पाकिस्तान के विदेश मंत्री बोले- नवाज सरकार ने कुलभूषण जाधव केस उलझाया, हम भुगत रहे खामियाजा

कुरैशी ने कुलभूषण जाधव मामले पर हो रही सियासी बयानबाजी और इमरान सरकार के भारत के आगे घुटने टेक देने के आरोप को खारिज कर दिया. (PTI)

कुरैशी (Shah Mahmood Qureshi) ने कहा- 'पाकिस्तान के ऊपर इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस का दबाव है. सोचिए कि अगर हम यह बिल (रिव्यू एंड री-कन्सडरेशन एक्ट 2020) नहीं लाते तो क्या होता. भारत फिर इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) चला जाता. वहां से जो ऑर्डर आता, वो हमें मानना पड़ता. भारत भी यही चाहता है। विपक्ष को अब तो हालात को समझना चाहिए.'

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    इस्लामाबाद. पाकिस्तान (Pakitan) के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (Shah Mahmood Qureshi) ने कुलभूषण जाधव मामले (Kulbhushan Jadhav) को पिछली सरकार की लापरवाही का नतीजा बताया है. कुरैशी के मुताबिक, नवाज शरीफ की सरकार ने भारतीय नागरिक जाधव के मामले को अगर ठीक तरीके से हैंडल किया होता, तो आज इमरान सरकार (Imran Khan) को नया बिल नहीं लाना पड़ता.

    पंजाब प्रांत के मुल्तान में मीडिया से बातचीत में कुरैशी ने कुलभूषण जाधव मामले पर हो रही सियासी बयानबाजी और इमरान सरकार के भारत के आगे घुटने टेक देने के आरोप को खारिज कर दिया. कुरैशी ने कहा- 'नवाज शरीफ ने इस मामले को बहुत गलत तरीके से हैंडल किया. हम इसका खामियाजा भुगत रहे हैं. पाकिस्तान के ऊपर इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस का दबाव है. सोचिए कि अगर हम यह बिल (रिव्यू एंड री-कन्सडरेशन एक्ट 2020) नहीं लाते तो क्या होता. भारत फिर इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) चला जाता. वहां से जो ऑर्डर आता, वो हमें मानना पड़ता. भारत भी यही चाहता है। विपक्ष को अब तो हालात को समझना चाहिए.'

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    कुरैशी ने कहा, ' पीएमएल-एन सरकार ने कुलभूषण जाधव मामले को उलझा दिया.' हालांकि, उन्होंने इस बात का ब्योरा नहीं दिया कि पूर्ववर्ती सरकार ने 2013-18 के अपने शासनकाल के दौरान कैसे इस मामले को उलझा दिया?

    बता दें कि भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी 51 वर्षीय कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जासूसी व आतंकवाद के आरोपों में अप्रैल 2017 में मौत की सजा सुनाई थी. भारत ने जाधव को वकील उपलब्ध नहीं कराने और मौत की सजा के फैसले को आईसीजे में चुनौती दी थी.

    क्या था आईसीजे का फैसला?
    द हेग स्थित आईसीजे ने जुलाई 2019 में फैसला दिया कि पाकिस्तान को जाधव को दोषी ठहराने और सजा सुनाने संबंधी फैसले की ‘‘प्रभावी समीक्षा और पुनर्विचार” करना चाहिए. साथ ही कोर्ट ने कहा कि बिना किसी देरी के भारत को जाधव के लिए राजनयिक पहुंच उपलब्ध कराने देने का भी अवसर देना चाहिए. अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने अपने 2019 के फैसले में पाकिस्तान को, जाधव को दी गई सजा के खिलाफ अपील करने के लिए उचित मंच उपलब्ध कराने को कहा था.

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    कुलभूषण जाधव को मिलेगा अपील का अधिकार
    पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने सरकार समर्थित एक विधेयक पारित किया है, जो सजायाफ्ता भारतीय कैदी कुलभूषण जाधव को अपील का अधिकार देगा. मीडिया में आई एक खबर में यह जानकारी सामने आई है. ‘डॉन’ समाचार-पत्र ने खबर दी कि नेशनल असेंबली ने अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (समीक्षा और पुनर्विचार) विधेयक, 2020 को गुरुवार को पारित किया, जिसका लक्ष्य कथित भारतीय जासूस जाधव को आईसीजे के फैसले के अनुरूप राजनयिक पहुंच उपलब्ध कराना है. (एजेंसी इनपुट के साथ)

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