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'आज़ादी मार्च' से घबराई इमरान सरकार, सेना अपने हाथ में ले सकती है लॉ एंड ऑर्डर

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Updated: November 1, 2019, 9:22 PM IST
'आज़ादी मार्च' से घबराई इमरान सरकार, सेना अपने हाथ में ले सकती है लॉ एंड ऑर्डर
पाकिस्तान में सरकार विरोधी आज़ादी मार्च लगातार उग्र होता जा रहा है. फोटो: एपी

कई दिनों से पाकिस्तान पर अस्थिरता के बादल मंडरा रहे हैं. खबरें आ रही हैं कि पाकिस्तान में एक बार फिर से सैन्य शासन लागू हो सकता है. पाकिस्तान की खस्ता आर्थिक हालात, कश्मीर पर भारत के फैसले के बाद वहां पर लगातार असंतोष बढ़ता जा रहा है.

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  • Last Updated: November 1, 2019, 9:22 PM IST
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कराची. पाकिस्तान (Pakistan) में कानून और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सेना अपने हाथ में ले सकती है. पिछले कई दिनों से पाकिस्तान पर अस्थिरता के बादल मंडरा रहे हैं. दरअसल यहां चल रहे सरकार विरोधी आज़ादी मार्च (Azadi March) के कारण ऐसी परिस्थिति बनती दिख रही है. संभव है कि शनिवार को पाकिस्तान में कानून और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी पाकिस्तानी सेना अपने हाथ में ले सकती है. आज़ादी मार्च के कारण इमरान सरकार (Imran Khan) पर लगातार खतरा बना हुआ है. ऐसे में कहा जा रहा है कि पाकिस्तान को त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के हवाले किया जा सकता है.

इसमें स्थानीय पुलिस, रेंजर्स और पाकिस्तानी आर्मी देश के अंदर सुरक्षा व्यवस्था संभाल सकती है. इससे पहले इमरान खान (Imran Khan) आज़ादी मार्च पर कह चुके हैं कि वह इसको नहीं रोक सकते हैं. यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है. बता दें कि पिछले कई दिनों से खबरें आ रही हैं कि पाकिस्तान में एक बार फिर से सैन्य शासन लागू हो सकता है. पाकिस्तान की खस्ता आर्थिक हालात, कश्मीर पर भारत के फैसले के बाद वहां पर लगातार असंतोष बढ़ता जा रहा है.

इस्लामाबाद में प्रभावशाली मौलाना के नेतृत्व में जुटे प्रदर्शनकारी, इमरान के इस्तीफे की मांग
पाकिस्तान में प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) के खिलाफ प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एक प्रभावशाली धर्मगुरु एक विशाल रैली के लिए शुक्रवार को यहां पहुंचे. प्रदर्शनकारी इमरान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. दक्षिणपंथी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम फजल (जेयूआई-एफ) के प्रमुख मौलाना फजल-उर रहमान ने 27 अक्टूबर को अन्य विपक्षी दलों के नेताओं के साथ दक्षिणी सिंध प्रांत से “आजादी मार्च” की शुरुआत की है. ये लोग खान पर 2018 के आम चुनावों में “गड़बड़ी” करने का आरोप लगाते हुए उनसे इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.

पाकिस्तान 'आज़ादी मार्च' में लाखों लोग हिस्सा ले रहे हैं.


उन्होंने प्रधानमंत्री पर अर्थव्यवस्था के कुप्रबंधन, अक्षमता और कुप्रशासन का आरोप भी लगाया जिससे आम आदमी की मुश्किलें बढ़ गईं. जमीयत नेताओं ने कहा कि रहमान का 31 अक्टूबर को इस्लामाबाद पहुंचने का कार्यक्रम था, लेकिन काफिले में सैकड़ों की संख्या में वाहन होने की वजह से रफ्तार धीमी हो गई इससे देर हुई. मौलाना ने सुक्कूर, मुल्तान, लाहौर और गुजरांवाला के रास्ते अपना सफर तय किया और शुक्रवार को तड़के इस्लामाबाद पहुंचे. उन्होंने रास्ते में अपने समर्थकों को बताया, “वह (प्रधानमंत्री खान) चुनावों में धांधली कर सत्ता में आए हैं. उन्हें स्पष्ट संकेत देखने चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए वर्ना हम उन्हें बाहर कर देंगे.”

अव्यवस्था फैलने की धमकी दी
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टीवी को दिए एक साक्षात्कार में रहमान ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं तो देश में “अव्यवस्था” फैलेगी. सुरक्षा संस्थाओं के मुताबिक “आजादी मार्च” में हजारों लोग हिस्सा ले रहे हैं. इस्लामाबाद में यह आंकड़ा और बढ़ गया क्योंकि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) समेत विपक्षी दलों के समर्थक भी सरकार विरोधी इस प्रदर्शन में शामिल हो गए.



बिलावल भुट्टो का सरकार पर हमला
यह प्रदर्शनकारी पेशावर मोड़ के निकट एक विशाल मैदान में रुके हुए हैं जहां विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपने कार्यकर्ताओं को ठहराने के लिए तंबू लगा रखे हैं. यहां प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए पीपीपी प्रमुख बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि इमरान खान एक “कठपुतली” हैं और राष्ट्र अपना सिर एक “चयनित” प्रधानमंत्री और “उसका चयन करने वालों” के सामने झुकाने के लिए तैयार नहीं हैं. रहमान ने एक ट्वीट में सभी प्रदर्शनकारियों और विपक्षी नेताओं को उनके समर्थन के लिए शुक्रिया अदा किया.

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First published: November 1, 2019, 8:32 PM IST
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