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कॉम्बैट ड्रोन के लिए पुराने एयर बेस के रनवे को तैयार कर रहा पाकिस्तान, भारतीय सेना हर मूवमेंट पर रख रही नजर

ड्रोन बेस का इसेतमाल पाकिसतान अपने बराक यूएवी के ऑप्रेशन के लिंए करने वाला है.

ड्रोन बेस का इसेतमाल पाकिसतान अपने बराक यूएवी के ऑप्रेशन के लिंए करने वाला है.

पाकिस्तान टर्की के साथ मिलकर भी ड्रोन (Drone) बनाने पर काम कर रहा है. भारतीय सेना पाकिस्तान (Pakistan) की हर एक मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है. ड्रोन का खतरा तो पहले से ही जताया जा रहा था, लेकिन पिछले महीने जम्मू के एयरफ़ोर्स स्टेशन पर हुए ड्रोन हमले ने आशंका को सच साबित कर दिया.

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    नई दिल्ली:  भारत और पाकिस्तान के बीच फिलहाल सीजफायर है लेकिन पाकिसतान (Pakistan) की भारत के ख़िलाफ़ साज़िशों तैयारियों पर कोई सीज फायर नही है. तकनीकि तौर पर पाकिस्तान भारतीय इलाको में तांक झांक करने के लिए पाकिसतान एलओसी के बेहद करीब अपने ड्रोन के बेस (Drone Base) को मज़बूत कर रहा है. खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक़ पाकिसतान ने पुछ के दूसरी ओर रावलाकोट में पिछले चार साल ये बंद पड़े अपने रनवे (Closed Runway) को फिर से शुरू कर रहा है और चौंकाने वाली बात तो ये है कि इस रनवे का इस्तेमाल पाकिसतान अपने ड्रोन और यूएवी के उड़ान भरवाने के लिए तैयार कर रहा है.

    सूत्रो के मुताबिक रावलाकोट का एयर स्ट्रिप 3000 फिट लंबा और 80 फिट चौड़ा कंक्रीट का रनवे है, जिसे सैन्य यूएवी के ऑपरेशन के लिये दुरुस्त किया जा रहा है. इस एयर स्ट्रिप पर किसी भी स्थानीय लोगो के आने जाने पर पाबंदी है. हाल ही में पाकिसतान के 12 इंफेन्ट्री डिविज़न के जनरल ऑफ़िसर कमांडिग ने इस एयर स्ट्रिप का दौरा किया था और इस एयर स्ट्रिप को फिर से इस्तेमाल मैं लाने के लिए तैयार करने को कहा था. इस ड्रोन बेस का इसेतमाल पाकिसतान अपने बराक यूएवी के ऑप्रेशन के लिंए करने वाला है.

    एयर बेस को ड्रोन के लिए इस्तेमाल कर सकता है

    हांलाकि उस बेस से वो अपने अन्य यूएवी और ड्रोन के इस्तेमाल कर सकता है. बुर्रक पाकिस्तान का एक आर्मड ड्रोन है जिसमें लेजर गाइडेड एयर टू सर्फेस मिसाईल बराक से लेस किया गयाहै. इसी साल जून के महीने मैं इसका टेस्ट फायर भी किया गया है. बताया जाता है कि ये यूसीएवी यानी कि अनमैंड कांबेट एरियाल वेहिकल को पाकिस्तानी नेश्नल इंजीनियरिंग एंड साइंटिफिक कमिशन और पाकिस्तानी एयरफोर्स ने मिलकर इसे बनाया है. ये 2013 से पाकिस्तानी सेना का हिस्सा है और पहली बार 2015 में इसका इस्तेमाल किसी ऑपरेशन में किया गया था.

    पाकिस्तान के पास 96 मिलेट्री यूएवी

    फिलहाल पाकिसतान के पास 6 तरह के कुल 96 मिलेट्री यूएवी है जिनमें सर्वेलास , रिकॉनेसेंस और स्ट्राइक यूएवी है. हाल ही में चीन ने पाकिस्तान को CH-4 ड्रोन दिए है जो कि रेकोनेन्स और स्ट्राइक करने की क्षमता रखाता है. पाकिस्तान चीन से विंगलूंग -II यूएवी भी ले रहा है जो कि इसी साल 2021 में आना शुरू भी हो जाएगा. इसी साल जून के महीने में ही पाकिसतान ने S-250 मिनीयूएवी की ट्रेनिग शुरू की थी इसे हर लिहाज से सबसे अच्छे यूएवी बताया जा रहा है इन यूएवी का इस्तेमाल निगरानी रखने के किया जाता है.

    टर्की के साथ मिलकर ड्रोन बना रहा पाकिस्तान

    पाकिस्तान टर्की के साथ मिलकर भी ड्रोन बनाने पर काम कर रहा है. भारतीय सेना पाकिस्तान की हर एक मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है. ड्रोन का खतरा तो पहले से ही जताया जा रहा था लेकिन पिछले महीने जम्मू के एयरफ़ोर्स स्टेशन पर हुए ड्रोन हमले ने आशंका को सच साबित कर दिया. पाकिस्तान एक तरफ तो अपने मिलेट्री ड्रोन के नई दो ब्रिगेड स्थापित कर रहा है तो वही आतंकियों को ड्रोन से हमला करने की ट्रेनिग भी दे रही है एसे में भारतीय सेना की चिंता बढ़ना स्वभाविक है.

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