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pakistan army may break ceasefire near border in support of terrorist group

पाकिस्तानी सेना कर सकती है सीजफायर का उल्लंघन, आतंकियों ने भारत के खिलाफ बनाया खतरनाक प्लान: सूत्र

सीमा पर पाकिस्तान सेना द्वारा सीज फायर का उल्लंघन किया जा सकता है. (फोटो- Reuters)

सीमा पर पाकिस्तान सेना द्वारा सीज फायर का उल्लंघन किया जा सकता है. (फोटो- Reuters)

सीएनएन-न्यूज18 को मिली खुफिया जानकारी ने पुष्टि की कि ये आतंकवादी समूह पाकिस्तान पर अपनी घुसपैठ की व्यवस्था करने का दबाव बना रहे हैं.

हाइलाइट्स

आतंकवादी संगठन पाकिस्तान पर अपनी घुसपैठ की व्यवस्था करने का दबाव बना रहे हैं.
पाकिस्तान पर आतंकी संगठन सीज फायर का उल्लंघन करने का दबाव बना रहा है.
ISI के पूर्व अफसर ने ब्लू प्रिंट का किया था खुलासा.

नई दिल्ली. पाकिस्तान की सेना आने वाले दिनों में सीजफायर का अधिक उल्लंघन कर सकती है. क्योंकि आतंकवादी संगठन पाक सेना पर दबाव बना रहे हैं. इसका खुलासा शीर्ष खुफिया सूत्रों ने सीएनएन-न्यूज 18 से किया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को बढ़ाने की संभावना है. क्योंकि आतंकी संगठन सेना पर संघर्ष विराम का उल्लंघन करने का दबाव बना रहे हैं. सीएनएन-न्यूज18 को मिली खुफिया जानकारी ने पुष्टि की कि ये आतंकवादी समूह पाकिस्तान पर अपनी घुसपैठ की व्यवस्था करने का दबाव बना रहे हैं. सूत्रों ने कहा कि बड़ी संख्या में ट्रेनिंग लिए कैडर पेशावर, बहावलपुर और मुजफ्फराबाद में बैठे हैं. सूत्रों ने कहा कि तालिबान द्वारा मजबूर किए जाने के बाद कैडर नंगरहार और अफगानिस्तान के अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों से वापस आ गया है.

कैडर द्वारा घुसपैठ का मतलब है कि पाकिस्तानी सेना नियंत्रण रेखा (एलओसी) से उनको सपोर्ट करेगी. सूत्रों ने कहा कि उनकी तरफ से लगातार गोलीबारी भारत को जवाबी कार्रवाई करने के लिए मजबूर करेगी, जिससे सीजफायर को बनाए रखना मुश्किल हो जाएगा. इससे पहले, CNN-News18 ने बताया था कि कैसे इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) की मदद से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) क्षेत्र के तीन अलग-अलग समूहों में आतंकी शिविर चलाए जा रहे हैं. मनशेरा, मुजफ्फराबाद और कोटली में शिविर चलाए जा रहे हैं, सूत्रों ने कहा था कि लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), जैश-ए-मोहम्मद (जेएम), अल-बदर और हरकत-उल-मुजाहिदीन के वहां शिविर चल रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि शिविर मुख्य रूप से आगे के क्षेत्रों में लॉन्च पैड के लिए फीडर के रूप में काम करते हैं.

शिविर में युवाओं को दी जाती है हथियार चलाने की ट्रेनिंग
सूत्रों ने बताया कि शिविरों में पाकिस्तान के पंजाब से भर्ती किए गए युवाओं को हथियारों के इस्तेमाल और आत्मघाती हमलों का प्रशिक्षण दिया जाता है. सूत्रों ने कहा कि वे सर्दियों से ठीक पहले चले जाते हैं और श्रीनगर से ओवरग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) उनके पर्यवेक्षक के रूप में काम करते हैं. CNN-News18 ने इससे पहले ISI के एक सेवानिवृत्त अधिकारी से बात की थी, जिन्होंने नाम न छापने की शर्त पर अपने ब्लूप्रिंट का खुलासा किया था.

मिशन कश्मीर को फिर से सक्रिय कर रहा था ISI
अधिकारी के अनुसार क्षेत्र में अस्तित्व के लिए आईएसआई अपने ‘मिशन कश्मीर’ को फिर से सक्रिय कर रहा था. अधिकारी ने कहा था कि आईएसआई लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), जैश मोहम्मद (जेएम), तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के कुछ पाकिस्तान समर्थक लड़ाकों और अन्य का इस्लामिक स्टेट के साथ एक नया गठबंधन बना रहा है, जिसका नाम विलायह हिंद (आईएसएचपी) है.

Tags: India, LOC, Pakistani Terrorist

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