'गूगली' नहीं फेंकी, करतारपुर कॉरिडोर एक ईमानदार कोशिशः इमरान खान

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार को अपने विदेश मंत्री के उस बयान को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने करतारपुर कॉरिडोर खोलने को इमरान की 'गूगली' करार दिया था.

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Updated: December 3, 2018, 11:04 PM IST
'गूगली' नहीं फेंकी, करतारपुर कॉरिडोर एक ईमानदार कोशिशः इमरान खान
इमरान खान (फाइल फोटो)
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Updated: December 3, 2018, 11:04 PM IST
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार को अपने विदेश मंत्री के उस बयान को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने करतारपुर कॉरिडोर खोलने को इमरान की 'गूगली' करार दिया था. पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था, "प्रधानमंत्री ने गूगली फेंकी जिसमें फंसकर भारत सरकार को करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होना पड़ा."

हालांकि अपने मंत्री के बयान को खारिज करते हुए खान ने सोमवार को जियो न्यूज से बातचीत में कहा कि भारत के साथ संबंधों को बेहतर करने की दिशा में यह पाकिस्तान की ईमानदार कोशिश थी. उन्होंने कहा, "करतारपुर कॉरिडोर खोलने का फैसला गूगली या डबल गेम नहीं था, यह एक सीधा-सादा फैसला था." बता दें कि 26 नवंबर को उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुरदासपुर में करतापुर कॉरिडोर की आधारशिला रखा थी.

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बता दें कि 28 नवंबर को आयोजित इस कार्यक्रम में भारत सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और हरदीप सिंह पुरी शामिल हुए थे. वहीं व्यक्तिगत तौर पर कांग्रेस नेता और पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू शामिल हुए थे. कुरैशी के बयान पर भारत ने कड़ी आपत्ति दर्ज की थी. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था, "कुरैशी के बयान ने उनका असल चेहरा सामने ला दिया और पाकिस्तान को सिखों की भावनाओं की बिल्कुल भी परवाह नहीं है."

सुषमा ने एक के बाद एक कई ट्वीट किये थे. एक ट्वीट में उन्होंने लिखा, "मैं आपको बता दूं कि हम आपकी गूगली में नहीं फंसे. हमारे दो सिख मंत्री करतारपुर साहिब में मत्था टेकने गए हैं."

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केन्द्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने भी कुरैशी के बयान पर आपत्ति जताई थी और पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि उसे भारत में और खासकर पंजाब में शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने के अपने नापाक मंसूबों को पूरा करने के लिए करतारपुर गलियारे के मुद्दे और धर्म का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा था कि यह आस्था से जुड़ा मामला है और इसमें ओछी राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं है.
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कुरैशी ने भी बयान को लेकर हो रही आलोचनाओं पर जवाब देते हुए ट्वीट किया, ‘‘मेरे बयान को ‘सिख भावनाओं’ की ओर खींचना गलत तरीके से प्रस्तुत करने और गुमराह करने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास है. मैंने जो कहा था वह भारतीय सरकार के साथ द्विपक्षीय बातचीत के लिए कहा था.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम सिख भावनाओं का पूरी तरह से सम्मान करते हैं और विकृतियां या विवाद इसे बदल नहीं देंगे.’’ कुरैशी ने यह भी कहा कि करतारपुर कॉरिडोर सिख समुदाय की इच्छाओं को पूरा करने के लिए खोला गया है.
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