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lynching of sri lankan citizen in pakistan 89 people charge sheeted in anti terrorist court

पाकिस्तान में श्रीलंकाई नागरिक की लिंचिंग का मामला: एंटी टेररिस्ट कोर्ट में 89 लोगों को बनाया गया आरोपी

श्रीलंकाई नागरिक की लिंचिंग के बाद पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने कड़े एक्शन की बात कही थी. फाइल फोटो

श्रीलंकाई नागरिक की लिंचिंग के बाद पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने कड़े एक्शन की बात कही थी. फाइल फोटो

Pakistan News: कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के समर्थकों सहित 800 से अधिक लोगों की भीड़ ने ईशनिंदा के आरोप में 3 दिसंबर को सियालकोट के एक कपड़ा कारखाने पर हमला किया था और उसके 47 वर्षीय महाप्रबंधक प्रियंथा कुमारा (Priyantha Kumara) की पीट-पीट कर हत्या कर दी और उनके शरीर को जला दिया.

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लाहौर. पाकिस्तान में एक श्रीलंकाई नागरिक की लिंचिंग के मामले में एंटी टेररिस्ट कोर्ट में 89 लोगों को आरोपी बनाया गया है. कथित ईशनिंदा को लेकर पिछले साल दिसंबर में पंजाब प्रांत में राजधानी लाहौर से लगभग 100 किमी. दूर सियालकोट में एक श्रीलंकाई नागरिक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई और उसके शव को जला दिया गया. यह एक ऐसी भीषण घटना थी, जिसने पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर बहुत ज्यादा बदनाम किया.

कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के समर्थकों सहित 800 से अधिक लोगों की भीड़ ने ईशनिंदा के आरोप में 3 दिसंबर को सियालकोट के एक कपड़ा कारखाने पर हमला किया था और उसके 47 वर्षीय महाप्रबंधक प्रियंथा कुमारा (Priyantha Kumara) की पीट-पीट कर हत्या कर दी और उनके शरीर को जला दिया. फैक्ट्री के कुछ कर्मचारियों ने कुमारा पर फैक्ट्री में मशीनों के निरीक्षण के दौरान इस्लाम से जुड़े टीएलपी के कुछ पोस्टर को फाड़ने का आरोप लगाया था.

अदालत के एक अधिकारी ने सुनवाई के बाद बताया कि आतंकवाद रोधी अदालत लाहौर की न्यायाधीश नताशा नसीम ने शनिवार को कोट लखपत जेल में सुनवाई के दौरान ईशनिंदा के आरोपों में कुमारा की पीट-पीटकर हत्या करने और जलाने में शामिल 89 संदिग्धों को आरोपी ठहराया. न्यायाधीश ने संदिग्धों को चार्जशीट किए जाने के बाद अभियोजकों को 14 मार्च को अदालत में गवाह पेश करने का आदेश दिया है.

जबकि संदिग्धों ने अपराध में शामिल होने के आरोपों से इनकार किया है. सुरक्षा कारणों से जेल में ही मुकदमा चल रहा है. वीडियो फुटेज के जरिए संदिग्धों की पहचान की गई है. इस घटना के बाद लगभग 200 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया था. लेकिन 110 लोगों के शामिल होने का कोई सबूत पेश नहीं किया जा सका. इसलिए उनका नाम प्राथमिकी में शामिल नहीं किया गया और बाद में रिहा कर दिया गया.

स्थानीय व्यापारी समुदाय ने कुमारा की पत्नी को 100,000 अमेरिकी डॉलर का दान दिया है और कारखाने के मालिक का कहना है कि उनका 1,650 अमेरिकी डॉलर का वेतन भी उनके परिवार को हर महीने दिया जाता है. हैरानी की बात यह है कि न तो संघीय सरकार और न ही पंजाब सरकार ने अब तक पीड़ित परिवार के लिए किसी मुआवजे के पैकेज की घोषणा की है. कुमारा पिछले सात साल से सियालकोट जिले के राजको इंडस्ट्रीज (वस्त्रों का कारोबार) में महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत थे.

इस घटना से पूरे पाकिस्तान में आक्रोश फैल गया था और समाज के सभी वर्गों ने इसकी निंदा की और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की. एटीसी गुजरांवाला ने पहले ही एक व्यक्ति को अपने यूट्यूब चैनल पर कुमारा की लिंचिंग को ‘जायज’ बताने के लिए एक साल की कैद की सजा सुनाई थी. सियालकोट के 27 वर्षीय मुहम्मद अदनान ने अपने यूट्यूब चैनल पर प्रियंथा की हत्या के बारे में एक वीडियो अपलोड किया था और शव को जलाने को जायज ठहराया था.

Tags: Lahore, Lynching Case, Mob lynching, Pakistan, Sialkot

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