पाकिस्तान में मीडिया पर पाबंदी चरम पर, जबरदस्ती बंद करवाई एक्टिविस्ट की प्रेस कांफ्रेंस

एक्टिविस्ट जिब्रान नासिर की प्रेस कांफ्रेंस बंद करवाते पाकिस्तानी अधिकारी

एक्टिविस्ट जिब्रान नासिर की प्रेस कांफ्रेंस बंद करवाते पाकिस्तानी अधिकारी

एक ताज़ा मामले में पाकिस्तानी सिविल राइट्स एक्टिविस्ट (human rights activist of Pakistan) जिब्रान नासिर (Jibran Nasir) की प्रेस कांफ्रेंस को अधिकारियों ने जोर-ज़बरदस्ती के जरिए बंद करवा दिया. नासिर कराची में जारी ज्युडीशियल किलिंग और एक आर्ट शो बंद कराने के मुद्दे पर मीडिया से बात कर रहे थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 28, 2019, 8:53 PM IST
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान (Pakistan) में मीडिया की आज़ादी को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है. एक तरफ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक (PEMRA) ने 'टॉक शो' के दौरान टीवी एंकर्स (Tv Anchors) के राय देने पर रोक लगा दी है. दूसरी तरफ इमरान सरकार के अफसर एक्टिविस्ट्स को प्रेस कांफ्रेंस तक भी नहीं करने दे रहे हैं.

एक ताज़ा मामले में पाकिस्तानी सिविल राइट्स एक्टिविस्ट (human rights activist of Pakistan) जिब्रान नासिर (Jibran Nasir) की प्रेस कांफ्रेंस को अधिकारियों ने जोर-ज़बरदस्ती के जरिए बंद करवा दिया. नासिर कराची में जारी ज्युडीशियल किलिंग और एक आर्ट शो बंद कराने के मुद्दे पर मीडिया से बात कर रहे थे.

ट्विटर पर वायरल है वीडियो

जिब्रान ने इस पूरे वाकये का एक वीडियो भी अपने ट्विटर आकाउंट पर पोस्ट किया है. इस वीडियो में खुद को DG Parks बताने वाला एक अधिकारी जबरदस्ती मंच पर रखे मीडिया चैनल्स के माइक को हटाता नज़र आ रहा है.
 



जिब्रान के रोकने के बावजूद भी ये अधिकारी न सिर्फ माइक हटाता है बल्कि उनके साथ बदतमीजी भी करता नज़र आ रहा है. जिब्रान ने ट्विटर पर लिखा है कि जैसे हमने ख़ुफ़िया अधिकारियों द्वारा हमें परेशान किए जाने का ज़िक्र किया तभी इन अधिकारियों ने जबरदस्ती माइक हटा दिए.बंद करवा दी गई कला प्रदर्शनीजिब्रान ने ट्वीट कर आरोप लगाया है कि रविवार को पाकिस्तान की मशहूर आर्टिस्ट अदीला सुलेमान की एक कला प्रदर्शनी लगी थी. इस प्रदर्शनी का नाम 'किलिंग फील्ड्स ऑफ कराची' था, जो कि ज्युडीशियल किलिंग के मुद्दे पर थी. जिब्रान के मुताबिक ISI के कुछ अफसरों ने जबरदस्ती इसे बंद करवा दिया. जिब्रान ने कहा कि इस कला प्रदर्शनी में दुनिया के कोने-कोने से आर्टिस्ट आते हैं, उनके सामने पाकिस्तान सरकार का ये रवैया शर्मनाक है. टीवी एंकर्स पर भी लगी पाबंदीबता दें कि पाकिस्तान में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक ने 'टॉक शो' के दौरान टीवी एंकरों के राय देने पर रोक लगा दी है और उनकी भूमिका महज 'संचालन' करने तक सीमित कर दी है. डॉन अखबार की खबर के मुताबिक, रविवार को जारी किये गए आदेश में पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटर अथॉरिटी (पीईएमआरए) ने नियमित शो करने वाले एंकरों को निर्देश दिया कि वे अपने या दूसरे चैनलों के टॉक शो में 'विशेषज्ञ की तरह पेश न हों.' 

पीईएमआरए की आचार संहिता के मुताबिक एंकर की भूमिका कार्यक्रम का संचालन निष्पक्ष, तटस्थ और बिना भेदभाव के करने की है और उन्हें किसी मुद्दे पर व्यक्तिगत राय, पूर्वाग्रहों या फैसला देने से खुद को मुक्त रखना है. नियामक निकाय ने मीडिया घरानों को निर्देश दिया कि वे टॉक शो के लिए मेहमानों का चयन बेहद सतर्कता से करें और ऐसा करने के दौरान उस खास विषय पर उनके ज्ञान और विशेषज्ञता को भी ध्यान में रखें.

इस्लामाबाद हाईकोर्ट द्वारा 26 अक्टूबर को दिये गए एक आदेश के बाद सभी सैटेलाइट टीवी चैनलों को यह आदेश जारी किया गया. अदालत ने शहबाज शरीफ बनाम सरकार के मामले में विभिन्न टीवी टॉक शो पर संज्ञान लिया, जहां एंकरों ने आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए न्यायपालिका और उसके फैसलों की छवि दुर्भावनापूर्ण मंशा से धूमिल करने की कोशिश की.

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