पाकिस्तान की सरकार ने कंपनी से रिफंड मांगा. 6 महीने तक पाकिस्तान ने उसके इस जहाज को वापस जाने नहीं दिया. मामला इंटरनेशनल सेंटर फोर सेटलमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट डिसप्युट (ICSID) तक पहुंचा. साल 2017 में पाकिस्तान यहां केस हार गया और उसे 18 हज़ार करोड़ का जुर्माना देने को कहा. जहाज को जबरदस्ती रोकने के चलते पाकिस्तान पर ये जुर्माना लगाया गया.



पाकिस्तान-तुर्की की दोस्ती
पाकिस्तान-तुर्की की दोस्ती इस साल संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान गहरी हो गई. दरअसल यहां तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोग़ान ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के खिलाफ बयान दिया था. इतना ही नहीं पिछले दिनों खबर आई कि तुर्की अब पाकिस्तान के लिए जंगी जहाज (warship) बना रहा है.

दोस्ती पर भारत की नज़र
राष्ट्रपति एर्दोग़ान के जम्मू-कश्मीर पर दिए गए बयान के बाद से पीएम मोदी ने कुटनीतिक स्तर पर तुर्की को अलग-थलग करना शुरू कर दिया है. इसी के तहत पिछले महीने भारत ने पश्चिम एशिया की यात्रा के दौरान तुर्की जाने वाले अपने नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी. इसके अलावा पिछले महीने पीएम मोदी ने प्रस्तावित तुर्की यात्रा को भी रद्द कर दिया था. न्यूयॉर्क में पीएम मोदी ने साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस अनास्तासियादेस के साथ मुलाकात की. इसके अलावा पीएम मोदी ने आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाश्नियान के साथ द्विपक्षीय बैठक की. बातचीत के जरिए उन्होंने तुर्की को ये इशारा देने की कोशिश की है कि अगर उसने पाकिस्तान का साथ दिया तो फिर उन्हें उसका जवाब मिल सकता है.

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