जंग की धमकी के बाद घुटनों पर पाकिस्तान, विदेश मंत्री कुरैशी बोले- हमने कभी बातचीत के लिए ना नहीं कहा

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Updated: August 31, 2019, 1:29 PM IST
जंग की धमकी के बाद घुटनों पर पाकिस्तान, विदेश मंत्री कुरैशी बोले- हमने कभी बातचीत के लिए ना नहीं कहा
इससे पहले पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उनसे (भारत) बात करने का कोई मतलब नहीं है.

इससे पहले पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने एक इंटरव्यू में कहा था कि 'उनसे (भारत) बात करने का कोई मतलब नहीं है.

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जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) से आर्टिकल 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद से ही बौखलाए पाकिस्तान (Pakistan) ने अब भारत के साथ बातचीत की पेश की है. बीते कई दिनों से जंग और परमाणु युद्ध की गीदड़भभकी दे रहे पाकिस्तान की अक्ल अब ठिकाने आती दिख रही है.

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान ने कभी भी द्विपक्षीय स्तर पर भारत के साथ बातचीत के विचार का विरोध नहीं किया है. कुरैशी ने कहा, 'हमने कभी बातचीत के लिए न नहीं कहा, हालांकि, हम भारत द्वारा बनाए जा रहे माहौल में बातचीत नहीं देख सकते.'

इस मुद्दे पर बाहरी हस्तक्षेप के बारे में बात करते हुए कुरैशी ने कहा, 'मुद्दे पर किसी भी बाहरी हस्तक्षेप की बहुत सराहना की जाएगी.'

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कश्मीर के नेताओं के रिहाई की मांग
कुरैशी ने सुझाव दिया कि 'जम्मू-कश्मीर में गिरफ्तार हुए राजनेताओं की रिहाई के बाद राजनीतिक नेतृत्व द्वारा भारत के साथ बातचीत शुरू की जा सकती है, जिसमें कहा गया है कि कश्मीर मुद्दे पर तीन पक्ष पाकिस्तान, भारत और कश्मीर के लोग हैं.'

कुरैशी ने कहा- जब कश्मीरी नेताओं को रिहा किया जाए तो बातचीत हो सकती है. मुझे उनसे मिलने की अनुमति दी जानी चाहिए ताकि मैं उन्हें एक संवाद हो सके.' प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि उनकी सरकार ने भारत के साथ किसी भी तरह की बातचीत की पहल करना बंद कर दिया है, उनका दावा है कि जम्मू-कश्मीर में भारत के फैसले से दोनों परमाणु शक्तियों के बीच पूर्ण टकराव हो सकता है.
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इमरान ने कहा था कोई बातचीत नहीं
इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक इंटरव्यू में कहा था कि 'उनसे (भारत) बात करने का कोई मतलब नहीं है. मेरा मतलब है, मैंने सब कुछ कर लिया. दुर्भाग्य से, अब जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, तो शांति और संवाद के लिए जो मैं कर रहा था, मुझे लगता है उन्होंने इसे तुष्टीकरण माना.'

एक लेख में इमरान ने कहा था कि इमरान खान ने आगे कहा कि अगर भारत जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने का फैसला ‘पलटता’ है, प्रतिबंधों को खत्म करता है और अपनी सेना को वापस बुलाता है तभी उसके साथ बातचीत हो सकती है. इमरान ने कहा, ‘कश्मीर पर संवाद में सभी पक्षकार खासतौर से कश्मीरी शामिल होने चाहिए.’

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First published: August 31, 2019, 1:09 PM IST
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