होम /न्यूज /दुनिया /

पूर्व अमेरिकी NSA ने पाकिस्तान को किया शर्मसार, बोले- इनकी मदद नहीं करना चाहिए

पूर्व अमेरिकी NSA ने पाकिस्तान को किया शर्मसार, बोले- इनकी मदद नहीं करना चाहिए

पूर्व अमेरिकी NSA ने पाकिस्तान को खरीखोटी सुनाई.

पूर्व अमेरिकी NSA ने पाकिस्तान को खरीखोटी सुनाई.

तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद से पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अमेरिका के खिलाफ बहुत सारे बयान दिए. अमेरिका को इन सभी बयानों के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराना चाहिए.

    वॉशिंगटन. पूर्व अमेरिकी NSA ने एक बार फिर पाकिस्तान को सरेआम बेनकाब किया है. पूर्व NSA मैकमास्टर ने कहा कि पाकिस्तान के दोनों हाथों में लंबे समय से लड्‌डू है. उन्होंने अमेरिकी सांसदों को मशविरा दिया कि इस्लामाबाद (Islamabad) को किसी तरह की नई मदद नहीं दी जानी चाहिए.

    ट्रंप प्रशासन के दौरान एनएसए रहे जनरल मैकमास्टर ने अफगानिस्तान पर कांग्रेस की समिति के सामने पेश हुए थे. उन्होंने कहा कि तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद से पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अमेरिका के खिलाफ बहुत सारे बयान दिए. अमेरिका को इन सभी बयानों के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराना चाहिए.

    उन्होंने कहा कि यह सोचना भी भ्रम है कि तालिबान या तालिबान के माध्यम से मानवीय उद्देश्यों के लिए जाने वाले किसी भी पैसे का उपयोग तालिबान द्वारा अपनी शक्ति को मजबूत करने तथा पहले से भी बड़ा खतरा बनने के लिए तुरंत किया जाएगा.

    पाकिस्तान को नहीं देनी चाहिए कोई भी मदद
    उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि इसलिए हम ऐसी स्थिति में हैं, जहां हम वास्तव में एक असाधारण दुविधा का सामना कर रहे हैं कि तालिबान को सशक्त किए बिना मानवीय संकट को कम करना हमारे लिए बहुत कठिन होने वाला है.

    मैकमास्टर ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि हमें पाकिस्तान को बिल्कुल भी सहायता देनी चाहिए. मुझे लगता है कि पाकिस्तान ने हर तरह से बहुत लंबे समय तक लाभ लिया है. मुझे लगता है कि पाकिस्तान का सामना इन वर्षों में उसके व्यवहार से कराया जाना चाहिए, जो वास्तव में बड़े पैमाने पर इस तरह के कदम को सही साबित करते हैं.’

    PAK के कारनामों को बताया कि मानवता के लिए खतरा
    ट्रंप प्रशासन के दौरान ही अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली सभी सुरक्षा सहायता पर रोक लगा दी थी। बाइडन प्रशासन ने अभी तक सुरक्षा सहयोग को फिर से शुरू नहीं किया है. पूर्व एनएसए ने कहा, “मुझे लगता है कि काबुल पर तालिबान के कब्जे पर आई उनकी टिप्पणियों के लिए हमें इमरान खान को जिम्मेदार ठहराना चाहिए. उन्होंने कहा कि अफगान लोगों को बंधनमुक्त कर दिया गया है.

    हम किसी भी हालत में पाकिस्तान को एक पैसा क्यों भेजें? मुझे लगता है कि हक्कानी नेटवर्क, तालिबान और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों सहित अन्य जिहादी आतंकवादियों के लिए उनके समर्थन के कारण उन्हें अंतरराष्ट्रीय अलगाव का सामना करना चाहिए, जो मानवता के लिए खतरा हैं.

    Tags: America, International news, Pakistan, World news in hindi

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर