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पाकिस्तान ने दुनिया के सामने स्वीकारा सच, यूएन में कश्मीर को माना भारत का राज्य

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Updated: September 10, 2019, 6:40 PM IST
पाकिस्तान ने दुनिया के सामने स्वीकारा सच, यूएन में कश्मीर को माना भारत का राज्य
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने यह बात यूएन में स्वीकार की है (फाइल फोटो)

इस तरह से पाकिस्तान (Pakistan) ने कश्मीर (Kashmir) पर उस सच्चाई को स्वीकार कर लिया है. जिसे दुनिया लंबे अर्से से जानती और मानती आई है.

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  • Last Updated: September 10, 2019, 6:40 PM IST
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जिनेवा. पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (Shah Mehmood Qureshi) ने संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार परिषद (United Nations Human Rights Council) में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मान लिया है कि कश्मीर (Kashmir) भारत का हिस्सा है. दरअसल उन्होंने अपने बयान में कश्मीर को संबोधित करते हुए कहा, 'इंडियन स्टेट जम्मू-कश्मीर' (Indian State Jammu-Kashmir) यानी भारतीय राज्य जम्मू-कश्मीर.

इस तरह से पाकिस्तान (Pakistan) ने उस बात को मान लिया है, जिसे दुनिया लंबे अर्से से जानती और मानती आई है. लेकिन पाकिस्तान ऐसा मानने से इनकार करता रहा था.

बाद में हुआ गलती का अहसास तो लगाने लगे आरोप
पहले तो पाकिस्तानी विदेश मंत्री (Pakistan's Foreign Minister) ने यह बात कह दी लेकिन जब उन्हें यह अहसास हुआ कि उन्होंने सच्चाई कह दी है तो कुरैशी भारत पर आरोप लगाने लगे. उन्होंने कहा कि भारत दुनिया को यह दिखाना चाहता है कश्मीर में स्थितियां सामान्य हो चुकी हैं लेकिन ऐसा नहीं है.

सीमा पर वर्तमान स्थिति से छेड़छाड़ का लगाया आरोप
पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने यह आरोप भी लगाया कि भारत सीमा की वर्तमान स्थितियों को बदलना चाहता है. हालांकि भारत इस मसले पर अपनी स्थिति पहले ही साफ कर चुका है.

सीमा के मसले पर भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) ने अपनी चीन यात्रा के दौरान कहा था कि भारत की सीमा की वर्तमान परिस्थितियों को बदलने की कोई मंशा नहीं है.
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कैसे काम करती है परिषद?
कुरैशी ने अपना बयान संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया. इसकी बैठक जिनेवा में चल रही है. इस संस्था में वो सभी देश भाग लेते हैं जो संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के सदस्य हैं हालांकि इस संगठन में निर्णय लेने का अधिकार कुछ ही देशों को है. निर्णय लेने की व्यवस्था में एक कार्यकाल में 47 देशों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं. एक देश लगातार दो कार्यकाल में शामिल नहीं हो सकता. इन प्रतिनिधियों का कार्यकाल दो साल का होता है.

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First published: September 10, 2019, 4:12 PM IST
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