कुलभूषण जाधव को मिला दूसरा कॉन्सुलर एक्सेस, विदेश मंत्रालय पहुंचे अधिकारी

कुलभूषण जाधव को मिला दूसरा कॉन्सुलर एक्सेस, विदेश मंत्रालय पहुंचे अधिकारी
पाकिस्तान आरोप लगाता है कि कुलभूषण जाधव एक जासूस है.

पाकिस्तान (Pakistan) की जेल में कैद भारतीय नागरिक और पूर्व नौसेना ऑफिसर कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) को लेकर एक बार फिर खींचतान शुरू हो गई है. पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आ रहा है. जाधव को मौत की सजा सुनाई गई है.

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नई दिल्ली. पाकिस्‍तान (Pakistan) की जेल में कैद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) को दूसरा कॉन्सुलर एक्‍सेस (Consular access) मिल गया है. काउंसुलर एक्सेस मिलने के बाद ही भारतीय अधिकारी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय पहुंचे हैं. जासूसी के आरोप में पाकिस्‍तान की सैन्‍य अदालत की ओर से मौत की सजा पाने वाले भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव इस समय पाकिस्‍तान की जेल में बंद है.

इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के दो कॉन्सुलर अधिकारियों को कुलभूषण जाधव तक 1500 घंटे में बिना रुके और निर्बाध रूप से मिलने की इजाजत दी गई है. इस बीच दोनों भारतीय अफसरों की जाधव से मुलाकात हो रही है. जाधव जिस जगह है उसे सब जेल घोषित किया गया है. सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक उन्हें अलग कार से पहुंचाया गया. उनकी गाड़ियां पाक विदेश मंत्रालय के ऑफिस में पार्क की गई हैं.

बता दें कि भारत की मांग रही है कि जाधव से भारत के दो अधिकारियों को मिलने दिया जाए. इसके साथ ही बातचीत की भाषा अंग्रेज़ी न तय की जाए और वकील भी पाकिस्तान से बाहर का करने दिया जाए.



कानूनी विकल्प की तलाश
हाल ही में पाकिस्तान ने यह दावा किया था कि जाधव ने रिव्यू पिटिशन दायर करने से इंकार कर दिया है. पाकिस्तान के इस दावे के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि जाधव पर पाकिस्तान का दावा दूरगामी है. भारत जाधव को बचाने के लिए सभी कानूनी विकल्प तलाश रहा है. मंत्रालय ने पाकिस्तान के दावे को लेकर कहा है कि इनका यह दावा पिछले 4 सालों से चल रहे फरेब का हिस्सा है.

केस में अब तक क्या हुआ?
कुलभूषण जाधव पाकिस्तान की जेल में साल 2016 से हैं. पाकिस्तान आरोप लगाता है कि कुलभूषण जाधव एक जासूस है. हालांकि, भारत की ओर से इस दावे को कई बार नकारा जा चुका है. पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने 3 मार्च 2016 को जासूसी और आतंकवाद के आरोप में बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया था. साल 2017 में भारत ने इस मामले को ICJ में उठाया. पिछले साल जुलाई में कोर्ट ने पाकिस्तान से कहा कि वो कुलभूषण जाधव को कॉन्सुलर एक्सेस (Consular Access) दे और फांसी की सजा पर फिर से विचार करे.
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