अपनी पत्नी को अल्लाह के भरोसे छोड़ कर पाकिस्तान लौट रहा हूं: नवाज शरीफ

शरीफ ने एवेनफील्ड मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि फैसले में यह लिखा हुआ है कि उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया गया है

भाषा
Updated: July 12, 2018, 11:03 PM IST
अपनी पत्नी को अल्लाह के भरोसे छोड़ कर पाकिस्तान लौट रहा हूं: नवाज शरीफ
File photo of Nawaz Sharif. (Reuters)
भाषा
Updated: July 12, 2018, 11:03 PM IST
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा है कि वह अपनी बीमार पत्नी को यहां अल्लाह के भरोसे छोड़ रहे हैं और जेल में डाले जाने या फांसी पर चढ़ाए जाने की परवाह किए बगैर पाकिस्तान लौट रहे हैं. इन दिनों शरीफ अपनी बीमार पत्नी कुलसुम के पास लंदन में हैं. शुक्रवार को शरीफ के पाकिस्तान लौटने की उम्मीद है.

अपनी बेटी मरियम नवाज के साथ बुधवार को पीएमएल- एन प्रमुख ने कहा था कि वह अपनी पत्नी को फिर से आंखे खोलते देखने की कामना करते हैं और राष्ट्र से उनके शीघ्र स्वस्थ होने के लिए दुआ करने का अनुरोध करते हैं.

गौरतलब है कि पनामा पेपर लीक के बाद उनके खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार के तीन मामलों में एक (एवेनफील्ड संपत्ति मामला) में उन्हें कुछ ही दिन पहले एक भ्रष्टाचार रोधी अदालत ने 11 साल कैद की सजा सुनाई है.

शरीफ (68) ने कहा कि वह जेल की परवाह किए बगैर लौट रहे हैं. वह इस बात को लेकर दुखी हैं कि वह अपनी बीमार पत्नी को वेंटीलेटर (जीवन रक्षक प्रणाली) पर छोड़ कर जा रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘मैं वोट को सम्मान देने के वादे को पूरा करने के लिए लौट रहा हूं.’ देश में 25 जुलाई को आम चुनाव है. पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि वह अब नहीं रुकेंगे, चाहे उन्हें जेल में डाल दिया जाए या फांसी दे दी जाए.

शरीफ ने एवेनफील्ड मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि फैसले में यह लिखा हुआ है कि उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया गया है.

उन्होंने कहा कि फैसले में यह लिखा जाना चाहिए था कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई साक्ष्य नहीं पाया जा सका. क्या ऐसा कोई पाकिस्तानी है जिसकी तीन पीढ़ियों को इस तरह की जवाबदेही का सामना करना पड़ा हो ?

शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान के लोगों ने एक बार फिर से न्याय का असली चेहरा देखा है. उन्होंने पाकिस्तान की हर संस्था का सम्मान किया है, देश को 1998 में परमाणु शक्ति संपन्न बनाया.

उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के इस बयान को लेकर उनकी आलोचना की कि वह लंदन से नहीं लौटेंगे.

शरीफ ने कहा, ‘जो लोग मुझे विदेश यात्रा प्रतिबंध सूची में रख रहे हैं उन्हें जानना चाहिए कि मैं वापस आ रहा हूं. मैं और मरियम वापस आ रहे हैं. यह मेरा उनके लिए संदेश है कि मैं उनमें से नहीं जो भाग जाऊंगा.’

उन्होंने कहा कि पूर्व तानाशाह जनरल परवेज मुशर्रफ फरार हैं और उन्हें वापस लाने की किसी के पास ताकत नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘मैं देश का कर्ज चुकाने आ रहा हूं जिसने मुझे तीन बार प्रधानमंत्री चुना.’

शरीफ की उत्तराधिकारी समझी जा रही मरियम नवाज (44) ने कहा कि अपनी मां को इस स्थिति में छोड़ कर जाने जैसा कोई और दर्द नहीं हो सकता लेकिन एक राष्ट्रीय कर्तव्य है और हमें अवश्य ही यह अहम यात्रा करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक अहम मोड़ पर खड़ा है और यह निर्णायक घड़ी है.

 
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