पाकिस्तान में मौलानाओं के दबाव में झुकी इमरान सरकार, मस्जिद में सामूहिक नमाज को दी मंजूरी

पाकिस्तान में मौलानाओं के दबाव में झुकी इमरान सरकार, मस्जिद में सामूहिक नमाज को दी मंजूरी
पाकिस्तान में सामूहिक नमाज़ को सरकार से इजाज़त मिली

पाकिस्तान (Pakistan) के राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी (Arif Alvi) ने धर्मगुरुओं और सभी प्रांतों के सियासी नुमाइंदों के साथ हुई बैठक के बाद इसका ऐलान किया

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 19, 2020, 12:28 AM IST
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पाकिस्तान (Pakistan) में कोरोना (Coronavirus) से कोहराम मचा हुआ है. कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने की इमरान (Imran Khan) सरकार तमाम कोशिश कर रही है लेकिन कट्टरपंथी मौलवी लॉकडाउन (Lockdown) के बावजूद मस्जिद में नमाज़ पढ़ने से लोगों को नहीं रोक रहे हैं. अब मौलवियों के दबाव में झुकते हुए इमरान सरकार ने रमजान के पवित्र महीने में मस्जिदों में सामूहिक नमाज पढ़ने की इजाजत दे दी है.

पाकिस्तान के राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी ने धर्मगुरुओं और सभी प्रांतों के सियासी नुमाइंदों के साथ हुई बैठक के बाद इसका ऐलान किया. अल्वी ने कहा कि नमाज के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा जाएगा.

इमरान सरकार के सामने बड़ी मुश्किल उन कट्टरपंथी मौलवियों की वजह से आ रही है जो कि किसी भी सूरत में लॉकडाउन का पालन नहीं कर रहे हैं. सरकार तमाम धर्मगुरुओं और मौलवियों को मस्जिद में सामूहिक नमाज़ पढ़ने से रोकने की कोशिश करती आ रही थी. लेकिन सामूहिक इबादत रोकने को लेकर मौलवी राज़ी नहीं हुए. जिसके बाद आखिरकार सरकार को इनके सामने झुकना पड़ा और रमजान के पवित्र मौके पर मस्जिद में सामूहिक नमाज़ पढ़ने की इजाज़त देनी पड़ी.



पाकिस्तान सरकार के इस फैसले के पीछे एक बड़ी वजह ये मानी जा रही है कि पाक पीएम इमरान खान मौलवियों को नाराज़ कर उनका समर्थन नहीं खोना चाहते हैं. दरअसल कट्टरपंथी मौलवियों ने इमरान से कहा था कि ये मौलवी ही तय करेंगे कि पाकिस्तान में मस्जिदें खुलेंगी की नहीं और वहां नमाज़ कैसे पढ़ी जाएगी. जुमे की नमाज के दौरान पाकिस्तान में कई जगह पुलिस और लोगों में भिड़ंत हो चुकी है. मौलवियों ने लोगों को मस्जिद में नमाज़ पढ़ने से नहीं रोका है जिस वजह से लॉकडाउन के नियम लगातार टूटते जा रहे हैं. पाकिस्तान में बढ़ते कोरोना मरीजों में एक बड़ी तादाद उन लोगों की है जो कि मौलवियों के कहने पर लगातार मस्जिद आ रहे हैं जिस वजह से संक्रमण फैलता जा रहा है.
शनिवार को पाकिस्तान में कोरोना संक्रमण के 465 नए मामले सामने आए जिसके साथ ही संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 7481 हो गई. अब तक आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान में कोरोना से 143 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 1832 मरीज ठीक हुए हैं.

पंजाब प्रांत में 3,391 मामले, सिंध में 2217, खैबर पख्तूनख्वा में 1077, बलूचिस्तान में 335, गिलगित-बाल्टिस्तान में 250, इस्लामाबाद में 163 और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 48 मामले सामने आ चुके हैं. लेकिन पाकिस्तान के सामने बड़ी दिक्कत ये है कि वो लोगों की जांच ठीक तरीके से नहीं कर पा रहा है. ऐसे में इन आंकड़ों पर भरोसा नहीं किया जा सकता है और पाकिस्तान में संक्रमण के मामलों में भारी इज़ाफ़ा होने की आशंका है.
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