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एयर स्ट्राइक के बाद एयरस्पेस बंद करने से पाक को हुआ 688 करोड़ का नुकसान

फरवरी से अब तक करीब 400 फ्लाइट रोजाना पाकिस्तान के एयर स्पेस का इस्तेमाल नहीं कर पा रही हैं. इससे भारतीय कंपनियों को भी काफी नुकसान पहुंचा है.

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भारतीय वायुसेना की बालाकोट में की गई एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया. इस फैसले से खुद पाकिस्तान को ही तगड़ी चपत लगी. दरअसल, एयरस्पेस बंद होने के कारण फरवरी से अब तक करीब 400 फ्लाइट रोजाना पाकिस्तान के एयर स्पेस का इस्तेमाल नहीं कर पा रही हैं. इससे उसे करीब 688 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

हालांकि, पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद होने के कारण भारतीय एयरलाइंस कंपनियों को भी काफी नुकसान पहुंचा है. भारत से दूसरे देशों को जाने वाले विमानों को वैकल्पिक रूट्स का इस्तेमाल करना पड़ा है. इससे उड़ान के समय और लागत में बढ़ोतरी होती है. पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले के बाद भारत ने बालाकोट में एयर स्ट्राइक कर आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया था.

वायुसेना की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने अपने 11 में 9 हवाई रास्तों को बंद कर दिया है. फिलहाल उसके सिर्फ दो हवाई रास्ते चालू हैं, जो दक्षिणी पाकिस्तान से होकर गुजरते हैं. हालांकि, भारतीय वायुसेना ने 31 मई को ऐलान किया था कि बालाकोट स्ट्राइक के बाद भारतीय एयरस्पेस पर लगाए गए सभी अस्थायी प्रतिबंध हटा दिए गए हैं.



विमान के टाइप, वजन और तय की जाने वाली दूरी पर तय होता है शुल्क 
एयरलाइंस जिस देश के एयरस्पेस का इस्तेमाल करती हैं उसके सिविल एविएशन प्रशासन को एक शुल्क देती हैं. यह शुल्क एयरक्राफ्ट के टाइप, तय की जाने वाली दूरी, एयरक्राफ्ट के वजन पर तय होता है. पाकिस्तान के मामले में बोइंग 737 को एयरस्पेस का इस्तेमाल करने की एवज में 580 डॉलर का शुल्क देना होता है. वहीं, एयरबस 380 या बोइंग 747 के लिए यह शुल्क बढ़ जाता है.

अलग-अलग देशों में अलग है एयरस्पेस इस्तेमाल करने का शुल्क 

सभी एयरस्पेस इतने महंगे नहीं हैं. कनाडा एयरप्लेन के वजन और तय की गई दूरी के हिसाब से शुल्क लेता है, जबकि अमेरिका सिर्फ तय की गई दूरी का शुल्क लेता है. अमेरिका जापान से न्यूजीलैंड जाने वाली फ्लाइट के लिए 26.51 डॉलर प्रति नॉटिकल माइल्स (करीब 185.2 किमी) का शुल्क लेता है. वहीं, डीजीसीए ने भारत में ओवरफ्लाइट और लैंडिंग चार्ज तय किया है. इसमें स्थानीय उड़ानों को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से ज्यादा भगुतान करना होता है.

भारत में दूरी की गणना नॉटिकल माइल्स के हिसाब से की जाती है 

भारत में शुल्क के लिए तय किए गए रास्ते की गणना नॉटिकल माइल्स के हिसाब से की जाती है. साथ ही फ्लाइट का वजन भी देखा जाता है. टाइम्स न्यूज नेटवर्क की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर फ्लाइट भारत की जमीन पर लैंड करती है तो उसके लिए 5,330 रुपये अतिरिक्त देने होते हैं. यदि फ्लाइट भारतीय जमीन का इस्तेमाल किए बगैर यहां के एयरस्पेस से गुजरती है तो एयरस्पेस फीस, तय की गई दूरी और वजन के चार्ज के साथ 5,080 रुपये अतिरिक्त देने होते हैं.

एयर इंडिया को 2 जुलाई तक हुआ 491 करोड़ रुपये का नुकसान 

पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद होने से एयर इंडिया को 2 जुलाई तक 491 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. यह जानकारी सिविल एविएशन मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा में दी. प्राइवेट एयरलाइंस में स्पाइसजेट को 30.73 करोड़ रुपये, इंडिगो को 25.1 करोड़ रुपये और गोएयर के 2.1 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

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