पाकिस्तान में Whatsapp Message भेज कर किया ट्रांसफर, बीच सुनवाई से चले गए जज

पाकिस्तान (Pakistan) के प्रमुख विपक्षी दल पीएमएल-एन (Pml-n) के पंजाब (Punjab) प्रमुख और पूर्व कानून मंत्री राणा सनाउल्लाह के खिलाफ ड्रग मामले में सुनवाई हो रही थी.

News18Hindi
Updated: August 29, 2019, 11:09 AM IST
पाकिस्तान में Whatsapp Message भेज कर किया ट्रांसफर, बीच सुनवाई से चले गए जज
पाकिस्तान (Pakistan) के प्रमुख विपक्षी दल पीएमएल-एन (Pml-n) के पंजाब (Punjab) प्रमुख और पूर्व कानून मंत्री राणा सनाउल्लाह के खिलाफ ड्रग मामले में सुनवाई हो रही थी
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Updated: August 29, 2019, 11:09 AM IST
पाकिस्तान के न्यायिक इतिहास में शायद ऐसा न कभी हुआ होगा कि कोई जज मामले की सुनवाई के दौरान ही उठ गया. दरअसल, सोशल मीडिया एप व्हाट्सएप पर जज को यह जानकारी मिली की उनका ट्रांसफर हो गया है. इसके बाद वह एक मिनट भी नहीं बैठे और मामले की सुनवाई बीच में छोड़ कर चले गए.

मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तान (Pakistan) के प्रमुख विपक्षी दल पीएमएल-एन (Pml-n) के पंजाब (Punjab) प्रमुख और पूर्व कानून मंत्री राणा सनाउल्लाह के खिलाफ ड्रग मामले में सुनवाई के दौरान नारकोटिक्स सब्सटेंस के नियंत्रण के लिए विशेष अदालत में सुनवाई चल रही थी, जिसकी अध्यक्षता जज मसूद अरशद कर रहे थे. सुनवाई के दौरान ही उन्होंने कहा कि उन्हें 'व्हाट्सएप संदेश के माध्यम से काम बंद करने के लिए कहा गया, इसलिए वह कार्यवाही जारी नहीं रख सके.'

जस्टिस अरशद ने बचाव पक्ष के अभियोजन पक्ष के वकीलों को बताया कि 'मुझे मेरे व्हाट्सएप पर एक संदेश मिला है. मुझे काम रोकने के लिए कहा गया है और मेरा ट्रांसफर लाहौर हाईकोर्ट कर दिया गया है.' कार्यवाही के दौरान जज ने पाया कि सनाउल्लाह की कार से 15 किलो की हेरोइन की बरामदगी के संबंध में अदालत में जो वीडियो अभियोजन पक्ष ने पेश किया है उससे रिकवरी नहीं हुई. अदालत सनाउल्लाह की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी. जस्टिस अरशद ने कहा, 'मैं केवल भगवान के प्रति जवाबदेह हूं और इस मामले में जो भी शामिल है, उसके आधार पर निर्णय लिया जाएगा.'

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वकील ने कहा- 

इस मामले से जुड़े एक वरिष्ठ वकील ने पीटीआई को बताया कि ' अभियोजन पक्ष पीटीआई सरकार द्वारा फर्जी मामले को साबित करने में विफल रहा और अदालत ने सनाउल्लाह को जमानत देने का इरादा किया, जज का सरकार ने ट्रांसफर कर दिया. यह अभूतपूर्व है और शायद अतीत में पाकिस्तान के तानाशाही शासन में ऐसा कभी नहीं हुआ. आज पाकिस्तान की न्यायपालिका के लिए काला दिन है.'

उन्होंने कहा, 'यह पाकिस्तान के चीफ जस्टिस के लिए भी एक टेस्ट केस है कि वह नोटिस लें और न्यायपालिका की प्रतिष्ठा को बहाल करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सभ्य दुनिया में ऐसा नहीं होता है कि सुनवाई के बीच में एक जज को रोक दिया जाता है.'
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अदालत में उपस्थित लोगों के लिए जज की घोषणा आश्चर्य का विषय बन गई. सनाउल्लाह के वकील आज़म तरार ने कहा, 'आज जो हुआ वह अभूतपूर्व है. सरकार अब यह तय कर रही है कि वह किस जज से मामले की सुनवाई करवाना चाहती है. जिस तरह से ट्रायल जज को काम करने से रोका गया वह बेहद संदिग्ध है.' सरकार के न्याय और कानून विभाग ने बुधवार को उन जजों का भी ट्रांसफर कर दिया जो पीएमएल-एन के नेताओं शाहबाज शरीफ, मरियम नवाज और हमजा शाहबाज के मामले की सुनवाई कर रहे थे.

पीएमएल एन ने कहा- 

पीएमएल-एन के प्रवक्ता मरियम औरंगजेब ने एक बयान में कहा कि चयनित प्रधान मंत्री इमरान खान ने जज का तबादला करके न्यायपालिका पर हमला किया है. उन्होंने कहा कि इमरान खान एक फांसीवादी है और वह अपने राजनीतिक विरोधियों से बदला लेने के लिए एंटी-नारकोटिक्स फोर्स (एएनएफ) जैसे राज्य संस्थानों का उपयोग कर रहे हैं. उन्होंने कहा और यह 'व्हाट्सएप संदेश हमें व्हाट्सएप कॉल की याद दिलाता है जिस पर एक संयुक्त जांच दल पनामा मामले में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के खिलाफ गठित की गई थी. उन्होंने चीफ जस्टिस ऑफ पाकिस्तान से इस पर ध्यान देने का आग्रह किया क्योंकि देश के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ.

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First published: August 29, 2019, 10:50 AM IST
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