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सिखों के धार्मिक स्थल करतारपुरा साहिब को श्रद्धालुओं के लिए 29 जून से खोलेगी पाक सरकार​

करतारपुरा गुरुद्वारा 29 जून से श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा
करतारपुरा गुरुद्वारा 29 जून से श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (Shah Mohhamad Quereshi) ने ट्वीट करके कहा है कि पाकिस्तान भी सिखों के पूजनीय धार्मिक स्थल करतापुर साहिब कॉरिडोर (Kartarpura Sahib Corridor) को खोलने की तैयारी कर रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 27, 2020, 12:19 PM IST
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने (Shahs Mohhamad Quereshi, Foreign Minister, Pakistan)  ट्वीट करके कहा है कि दुनिया भर में धार्मिक स्थलों को पूजा और अर्चना के लिए खोल दिया गया है. पाकिस्तान भी सिखों के पूजनीय धार्मिक स्थल (Sikh Pilgrimage) करतापुर साहिब कॉरिडोर (Kartarpura Sahib Corridor) को खोलने की तैयारी कर रहा है. करतारपुरा साहिब का भारतीय की तरफ वाला हिस्सा 29 जून 2020 को खोल दिया जाएगा. 29 जून को महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि है.



नानकदेवजी ने यहां 17 साल गुजारे
करतारपुर साहिब गुरूद्वारे को गुरू नानक देवजी के 550वीं जयंती पर 9 नवंबर 2019 को खोला गया था. इसे वीजा फ्री शुरू करने के लिए पिछले 70 सालों से सिख समुदायों द्वारा मांग की जा रही थी. यह सिखों के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में शुमार है. यह सिखों के पहले गरु, गुरु नानक देव जी का नानक स्थान था. वे यहां जीवन के अंतिम 17 वर्ष यहीं रहे थे. वे यहां ज्योति में समा गए थे. यहां बाद में गुरुद्वारा बनवाया गया था. इस ​गुरुद्वारे से भारत की दूरी नाममात्र 3 किलोमीटर की दूरी पर ​है. यही वजह है कि इसे वीजा फ्री किए जाने से पहले भारत के सिख दूरबीन से इसका दर्शन किया करते थे.



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इस गुरुद्वारे के बारे में यह बताया जाता है कि लंगर की शुरुआत भी नानकदेव जी ने यहीं करवाया था. इसका निर्माण कार्य वर्ष 2001 में पूरा हो पाया था. इस गुरुद्वारे की साफ-सफाई का ध्यान पाकिस्तानी अधिकारी भी खूब रखते हैं. इस गुरुद्वारे में नानक के भाग लहणा सिंह यानी गुरु अंगद को उनके मरने के बाद उत्तराधिकारी बनाया गया था.
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