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पाकिस्तान पर बड़ा फैसला आज, आतंकियों को मदद करने के चलते FATF कर सकता है ब्लैक लिस्ट

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Updated: October 18, 2019, 8:12 AM IST
पाकिस्तान पर बड़ा फैसला आज, आतंकियों को मदद करने के चलते FATF कर सकता है ब्लैक लिस्ट
कहा जा रहा है कि अगर पाकिस्तान ब्लैक लिस्ट होने से बच भी जाता है तो भी उसे कड़ी चेतावनी मिल सकती.

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) में अगर पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से निकालकर ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाता है तो अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष, विश्व बैंक और यूरोपीय संघ पाकिस्तान को कर्ज देने से इनकार कर सकते हैं.

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  • Last Updated: October 18, 2019, 8:12 AM IST
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पेरिस. आतंकवादियों (Terrorist) को लगातार अपनी सरजमीं पर पनाह देना पाकिस्तान (Pakistan) के लिए भारी पड़ सकता है. टेरर फंडिंग (Terror funding) और मनी लॉन्ड्रिंग (Money laundering) पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) आज पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट करने पर फैसला ले सकती है. फिलहाल पाकिस्तान ग्रे लिस्ट में है. FATF ने माना है कि पाकिस्तान आतंकी फंडिंग को रोकने में असफल रहा है.

क्या होगा पाकिस्तान का?
पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट करने का फैसला FATF के 39 सदस्य देश लेंगे. इस साल जून में चीन, तुर्की और मलेशिया ने पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट किए जाने का विरोध किया था. इतना ही नहीं पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी इन तीन देशों ने पाकिस्तान का समर्थन किया था. ऐसे में कहा जा रहा है कि ये तीनों देश एक बार फिर से पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट होने से बचा सकते हैं.

इस बार आखिरी चेतावनी!

कहा जा रहा है कि अगर पाकिस्तान ब्लैक लिस्ट होने से बच भी जाता है तो भी उसे कड़ी चेतावनी मिल सकती. एक अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान के अपर्याप्त प्रदर्शन को देखते हुए वो FATF द्वारा कड़ी कार्रवाई के कगार पर है. पाकिस्तान 27 में से सिर्फ छह बिंदुओं को पारित करने में कामयाब रहा है. पाकिस्तान को‘डार्क ग्रे’ सूची में डाला जा सकता है, जो सुधरने की अंतिम चेतावनी है.

ब्‍लैक लिस्‍ट में डालने की मांग
पेरिस में इस हफ्ते FATF की बैठक चल रही थी. बैठक में भाग लेने वाले अधिकारियों ने कहा है कि अगर पाकिस्तान ने जरूरी कदम नहीं उठाए तो उसे सभी सदस्यों द्वारा अलग-थलग कर दिया जाएगा.
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बैठक में भारत ने कहा कि इस्‍लामाबाद ने आतंकी हाफिज सईद (Hafiz Saeed) को फ्रीज अकाउंट से पैसे निकालने की मंजूरी दी. लिहाजा पाकिस्‍तान को ब्‍लैक लिस्‍ट में डाला जाना चाहिए.

एफएटीएफ के नियमों के अनुसार 'ग्रे' और 'ब्लैक' सूचियों के बीच एक अनिवार्य चरण है, जिसे 'डार्क ग्रे' कहा जाता है. 'डार्क ग्रे' का मतलब है सख्त चेतावनी ताकि संबंधित देश को सुधार का एक अंतिम मौका मिल सके.

ब्लैक लिस्ट होने पर क्या होगा?
फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) में अगर पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से निकालकर ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाता है तो अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष, विश्व बैंक और यूरोपीय संघ पाकिस्तान को कर्ज देने से इनकार कर सकते हैं. ऐसे में पहले से आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की स्थिति और खराब हो जाएगी. इसी के साथ पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय बाजार से भी कर्ज मिलने में मुश्किल होगी.

(भाषा इनपुट के साथ)

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First published: October 18, 2019, 6:01 AM IST
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