कुलभूषण जाधव मामले में ICJ के फैसले को इमरान सरकार की जीत बता रहा है पाकिस्तानी मीडिया

पाकिस्तान के अखबार द डॉन, द एक्सप्रेस ट्रिब्यून पीके और जियो टीवी ने बताया, आईसीजे ने कुलभूषण जाधव को बरी और रिहा करने की भारत की याचिका ठुकरा दी है.

News18Hindi
Updated: July 17, 2019, 11:59 PM IST
कुलभूषण जाधव मामले में ICJ के फैसले को इमरान सरकार की जीत बता रहा है पाकिस्तानी मीडिया
आईसीजे ने फैसला दिया है कि पाकिस्तान कुलभूषण को दी गई मौत की सजा की समीक्षा करे और उन्हें राजनयिक पहुंच मुहैया कराए.
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Updated: July 17, 2019, 11:59 PM IST
भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) के फैसले को पाकिस्तान का मीडिया इमरान खान सरकार की बड़ी जीत के तौर पर पेश कर रहा है. हालांकि, आईसीजे ने मामले में फैसला दिया है कि पाकिस्तान कुलभूषण को दी गई मौत की सजा की समीक्षा करे और उन्हें राजनयिक पहुंच मुहैया कराए. पाकिस्तान ने जाधव को मार्च, 2016 में पकड़ा था. अप्रैल, 2017 में पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने उन्हें भारतीय जासूस और आतंकवादी बताकर मौत की सजा सुनाई थी.

'कुलभूषण जाधव को नहीं मिलेगी राजनयिक पहुंच'

पाकिस्तान के अखबार द डॉन, द एक्सप्रेस ट्रिब्यून पीके और जियो टीवी ने बताया है कि आईसीजे ने जाधव को बरी और रिहा करने की भारत की याचिका खारिज कर दी है. पाक मीडिया के मुताबिक, जाधव खुद स्वीकार कर चुके हैं कि वह भारतीय जासूस हैं और नीदरलैंड्स के हेग की अंतरराष्ट्रीय अदालत ने भारत की याचिका रद्द कर दी. जियो टीवी के मुताबिक, कोर्ट ने जाधव को लौटाने की भारत की याचिका नामंजूर कर दी है. वहीं, द डॉन ने लिखा है कि आईसीजे ने जाधव को लौटाने और उन्हें राजनयिक पहुंच मुहैया कराने की मांग नामंजूर कर दी है.

'बलूचिस्तान से पकड़ा गया भारतीय नौसेना अफसर'

पाकिस्तान मीडिया के मुताबिक, भारतीय नौसेना के अधिकारी जाधव भारत की खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस (RAW) के लिए काम करते थे. उन्हें 3 मार्च, 2016 को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया था. भारतीय जासूस ने जून, 2017 में मौत की सजा के खिलाफ दया याचिका दायर की थी. वहीं, भारत ने सजा के खिलाफ आईसीजे का दरवाजा खटखटाया. इसके बाद आईसीजे ने जाधव की सजा पर रोक लगा दी.

आईसीजे ने 15-1 के बहुमत से लगाई सजा पर रोक

बता दें कि आईसीजे ने पाकिस्तान में कुलभूषण को मौत की सजा के खिलाफ भारत की याचिका पर बुधवार को अपना फैसला सुनाया. आईसीजे ने 15-1 के बहुमत से कहा कि जाधव की मौत की सजा पर रोक बरकरार रहेगी. पाकिस्तान की सैन्य अदालत में उन्हें दोषी ठहराने और उन्हें दी गई सजा पर पुनर्विचार करने की जरूरत है. आईसीजे ने मामले में पाकिस्तान की आपत्तियों को खारिज कर दिया. साथ ही पाकिस्तान के इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि भारत ने जाधव की वास्तविक नागरिकता की जानकारी नहीं दी है.
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वियना संधि उल्लंघन पर पाक की लगाई फटकार

अदालत ने कहा, यह साफ है कि जाधव भारतीय नागरिक हैं. पाकिस्तान ने भी माना है कि जाधव भारतीय नागरिक हैं. आईसीजे ने फटकार लगाते हुए कहा कि पाकिस्तान ने जाधव को उनके अधिकारों के बारे में नहीं बताया. ऐसा करके वियना संधि की शर्तों का उल्लंघन किया गया है. साथ ही आईसीजे ने जाधव तक राजनयिक पहुंच दिए जाने की भारत की मांग के पक्ष में फैसला सुनाया है. अब भारतीय उच्चायोग जाधव से मुलाकात कर सकेगा और उन्हें वकील व अन्य कानूनी सुविधाएं दे पाएगा.

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First published: July 17, 2019, 11:35 PM IST
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