पाकिस्तान को टेरर फंडिंग खत्म करने के लिए मिली थी ​लंबी लिस्ट, जानें क्यों खफा हुआ FATF?

पाकिस्तान को टेरर फंडिंग खत्म करने के लिए FATF से एक सूची मिली थी.
पाकिस्तान को टेरर फंडिंग खत्म करने के लिए FATF से एक सूची मिली थी.

पाकिस्तान फाइनेंसियल एक्शन टास्क फाॅर्स (FATF) के दिए छह प्रमुख कार्यों को पूरा करने में विफल रहा है. इनमें भारत में वांछित दो आतंकवादियों मौलाना मसूद अजहर और हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई न करना शामिल हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 19, 2020, 1:42 PM IST
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इस्लामाबाद. फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान (Pakistan) की नीतियों और रवैये पर कड़ी आपत्ति जाहिर की है. एफएटीएफ ने पाकिस्तान को आतंक के फंडिंग (Terror Funding) की पूरी तरह से जांच करने के लिए कुल 27 एक्शन प्लान दिए थे, जिनमें से वह अब तक 21 को मंजूरी दे चुका है लेकिन 6 प्रमुख कार्यों को पूरा करने में अभी भी विफल रहा है. इसमें भारत में वांछित आतंकवादियों मौलाना मसूद अजहर और हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना भी शामिल हैं.

पेरिस में आयोजित की जाएगी एफएटीएफ की कॉन्फ्रेंस

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की कांफ्रेंस इस महीने फ्रांस की राजधानी पेरिस में 21-23 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी जिसमें आतंकवाद को फंडिंग (Terrorists Funding) करने के मामले में बनी अपनी ग्रे लिस्ट में पकिस्तान का नाम बनाये रखने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा. इस प्रक्रिया में मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग के खिलाफ दुनिया भर में लड़ी जा रही लड़ाई में वैश्विक प्रतिबद्धताओं और मानकों को पूरा करने में इस्लामाबाद के प्रदर्शन की गहन समीक्षा के बाद पकिस्तान के नाम पर पर विचार किया जाएगा.



एफएटीएफ ने पाकिस्तान को छह कार्य पूरा करने को दिए थे
पाकिस्तान फाइनेंसियल एक्शन टास्क फाॅर्स (FATF) के दिए छह प्रमुख कार्यों को पूरा करने में विफल रहा है. इनमें भारत में वांछित दो आतंकवादियों मौलाना मसूद अजहर और हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई न करना शामिल हैं.

7,600 आतंकियों की सूची से 4,000 के नाम गायब

इसके अलावा एफएटीएफ ने एंटी टेररिज्म अधिनियम की अनुसूची IV के तहत 7,600 आतंकियों की मूल सूची से 4,000 से अधिक आतंकवादियों के नाम अचानक गायब होने का भी संज्ञान लिया है. एफएटीएफ के अधिकारियों ने कहा कि इन परिस्थितियों में पाकिस्तान का एफएटीएफ की ग्रे सूची में नाम बना रहना तय है.

इन संगठनों के खिलाफ पाकिस्तान को करना था काम

पाकिस्तान जिन कामों को पूरा करने में विफल रहा है, उनमें जैश-ए-मोहम्मद (जेएम) प्रमुख अजहर, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के संस्थापक सीड और संगठन के संचालन कमांडर जहूर रहमान लखवी जैसे सभी संयुक्त राष्ट्र-नामित आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करना न करना भी शामिल है.

पकिस्तान के खिलाफ कौन कौन देश हैं

ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे देश भी पकिस्तान की आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ खड़े होने की प्रतिबद्धता से संतुष्ट नहीं हैं. पकिस्तान के अलग अलग इलाकों से संचालित होने वाले आतंकी समूहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की उसकी मंशा पर अधिकतर देश सवाल उठाते रहे हैं इसीलिए FATF भी पकिस्तान के ग्रे लिस्ट में बने रहने पर जोर दे रहा है.

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ग्रे लिस्ट में पाकिस्तान का नाम बने रहने से उसे अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ), विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और यूरोपीय संघ से वित्तीय सहायता प्राप्त करना मुश्किल हो जायेगा. इस प्रकार पाकिस्तान के लिए आर्थिक समस्याएं बढ़ रही हैं जो उसे एक अनिश्चित वित्तीय स्थिति में डाल सकती हैं.
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