Exclusive: इमरान ख़ान ने आतंकियों को दी खुली छूट! बेस बदलने की फिराक में लश्कर

सूत्रों ने बताया कि समसत्ता के आसपास जमीन की बेनामी खरीद के लिए फंड, लश्कर के धार्मिक फ्रंट-संगठन, फलाह-ए-इंसानिया फाउंडेशन (एफआईएफ) को मिले दान से नकदी में आए.

फर्स्टपोस्ट.कॉम
Updated: October 11, 2018, 10:41 PM IST
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Updated: October 11, 2018, 10:41 PM IST
प्रवीण स्वामी

पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा जमीन खरीद रहा है. यह जमीन पाक के पंजाब प्रांत स्थित समसत्ता कस्बे में खरीदी जा रही है. भारतीय खुफिया सूत्रों ने यह जानकारी हमारे सहयोगी FirstPost को दी है. मिली जानकारी के अनुसार हाउसिंग मेडिकल, एजुकेशनल और आइडीअलाजिकल ट्रेनिंग फैसेलटीज का कैंपस बनाए जाने की उम्मीद है.

बहुराष्ट्रीय वित्तीय कार्य टास्क फोर्स (FATF) का प्रतिनिधित्व करने वाले वित्तीय अपराध विशेषज्ञ, जिन्होंने आतंकवादी वित्तपोषण के खिलाफ काम न करने तक पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट करने की धमकी दी है, वे फिलहाल पाक में जिहादी समूहों के खिलाफ कार्य करने के अपने दावों का आकलन करने के लिए देश में हैं.

हालांकि विदेशी ऋण संकट में फंसी प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार को एफएटीएफ से कार्रवाई को रोकने की उम्मीद है, इसके लश्कर और उसके जिहादी सहयोगियों के साथ घनिष्ठ संबंध है. बीते महीने धार्मिक मामलों के मंत्री नूरुल हक कादरी ने जिहाद कुलपति सामी-उल-हक के साथ एक मंच साझा किया, जहां उन्होंने भाषण दिया था कि 'कश्मीर मुद्दे को जिहाद के बिना हल नहीं किया जा सकता.'

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दिलचस्प बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संगठनों के कर्मचारियों को बहावलपुर के आसपास से बाहर निकाला गया है. भारतीय अधिकारियों का मानना है कि ऐसा क्षेत्र में आने वाले जिहादी बुनियादी ढांचे को उनकी आंखो से दूर करने के लिए किया गया है.

सूत्रों ने बताया कि समसत्ता के आसपास जमीन की बेनामी खरीद के लिए फंड, लश्कर के धार्मिक फ्रंट-संगठन, फलाह-ए-इंसानिया फाउंडेशन (एफआईएफ) को मिले दान से नकदी में आए. अपने छोटे औपनिवेशिक युग के रेलवे जंक्शन के लिए जाना जाने वाला छोटा शहर इसलिए चुना जा सकता है क्योंकि पास के बहवालपुर की तुलना में भूमि की कीमतें कम हैं, जहां लश्कर के पास पहले से ही एक इमारत है.

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भले ही FIF संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा लश्कर के एक मोर्चे के रूप में सूचीबद्ध है जिसकी संपत्तियों को सभी देशों को इसकी संपत्ति सीज करने की अनिवार्यता है यह संगठन पाकिस्तान में खुले तौर पर काम कर रहा है. लाहौर फोन नंबर वाला इसका फेसबुक पेज, पाकिस्तान और विदेशों में चिकित्सा देखभाल से पीने के पानी तक के लिए दान मांगना शामिल है.

साल 2017 की वार्षिक रिपोर्ट में, एफआईएफ ने दावा किया है कि 1.6 मिलियन मरीजों को मुफ्त चिकित्सा उपचार मुहैया कराया गया है, और इसकी चिकित्सा सेवाओं के जरिए 107,551 के लिए खून उपलब्ध कराया गया है.

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