लाइव टीवी

पाक रेल मंत्री के आतंकी बोल , कहा- करतारपुर का नाम खालिस्तान स्टेशन होना चाहिए

News18Hindi
Updated: March 15, 2019, 12:34 PM IST

पाक रेल मंत्री शेख राशिद अहमद ने एक टीवी चैनल से करतारपुर कॉरिडोर मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि, 'करतारपुर का नाम खालिस्तान स्टेशन रख देना चाहिए.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 15, 2019, 12:34 PM IST
  • Share this:
पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. शुक्रवार को पाकिस्तान ने एक बार फिर आतंकियों की भाषा बोली है. पाकिस्तान के रेल मंत्री ने कहा है कि करतारपुर का नाम खालिस्तान होना चाहिए. पाक रेल मंत्री शेख राशिद अहमद ने एक टीवी चैनल से करतारपुर कॉरिडोर मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि, 'करतारपुर का नाम खालिस्तान स्टेशन रख देना चाहिए. पुराना शेख राशिद होता तो खालिस्तान स्टेशन रख देता उसका नाम. अब मैं जिम्मेदार हूं इसलिए इस पर मैं विदेश मंत्रालय से बात करुंगा.'

बता दें करतारपुर कॉरीडोर सिखों के लिए सबसे पवित्र जगहों में से एक है. करतारपुर साहिब सिखों के प्रथम गुरु, गुरुनानक देव जी का निवास स्‍थान था. गुरू नानक ने अपनी जिंदगी के आखिरी 17 साल 5 महीने 9 दिन यहीं गुजारे थे. उनका सारा परिवार यहीं आकर बस गया था. उनके माता-पिता और उनका देहांत भी यहीं पर हुआ था. इस लिहाज से यह पवित्र स्थल सिखों के मन से जुड़ा धार्मिक स्थान है.

यह भी पढ़ें: 21 विपक्षी दलों की याचिका पर VVPAT को लेकर SC ने EC को दी नोटिस

बाद में उनकी याद में यहां पर एक गुरुद्वारा बनाया गया. इसे ही करतारपुर साहिब के नाम से जाना जाता है. यह पाकिस्‍तान के नारोवाल जिले में है जो पंजाब मे आता है. यह जगह लाहौर से 120 किलोमीटर दूर है. जहां पर आज गुरुद्वारा है.

यह भी पढ़ें: स्पॉट फिक्सिंग: क्रिकेटर श्रीसंत को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने हटाया लाइफ बैन



यह भी पढ़ें: अमृतसर में रात को हुए धमाकों के पीछे ये थी वजह, पाक को मुंहतोड़ जवाब देने की हो रही थी तैयारी

गुरुनानक ने रावी नदी के किनारे एक नगर बसाया और यहां खेती कर उन्होंने 'नाम जपो, किरत करो और वंड छको' (नाम जपें, मेहनत करें और बांट कर खाएं) का फलसफा दिया था. इतिहास के अनुसार गुरुनानक देव की तरफ से भाई लहणा जी को गुरु गद्दी भी इसी स्थान पर सौंपी गई थी. जिन्हें दूसरे गुरु अंगद देव के नाम से जाना जाता है और आखिर में गुरुनानक देव ने यहीं पर समाधि ली थी.

यह भी पढ़ें: न्यूजीलैंड हमला: हमलावर फेसबुक पर 17 मिनट तक दिखाता रहा दहशत का मंज़र

यह गुरुद्वारा रावी नदी के पास है और डेरा साहिब रेलवे स्‍टेशन से इसकी दूरी चार किलोमीटर है. यह गुरुद्वारा भारत-पाकिस्‍तान सीमा से सिर्फ तीन किलोमीटर दूर है. गुरुद्वारे भारत की तरफ से साफ नजर आता है. पाकिस्‍तानी अथॉरिटीज इस बात का ध्‍यान रखती हैं कि इसके आसपास घास न जमा हो पाए और वह समय-समय पर इसकी कटाई-छटाई करते रहते हैं ताकि इसे देखा जा सके.

यह भी पढ़ें: PHOTOS: हेलमेट लगाकर मस्जिद में घुसा शख्स, नमाज़ियों पर ताबड़तोड़ बरसाईं गोलियां

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पाकिस्तान से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 15, 2019, 12:08 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...