पाक: इस्लामाबाद में बनेगा पहला हिंदू मंदिर, 10 करोड़ देगी इमरान सरकार

पाक में मानवाधिकारों पर संसदीय सचिव लाल चंद माल्ही ने मंगलवार को मंदिर का शिलान्यास किया (फोटो: Twitter)
पाक में मानवाधिकारों पर संसदीय सचिव लाल चंद माल्ही ने मंगलवार को मंदिर का शिलान्यास किया (फोटो: Twitter)

खबर के मुताबिक, धार्मिक मामलों के मंत्री (Minister of Religious Affairs) पीर नूर-उल-हक कादरी ने कहा कि सरकार (Government), मंदिर (Temple) के निर्माण का खर्च उठाएगी जिस पर फिलहाल अनुमानित तौर पर 10 करोड़ रुपये का खर्च आएगा.

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इस्लामाबाद. पाकिस्तान (Pakistan) ने राजधानी इस्लामाबाद (Islamabad) में पहले हिंदू मंदिर (Hindu Temple) के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस पर 10 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. राजधानी (Capital) के एच-9 इलाके में 20,000 वर्ग फुट के प्लॉट पर कृष्ण मंदिर (Krishna Temple) बनाया जाएगा. मानवाधिकारों पर संसदीय सचिव (Parliamentary Secretary on Human Rights) लाल चंद माल्ही ने मंगलवार को मंदिर का शिलान्यास (Foundation stone) किया. लोगों को संबोधित करते हुए माल्ही ने कहा कि इस्लामाबाद और आसपास के इलाकों में 1947 से पहले के मंदिरों के कई ढांचे हैं, लेकिन उन्हें छोड़ दिया गया है और इस्तेमाल नहीं किया जाता है.

डॉन न्यूज़ ने माल्ही के हवाले से कहा है कि बीते दो दशक में इस्लामाबाद में हिंदू आबादी (Hindu Population) खासी बढ़ी है, इसलिए मंदिर की जरूरत है. उन्होंने इस्लामाबाद में अल्पसंख्यक समुदाय (Minority Community) के लिए शवदाह गृह (crematory) की कमी की भी बात कही. खबर के मुताबिक, धार्मिक मामलों के मंत्री (Minister of Religious Affairs) पीर नूर-उल-हक कादरी ने कहा कि सरकार मंदिर के निर्माण का खर्च उठाएगी जिस पर फिलहाल अनुमानित तौर पर 10 करोड़ रुपये का खर्च आएगा.

कादरी ने मंदिर के लिए विशेष अनुदान का मामला पीएम इमरान खान के सामने रखा
खबर में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि कादरी ने मंदिर के लिए विशेष अनुदान का मामला प्रधानमंत्री इमरान खान (PM Imran Khan) के सामने रखा है. इस्लामाबाद हिंदू पंचायत ने मंदिर का नाम श्री कृष्ण मंदिर रखा है.
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राजधानी विकास प्राधिकरण (CDA) ने हिंदू पंचायत को मंदिर के लिए 2017 में ज़मीन दी थी, लेकिन कुछ औपचारिकताएं पूरी करने के कारण मंदिर के निर्माण में देरी हुई. मंदिर परिसर में एक श्मशान घाट भी होगा.
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