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Exclusive: 'पाकिस्तान कसाइयों का देश': अस्पताल में सड़े-गले शवों पर तालिबान ने सेना, ISI को ठहराया दोषी

टीटीपी ने कहा कि लोगों के शवों को क्षत-विक्षत कर उनके अंगों के पैसे के लिए बेच दिया गया. (प्रतीकात्मक तस्वीर/AFP)

टीटीपी ने कहा कि लोगों के शवों को क्षत-विक्षत कर उनके अंगों के पैसे के लिए बेच दिया गया. (प्रतीकात्मक तस्वीर/AFP)

मुल्तान जिले के एक अस्पताल की छत पर सैंकड़ों सड़े-गले शव बरामद होने के बाद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) या पाकिस् ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुल्तान जिले के अस्पताल की छत पर करीब 200 शव सड़े-गले हुए मिले.
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने घटना की निंदा करते हुए पाकिस्तान सरकार को कसाई बताया.
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने कहा कि इन सबके पीछे सेना और ISI का हाथ है.

इस्लामाबाद. पाकिस्तान में पंजाब प्रांत के मुल्तान जिले में दिल दहला देने वाली घटना सामने आने के बाद अब सरकार की हर तरफ से विरोध हो रहा है. मुल्तान जिले के एक अस्पताल की छत पर सैंकड़ों सड़े-गले शव बरामद होने के बाद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) या पाकिस्तान के तालिबान ने इस घटना की निंदा की. साथ ही टीटीपी ने इस जघन्य कृत्य के लिए पाकिस्तान को ‘कसाइयों का देश’ कहा. इसके अलावा टीटीपी ने घटना के लिए पाकिस्तान की सेना और सरकार को जिम्मेदार ठहराया. कुछ मीडिया रिपोर्टों में शवों की संख्या 200 बताई गई है.

अटकलें लगाई जा रही थीं कि बरामद हुई लाशें बलूच और पश्तूनों की हो सकती हैं, जो बलूचिस्तान और पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (केपी) प्रांतों से पाकिस्तानी सेना द्वारा अपहरण किए जाने के बाद से गायब थे. एक सूत्र ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया कि पंजाब प्रांत के निश्तार अस्पताल से छोड़े गए शवों को बरामद किया गया था और कई लाशें खुली हुई थीं, उन्हें ढंग से सिला नहीं गया था. साथ ही शवों के महत्वपूर्ण अंगों को निकाल दिया गया था.

शवों का नहीं हो रहा है डीएनए टेस्ट
नाम न छापने की शर्त पर एक डॉक्टर ने कहा कि शरीर पर बड़े ‘सलवार’ से संकेत मिलता है कि पीड़ित या तो बलूच हैं या पश्तून. डॉक्टर ने कहा, अस्पताल प्रशासन उनके डीएनए परीक्षण नहीं कर रहा है और इस मुद्दे को दबाने की कोशिश कर रहा है.

उधर टीटीपी ने इसे पाकिस्तानी सरकार और सेना और इंटर-स्टेट इंटेलिजेंस (आईएसआई) जैसे संस्थानों का काम बताया. टीटीपी ने कहा, ‘पाकिस्तान ‘कसाइयों का देश’ है, जहां कोई भी इंसानी जीवन की परवाह नहीं करता है, खासकर बलूच और पश्तूनों की. पाकिस्तान का बलूच और पश्तूनों के प्रति कोई पाक इरादा नहीं है.

टीटीपी ने मानवाधिकार संगठनों की भी की निंदा
टीटीपी ने उन पार्टियों और मानवाधिकार संगठनों की भी निंदा की जिन्होंने ऐसे मामलों के खिलाफ आवाज नहीं उठाई और कहा कि टीटीपी इस तरह की कार्रवाइयों पर सरकार से सवाल करेगी. साथ ही कहा, ‘इस तरह के कृत्य मानव शरीर का अनादर और शरीयत के खिलाफ हैं.’

पंजाब के मुख्यमंत्री परवेज इलाही ने शुक्रवार को मामले की जांच के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया. विशेष स्वास्थ्य सचिव मुजमिल बशीर की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय समिति को जांच पूरी करने और जिम्मेदारी तय करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है.

Tags: Pakistan

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