पाकिस्तान का भारतीय हाई कमिश्नर को देश वापसी का फरमान, अपना उच्चायुक्त भी बुलाया वापस

बौखलाए पाकिस्तान (Pakistan) ने भारत के साथ राजनयिक संबंधों में कमी कर दी है. इतना ही नहीं पाकिस्तान ने भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापारिक रिश्ता निलंबित कर दिया है.

बौखलाए पाकिस्तान (Pakistan) ने भारत के साथ राजनयिक संबंधों में कमी कर दी है. इतना ही नहीं पाकिस्तान ने भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापारिक रिश्ता निलंबित कर दिया है.

बौखलाए पाकिस्तान (Pakistan) ने भारत के साथ राजनयिक संबंधों में कमी कर दी है. इतना ही नहीं पाकिस्तान ने भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापारिक रिश्ता निलंबित कर दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 8, 2019, 12:01 AM IST
  • Share this:
जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir) से अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए (Article 370 and Article 35A ) हटाए जाने के बाद बौखलाए पाकिस्तान (Pakistan) ने भारत के साथ राजनयिक संबंधों में कमी कर दी है. इतना ही नहीं पाकिस्तान ने भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापारिक रिश्ता निलंबित कर दिया है.



पाकिस्तान के अंग्रेजी अखबार डॉन की वेबसाइट के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (NSC) ने बुधवार को पाकिस्तान के राजनयिक संबंधों को कम करने और भारत के साथ सभी द्विपक्षीय व्यापार को निलंबित करने का 'संकल्प' लेते हुए, कश्मीर पर कब्जे के संबंध में हालिया घटनाक्रमों के मद्देनजर कई बड़े फैसले लिए.



डॉन के अनुसार बैठक में नई दिल्ली से पाकिस्तान के उच्चायुक्त को वापस बुलाने और भारतीय हाई कमिश्नर को निष्कासित करने का भी फैसला किया गया. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने एआरवाई न्यूज को बताया, 'हमारे उच्चायुक्त अब नई दिल्ली में नहीं होंगे और यहां उनके हाई कमिश्नर को भी वापस भेजा जाएगा.'





यह भी पढ़ें: भारत से तोड़ो कूटनीतिक रिश्ते, राजदूत भेजो वापस- पाक मंत्री




बैठक में पाक ने लिया यह फैसला

डॉन के अनुसार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में शीर्ष सुरक्षा संस्था की बैठक में कश्मीर पर कब्जे के लिए विशेष दर्जे को भारत के सदमे निर्णय के मद्देनजर स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित किया गया था.



डॉन के अनुसार बैठक में पाकिस्तान-भारत द्विपक्षीय व्यवस्था की समीक्षा करने, संयुक्त राष्ट्र में इस मामले को ले जाने का भी निर्णय लिया गया. बैठक के बाद जारी एक बयान में कहा गया, 'पीएम (पाक के पीएम इमरान खान) ने निर्देश दिया कि भारतीय नस्लवादी शासन और मानवाधिकारों के उल्लंघन को उजागर करने के लिए सभी राजनयिक चैनलों को सक्रिय किया जाए.'



यह भी पढ़ें: पाकिस्तान पुलिस ने भारत समर्थक बैनर हटाए, एक शख्स गिरफ्तार



इमरान खान के मंत्री ने कही थी यह बात

इस फैसले से पहले इमरान सरकार में विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद चौधरी ने कहा था कि अगर भारत, हमसे (पाकिस्तान) से बातचीत करने में दिलचस्पी नहीं रख रहा है तो उनका राजदूत यहां क्यों है?



फवाद ने कहा कि 'मैं अपने विदेश मंत्री से निवेदन करता हूं कि अगर भारत हमसे बातचीत करने में दिलचस्पी नहीं रख रहा है तो उनका उच्चायुक्त यहां क्यों है?' फवाद यहीं नहीं रुके, उन्होंने भारत से कूटनीटिक रिश्तों को खत्म कर डालने तक की बात भी कही. फवाद ने कहा कि हमें उनसे कूटनीतिक रिश्ते भी तोड़ लेने चाहिए. यहां (पाकिस्तान) में उनके (भारत) हाई कमिश्नर और वहां (भारत) में हमारे उच्चायुक्त क्यों हैं?



ये भी पढ़ें-

जानिए लद्दाख कैसे बना था भारत और कश्मीर का हिस्सा




अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज