लाइव टीवी

पाकिस्तान ने पहले सऊदी अरब की शह पर मलेशिया को किया खफा, अब इमरान ऐसे मनाएंगे

भाषा
Updated: January 29, 2020, 6:22 PM IST
पाकिस्तान ने पहले सऊदी अरब की शह पर मलेशिया को किया खफा, अब इमरान ऐसे मनाएंगे
इमरान खान ने सम्मेलन में शामिल न हो पाने के बाद मलेशियाई राष्ट्रपति महातिर मोहम्मद के साथ बात भी की थी. फाइल फोटो.एपी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने पहले मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद (Mahathir Mohamad) द्वारा आयोजित सम्मेलन में हिस्सा लेने की पुष्टि की थी, लेकिन आखिरी समय में सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के दबाव के चलते इसमें शामिल नहीं हुए थे.

  • Share this:
इस्लामाबाद. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) मलेशिया (Malaysia) की कथित नाराजगी दूर करने के लिए अगले सप्ताह कुआलालंपुर की यात्रा करेंगे. इमरान खान ने सऊदी अरब (Saudi Arab) के कथित दबाव में मुस्लिम देशों के एक बड़े सम्मेलन में हिस्सा नहीं लिया था. यह जानकारी बुधवार को मीडिया की एक खबर में दी गई. इमरान खान ने 19 से 21 दिसम्बर को मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद (Mahathir Mohamad) द्वारा आयोजित उक्त सम्मेलन में हिस्सा लेने की पुष्टि की थी, लेकिन आखिरी समय में सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के दबाव के चलते इसमें शामिल नहीं हुए थे. सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहे पाकिस्तान के प्रमुख वित्तीय मददगार हैं.

सऊदी अरब ने कुआलालंपुर में आयोजित सम्मेलन को मुस्लिम जगत में एक नया ब्लॉक बनाने के एक प्रयास के दौर पर देखा था, जो अब सामान्य तरीके से संचालित नहीं हो रहे आर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोआपरेशन (ओआईसी) का एक विकल्प बन सकता है. सऊदी अरब के मंत्री शहजादे फैजल बिन फरहान ने सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेने के लिए पाकिस्तान का अभार जताने के वास्ते पिछले महीने इस्लामाबाद की यात्रा की थी.

‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने बुधवार को खबर दी थी कि इमरान खान का तीन-चार फरवरी से कुआलालंपुर की एक आधिकारिक यात्रा करने का कार्यक्रम है. कार्यक्रम में शामिल नहीं होने के बाद इमरान ने मलेशियाई प्रधानमंत्री से फोन पर बात की थी और सम्मेलन के बाद यात्रा करने की बात कही थी. खबर में कहा गया है कि ऐसा माना जाता है कि इमरान खान इस यात्रा का इस्तेमाल महातिर मोहम्मद को पाकिस्तान के सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेने का कारण बताने के लिए करेंगे.

साथ ही पाकिस्तान तुर्की द्वारा यह आरोप लगाए जाने के बाद से उससे सम्पर्क बनाने का प्रयास कर रहा है कि सऊदी अरब की चेतावनी के चलते इस्लामाबाद सम्मेलन में शामिल नहीं हुआ. खबर में कहा गया कि तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन की फरवरी में प्रस्तावित पाकिस्तान की यात्रा से दोनों देशों के बीच किसी अविश्वास को दूर करने में मदद मिलेगी.

यह भी पढ़ें...
कोरोना वायरस से अर्थव्यवस्था पर बुरा असर, क्या भारत भी होगा प्रभावित?

लाहौर : खालिस्तानी नेता 'हैप्पी PhD' की हत्या, RSS नेताओं की हत्या का था आरोपी

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पाकिस्तान से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 29, 2020, 6:22 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर