पाकिस्‍तान में फ्रांस का विरोध, क्‍या ईद से पहले फ्रांसीसी राजदूत को निकालेगी सरकार!

पाकिस्‍तान सरकार पर दबाव बना रहे हैं कट्टरपंथी. (File pic)

पाकिस्‍तान सरकार पर दबाव बना रहे हैं कट्टरपंथी. (File pic)

लाहौर पुलिस ने तहरीक-ए-लब्बैक के साद हुसैन रिजवी को गिरफ्तार कर लिया है. अपने नेता की गिरफ्तारी के विरोध में हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर आ गए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 13, 2021, 3:24 PM IST
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नई दिल्‍ली. पाकिस्‍तान (Pakistan) में कट्टरपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक ने फ्रांसीसी राजदूत (France Ambassador) को देश से बाहर निकाले जाने की मांग को लेकर इमरान खान सरकार के खिलाफ लाहौर में जमकर प्रदर्शन किया था. इन प्रदर्शन और उत्‍पात के बाद लाहौर पुलिस ने तहरीक-ए-लब्बैक के साद हुसैन रिजवी को गिरफ्तार कर लिया है. अपने नेता की गिरफ्तारी के विरोध में हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर आ गए और पुलिसकर्मियों पर हमला शुरू कर दिया. दोनों ही तरफ से लाठी डंडे चले और पत्थरबाजी हुई. बेकाबू भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे. इसके साथ ही उत्‍पातियों पर पानी की बौछारें भी छोड़ी गईं.

पाकिस्‍तान में इस समय जो हो रहा है, उसकी शुरुआत नवंबर 2020 में हुई थी. उस समय फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अभिव्यक्ति की आजादी की एक कक्षा में इस्लाम धर्म की स्थापना करने वाले पैगंबर हजरत मोहम्मद का कार्टून दिखाया था. उनके इस कार्य से कट्टरपंथी भड़क गए थे. इसके बाद उन्‍होंने शिक्षक सैमुएल पैटी की हत्या कर दी थी. इस पर राष्‍ट्रपति मैक्रों ने पैटी का ही समर्थन किया था. इस कारण टीएलपी भड़क उठा और उसने फ्रांसीसी राजदूत को 20 अप्रैल से पहले पाकिस्‍तान से बाहर निकाल देने की मांग की.

ऐसा नहीं होने पर साद रिजवी ने सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर फ्रांसीसी राजदूत को बाहर नहीं किया गया तो इसके विरोध में प्रदर्शन किए जाएंगे. अब कट्टरपंथियों की धमकी से पाकिस्‍तान इमरान खान सरकार डरी नजर आ रही है. सरकार ने नेशनल असेंबली में इस संबंध में एक अहम प्रस्ताव पेश किया है. इस अहम प्रस्ताव को लाने का निर्णय पाकिस्तान के कानून मंत्री फिरोज नसीम, धार्मिक मामलों के मंत्री नुरूल हक कादरी, आंतरिक मंत्री शेख रशीद और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में लिया गया.


ऐसे में अब माना जा रहा है कि पाकिस्‍तान की सरकार कट्टरपंथियों के दबाव में आकर फ्रांस के राजदूत को देश से बाहर निकालने की तैयारी कर रही है.
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