Corona Effect: पाकिस्तान की जीडीपी में 68 साल में पहली बार आई 0.38 प्रतिशत की गिरावट

Corona Effect: पाकिस्तान की जीडीपी में 68 साल में पहली बार आई 0.38 प्रतिशत की गिरावट
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान

समीक्षा रिपोर्ट (Report) के मुताबिक, कृषि क्षेत्र में 2.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. हालांकि इसके अलावा औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों में गिरावट देखी गई. इस दौरान डॉलर के हिसाब से प्रति व्यक्ति आय भी 6.1 प्रतिशत कम होकर 1,366 डॉलर पर आ गई.

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इस्लामाबाद. वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण पाकिस्तान की इकॉनमी (Economy Of Pakistan) में 68 साल में पहली बार गिरावट आई है. वित्त वर्ष 2019-20 में इसकी जीडीपी में 0.38 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. वित्त मामलों पर सलाहकार अब्दुल हफीज शेख ने आर्थिक समीक्षा जारी करते हुए कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण अर्थव्यवस्था को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है. इसने सरकार को मार्च में कई हफ्तों तक लॉकडाउन लागू करने के लिए मजबूर किया है.

1,20,000 लोग हो चुके हैं संक्रमित
नवभारत टाइम्स में छपी एक खबर के अनुसार, पाकिस्तान में वित्त वर्ष 1 जुलाई से 30 जून के बीच होता है. कोरोना वायरस से पाकिस्तान में अब तक लगभग 1,20,000 लोग संक्रमित हो चुके हैं. इसने चालू वित्त वर्ष में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है. आर्थिक समीक्षा के अनुसार, महामारी से पहले ही आर्थिक स्थिरीकरण नीतियों के कारण उद्योग जगत प्रभावित था. इसके साथ कोरोना वायरस के प्रतिकूल प्रभावों के कारण वित्त वर्ष 2019-20 में अर्थव्यवस्था में 0.38 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.

कृषि क्षेत्र में 2.7 प्रतिशत की वृद्धि
समीक्षा रिपोर्ट के मुताबिक, कृषि क्षेत्र में 2.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. हालांकि इसके अलावा, औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों में गिरावट देखी गई. इस दौरान डॉलर के हिसाब से प्रति व्यक्ति आय भी 6.1 प्रतिशत कम होकर 1,366 डॉलर पर आ गई. हालांकि यह रुपये के संदर्भ में बढ़कर 214,539 रुपये हो गई. पाकिस्तान सरकार 12 जून को नया बजट पेश करने वाली है.



फिस्कल डेफिसिट जीडीपी का 9.4 फीसदी
रॉयटर्स ने उसी रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि कोरोना के कारण पाकिस्तान की इकॉनमी में दशकों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की जाएगी. 30 जून को समाप्त हो रहे वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा बढ़कर जीडीपी का 9.4 फीसदी पर पहुंच जाएगा. लक्ष्य जीडीपी का 7.5 फीसदी रखा गया था.

3.3 फीसदी तेजी का लक्ष्य
इमरान खान सरकार पाकिस्तान की इकॉनमी को संभालने में पूरी तरह नाकाम रही है. उन्होंने लक्ष्य रखा था कि चालू वित्त वर्ष में इकॉनमी में 3.3 फीसदी की तेजी आएगी, लेकिन यह अब यह 0.40 फीसदी से सिकुड़ रहा है. IMF और वर्ल्ड बैंक के मुताबिक कोरोना के कारण पाकिस्तान की इकॉनमी 2.6 फीसदी से घट जाएगी.

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