अपना शहर चुनें

States

पाकिस्तान में मंदिर पर अटैक: 8 पुलिसवाले सस्पेंड, 100 से ज्यादा कट्टरपंथी गिरफ्तार

पाकिस्तान में तोड़ा गया हिंदू मंदिर (फोटो- AFP)
पाकिस्तान में तोड़ा गया हिंदू मंदिर (फोटो- AFP)

Pakistan hindu temple destroyed: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) प्रांत में कट्टरपंथी भीड़ द्वारा एक हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ किये जाने के मामले में इमरान सरकार ने तेजी दिखाते हुए 8 पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया है. इसके अलावा भीड़ में शामिल रहे 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 4, 2021, 6:49 AM IST
  • Share this:
इस्लामाबाद. पाकिस्तान (Pakistan) के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत (Khyber Pakhtunkhwa) में एक कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी के सदस्यों के नेतृत्व में भीड़ द्वारा एक हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ (Hindu temple destroyed) की घटना के बाद इमरान सरकार ने सख्ती दिखाते हुए रविवार को 8 स्थानीय पुलिसवालों को लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया है. इसके अलावा भीड़ में शामिल 100 से ज्यादा लोगों को अभी तक गिरफ्तार किया जा चुका है. जानकारों के मुताबिक इमरान सरकार को इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छवि बिगड़ने का डर है और इसका असर FATF के फैसले पर भी पड़ सकता है.

डॉन में छपी रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बताया कि अभी तक इस घटना के सिलसिले में 100 व्यक्ति गिरफ्तार किये जा चुके हैं. पुलिस ने बताया कि इसमें से 45 और व्यक्तियों को रविवार को गिरफ्तार किया गया. खैबर पख्तूनख्वा में करक जिले के टेरी गांव में एक भीड़ ने बीते बुधवार को मंदिर के विस्तार कार्य के विरोध में उसमें तोड़फोड़ की थी और आग लगा दी थी. इस घटना के सिलसिले में दर्ज की गई प्राथमिकी में 350 से अधिक व्यक्ति नामजद हैं. पुलिस अधीक्षक (जांच) जहीर शाह ने बताया कि इस मामले में 100 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है जिनमें सात प्रमुख आरोपी शामिल हैं. वहीं प्राथमिकी में नामजद सभी 350 व्यक्तियों की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं.

कट्टरपंथी भीड़ का नेतृत्व कर रहे मौलाना गिरफ्तार
गिरफ्तार किये गए प्रमुख व्यक्तियों में मौलाना अमानुल्लाह, मौलाना इमदादुल्लाह, मौलाना मतिउल्लाह, मौलाना मुहम्मद हकीम और मौलाना अनवर ज़मान शामिल हैं. गिरफ्तार किए गए आरोपियों को आतंकवाद रोधी अदालत (एटीसी) में पेश किया गया और अदालत ने उन्हें तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया. करक के जिला पुलिस अधिकारी इरफानुल्लाह मारवत ने रविवार को आठ पुलिसकर्मियों को कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया. इस मंदिर में एक हिंदू धार्मिक नेता की समाधि भी थी. मंदिर की दशकों पुरानी इमारत के जीर्णोद्धार के लिए हिंदू समुदाय ने स्थानीय अधिकारियों से अनुमति ली थी.
कुछ स्थानीय मौलवियों और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम पार्टी (फजल उर रहमान समूह) के समर्थकों की अगुवायी में भीड़ ने पुराने ढांचे के साथ-साथ नए निर्माण कार्य को ध्वस्त कर दिया था. मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के नेताओं ने मंदिर पर हमले की कड़ी निंदा की है. भारत ने भी मंदिर में तोड़फोड़ की घटना को लेकर पाकिस्तान के समक्ष विरोध दर्ज कराया है और इस घटना के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किये जाने की मांग की है. सूत्रों ने नयी दिल्ली में शुक्रवार को बताया था कि राजनयिक माध्यम से पाकिस्तान के समक्ष विरोध दर्ज कराया गया है.



जल्द फिर से बनाया जाएगा मंदिर
खैबर-पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री महमूद खान ने आश्वासन दिया है कि उनकी सरकार क्षतिग्रस्त मंदिर और समाधि का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण कराएगी. मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से शनिवार देर जारी अधिसूचना के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने मंदिर को हुए नुकसान के आकलन के लिये चार सदस्यीय समिति का गठन किया है. समिति हिंदू समुदाय के साथ विचार-विमर्श कर मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए योजना भी तैयार करेगी. समिति से 10 दिन में अपना कार्य पूरा करने को कहा गया है. पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने स्थानीय प्राधिकारियों को इस घटना से संबंधित मामले में पांच जनवरी को पेश होने का आदेश दिया है.

अदालत ने अल्पसंख्यक अधिकारों को लेकर एक सदस्यीय आयोग, मुख्य सचिव और प्रांत के पुलिस महानिरीक्षक को निर्देश दिया कि वे स्थल का दौरा करें और चार जनवरी को एक रिपोर्ट प्रस्तुत करें. हिंदू समुदाय पाकिस्तान का सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है. आधिकारिक अनुमान के अनुसार, पाकिस्तान में 75 लाख हिंदू रहते हैं, लेकिन समुदाय का कहना है कि देश में 90 लाख से अधिक हिंदू रह रहे हैं. पाकिस्तान में हिंदुओं की अधिकतर आबादी सिंध प्रांत में रहती है. वे अतिवादियों द्वारा परेशान किए जाने की अक्सर शिकायत करते हैं.

सेना पर अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं
उधर पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख राशिद अहमद ने देश में प्रदर्शन कर रहे विपक्षी दलों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि देश की सेना के खिलाफ अपमानजनक बयान देने वाले लोगों के खिलाफ 72 घंटे के अंदर मामले दायर किए जाएंगे. पाकिस्तान के 11 विपक्षी दलों के गठबंधन ‘पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट’ (पीडीएम) ने पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान की सेना की और राजनीतिक मामलों में उसकी दखलंदाजी की कटु आलोचना की है.



पीडीएम का आरोप है कि सेना ने 2018 में ‘‘धांधली वाले चुनाव में ‘कठपुतली’ प्रधानमंत्री इमरान खान को पद पर बैठाया. राशिद ने शनिवार को अपने गृहनगर रावलपिंडी में बयान दिया. उनके हवाले से एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार ने लिखा, ‘‘सशस्त्र बलों के खिलाफ खराब भाषा का इस्तेमाल करने वाले लोगों के खिलाफ 72 घंटे में मामले दायर किए जाएंगे.' इससे एक दिन पहले ही पीडीएम प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने कहा था कि सशस्त्र बलों ने देश को बंधक बना लिया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज