पाकिस्तानी सेना की भारत को धमकी- 'इसे 1971 ना समझें, ये 2019 है'

पाकिस्तानी सेना की भारत को धमकी- 'इसे 1971 ना समझें, ये 2019 है'
पाकिस्तान की भारत को धमकी, 'इसे 1971 ना समझें, ये 2019 है' (News18/AP)

इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस के डीजी मेजर जनरल आसिफ गफूर ने भारत के रॉ पर पश्तून विरोधी आंदोलन की कथित फंडिंग का आरोप लगाया है.

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पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने दावा किया है कि उनकी ज़मीन पर अब कोई आतंकी संगठन सक्रिय नहीं है. साथ ही कहा है कि कुछ अतिवादी संगठन ज़रूर हैं, जिनसे निपट लिया जाएगा. ये दावा ऐसे वक्त किया गया है जब संयुक्त राष्ट्र जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अज़हर पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में काम कर रहा है. मसूद अज़हर पाकिस्तान में रहता है और वहीं से अपनी गतिविधियों को अंजाम देता है.

इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस के डीजी मेजर जनरल आसिफ गफूर ने भारत की ख़ुफ़िया एजेंसी रॉ पर पश्तून विरोधी आंदोलन की कथित फंडिंग का आरोप भी लगाया. गफूर ने कहा, भारत को याद रखना चाहिए कि ये 1971 नहीं है जब बांग्लादेश पाकिस्तान से अलग हुआ था. उन्होंने भारत को चुनौती दी कि बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद की कार्रवाई से जुड़े सुबूत सार्वजनिक किए जाएं.

पाकिस्तान ने मार्च में 69 आतंकी संगठनों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी, लेकिन हिज़बुल मुजाहिद्दीन समेत कई ऐसे आतंकी संगठन भी हैं जो बेधड़क वहां सक्रिय हैं. भारत की प्रतिबंधित सूची में शामिल आधे से ज्यादा आतंकी संगठन अब भी पाकिस्तानी ज़मीन से ऑपरेट किए जा रहे हैं.



प्रतिबंधित सूची में शामिल कई आतंकी संगठनों के प्रमुख जैसे मसूद अज़हर और हाफिज़ सईद पाकिस्तान के अंदर बिना रोकटोक घूम रहे हैं. 26/11 हमलों का मुख्य आरोपी और लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी ज़कीउर-रहमान-लखवी अब रिहा हो चुका है.
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