PoK पर पाकिस्तान की नई चाल, गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव की तैयारी

पाकिस्तान के पीएम इमरान खान (PTI)
पाकिस्तान के पीएम इमरान खान (PTI)

एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के मुताबिक, कश्मीर (Kashmir) और गिलगित-बाल्टिस्तान (Gilgit-Baltistan) मामलों के मंत्री अली अमीन गंडापुर ने बुधवार को यह बात कही. अली अमीन ने कहा है कि प्रधानमंत्री इमरान खान (Pakistan PM Imran Khan) जल्द ही क्षेत्र का दौरा करेंगे और इसका औपचारिक ऐलान करेंगे.

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  • Last Updated: September 18, 2020, 10:01 AM IST
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान (Pakistan) की इमरान खान सरकार (Imran Khan Government) अवैध रूप से कब्जा किए गए गिलगित-बाल्टिस्तान (Gilgit Baltistan) क्षेत्र को देश का पांचवां प्रांत बनाकर जल्द ही एकीकृत करने की तैयारी कर रही है. एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के मुताबिक, कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान मामलों के मंत्री अली अमीन गंडापुर ने बुधवार को यह बात कही. अली अमीन ने कहा है कि प्रधानमंत्री इमरान खान जल्द ही क्षेत्र का दौरा करेंगे और इसका औपचारिक ऐलान करेंगे.

अली अमीन के मुताबिक, इस क्षेत्र को नेशनल असेंबली और सीनेट समेत हर संवैधानिक निकाय में पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाएगा, नवंबर में यहां चुनाव कराए जाएंगे. वहीं भारत का इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख है और इसने इसे लेकर साफ कहा है कि गिलगित-बल्टिस्तान समेत जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का क्षेत्र उसके अंतर्गत आता है.

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मंत्री ने कहा, 'सभी पक्षकारों से विचार-विमर्श के बाद संघीय सरकार ने गिलगित-बाल्टिस्तान को संवैधानिक अधिकार देने पर सैद्धांतिक सहमति जताई है. चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीसीई) के तहत मोकपोंदास विशेष आर्थिक क्षेत्र पर भी काम शुरू किया जाएगा. हमारी सरकार ने वहां के लोगों से किए गए वादे को पूरा करने का फैसला किया है.'


अली अमीन ने कहा, 'क्षेत्र को दिए जाने वाले गेहूं पर सब्सिडी और कर छूट तब तक जारी रहेगी, जब तक वहां के लोग अपने पैरों पर खड़े नहीं हो जाते. पिछले 73 वर्षों से गिलगित-बाल्टिस्तान के लोगों को वंचित रहना पड़ा है. क्षेत्र के आगामी चुनावों के बारे में गंडापुर ने कहा कि मतदान नवंबर के मध्य में होगा और उम्मीदवारों को पार्टी टिकटों का वितरण जल्द ही शुरू होगा.'

उन्होंने यह भी खुलासा किया कि पाकिस्तान की सत्ताधारी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) किसी भी स्थानीय पार्टी के साथ चुनावी गठबंधन में प्रवेश कर सकती है, लेकिन वह पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के साथ किसी प्रकार का कोई गठबंधन नहीं करेगी. (PTI इनपुट के साथ)
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